लहसुन की खेती: बीज से लेकर बुवाई और देखभाल तक – जानें किसानों के लिए उपयोगी टिप्स

  • On: December 1, 2025
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लहसुन की खेती के लिए बीज, बुवाई और देखभाल टिप्स

लहसुन (Garlic) एक महत्वपूर्ण और प्रचलित मसाला है, जिसे भारतीय रसोई में बहुत उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, लहसुन की खेती किसानों के लिए एक फायदेमंद व्यवसाय हो सकता है। यदि आप भी लहसुन की खेती करने का सोच रहे हैं, तो आपको इस लेख में दी गई जानकारी जरूर पढ़नी चाहिए। इसमें हम आपको लहसुन की खेती से जुड़े सभी जरूरी पहलुओं के बारे में बताएंगे, ताकि आप इस कृषि उत्पाद को आसानी से उगा सकें और अच्छा मुनाफा कमा सकें।

1. लहसुन की खेती के लिए भूमि का चयन

लहसुन की खेती के लिए भूमि का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। यह फसल ठंडी जलवायु में अच्छी तरह उगती है। इसके लिए हल्की बलुई या दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त रहती है, जो अच्छे जल निकासी की क्षमता वाली हो। लहसुन को सामान्यत: 6.5 से 7.5 pH वाले मृदा में उगाना सबसे अच्छा होता है।

2. बीज का चयन और तैयारी

लहसुन की खेती के लिए बीज का चयन करते समय यह सुनिश्चित करें कि बीज स्वास्थ्यपूर्ण और प्रमाणित हो। आप नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSC) से बैंगनी छिलके वाली लहसुन की किस्म खरीद सकते हैं। यह किस्म 120 से 135 दिनों में तैयार हो जाती है और औसतन 6-7 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है। बीजों को रोपने से पहले अच्छी तरह से छांट लें, ताकि केवल अच्छे और स्वस्थ बीज ही बुवाई के लिए इस्तेमाल हों।

3. बुवाई का समय

लहसुन की बुवाई आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच की जाती है। यह फसल ठंडी मौसम में अच्छी होती है, इसलिए बुवाई के लिए सर्दियों का समय सबसे उपयुक्त होता है। बुवाई से पहले भूमि को अच्छे से जोत लें और उसमें उर्वरक मिश्रण डालकर उसे समतल कर लें।

4. बुवाई विधि

लहसुन के बीज (जो कि कलियाँ होती हैं) को भूमि में 5 से 7 सेंटीमीटर गहरे और 15 से 20 सेंटीमीटर की दूरी पर रोपें। बीजों को ऐसे स्थान पर रखें जहां उनकी जड़ें आसानी से फैल सकें। हर कली से एक नया पौधा उत्पन्न होता है, जो बाद में पूरी लहसुन की कलियों में बदल जाता है।

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5. सिंचाई की आवश्यकता

लहसुन की खेती में सिंचाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसकी शुरुआत में हल्की सिंचाई की आवश्यकता होती है, लेकिन जैसे-जैसे पौधे बढ़ते हैं, सिंचाई की आवश्यक्ता कम होती है। अधिक पानी से पौधों की जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए जल निकासी का ध्यान रखें। फसल को सर्दियों में अधिक पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन गर्मियों में हल्की सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है।

6. उर्वरक और पोषण

लहसुन की फसल को अच्छे से बढ़ाने के लिए कुछ विशेष उर्वरकों का उपयोग करना जरूरी है। बुवाई के समय जैविक खाद (compost) और नाइट्रोजन, फास्फोरस, और पोटाश (NPK) का संतुलित मिश्रण डालें। फसल के बढ़ते समय में जरूरत के अनुसार उर्वरक देने से पैदावार में वृद्धि होती है।

7. खरपतवार नियंत्रण

लहसुन की फसल में खरपतवारों से छुटकारा पाना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये पौधों के पोषण को प्रभावित कर सकते हैं। खेत में खरपतवारों को हटाने के लिए सही समय पर निराई-गुड़ाई करना आवश्यक है। इसके अलावा, जैविक उपायों का भी उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि मुल्चिंग।

8. फसल की देखभाल

लहसुन की फसल में कीटों और बीमारियों का प्रकोप भी हो सकता है, खासकर अत्यधिक नमी वाले मौसम में। आपको नियमित रूप से फसल की निगरानी करनी चाहिए और आवश्यकतानुसार कीटनाशक का उपयोग करना चाहिए।

9. फसल की कटाई

लहसुन की फसल 120 से 135 दिनों के भीतर तैयार हो जाती है। जब पत्तियाँ सूखने लगे और नीचे गिरने लगे, तो समझ लें कि फसल कटाई के लिए तैयार है। फसल को सावधानी से उखाड़ें और छाया में सुखाने के लिए रख दें। लहसुन को अच्छी तरह से सूखा कर संग्रहित करना जरूरी है, ताकि यह खराब न हो।

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10. लहसुन के बीज ऑनलाइन खरीदने की सुविधा

आजकल आप नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSC) से लहसुन के बीज ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर आपको उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिलते हैं जो अच्छी पैदावार देने में मदद करते हैं।

निष्कर्ष

लहसुन की खेती करने से किसानों को अच्छा मुनाफा हो सकता है, लेकिन इसके लिए उचित देखभाल और खेती के सही तरीके का पालन करना जरूरी है। अगर आप इन सभी महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखते हुए लहसुन की खेती करते हैं, तो निश्चित ही आप इससे अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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