Ballad of the East’ किस नृत्य को कहा जाता है? जानिए कथकली की अद्भुत परंपरा

  • On: February 20, 2026
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Traditional Kathakali dancer in green face makeup and elaborate costume performing classical dance drama from Kerala India

भारत की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। शास्त्रीय नृत्यों की इस समृद्ध परंपरा में एक ऐसा नृत्य भी है जिसे ‘Ballad of the East’ (पूरब की गाथा) और ‘Ballet of the East’ कहा जाता है। यह नृत्य है – Kathakali।

कथकली केवल नृत्य नहीं, बल्कि भाव, संगीत, रंगमंच और साहित्य का अद्भुत संगम है। आइए विस्तार से जानते हैं इस भव्य कला के इतिहास, विशेषताओं और रोचक तथ्यों के बारे में।

नृत्य की प्राचीन परंपरा: एक संक्षिप्त परिचय

नृत्य मानव सभ्यता की सबसे पुरानी कलाओं में से एक है। भारत के Bhimbetka Rock Shelters में मिले 10,000 से 30,000 वर्ष पुराने शैलचित्र इस बात का प्रमाण हैं कि प्रारंभिक मानव भी नृत्य के माध्यम से संवाद और सामूहिकता का अनुभव करता था।

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि लयबद्ध गति से मस्तिष्क में ऐसे रसायन स्रावित होते हैं जो खुशी और जुड़ाव की भावना बढ़ाते हैं। यही कारण है कि नृत्य आज भी सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

‘Ballad of the East’ क्यों कहलाता है कथकली?

कथकली का उद्भव 17वीं शताब्दी (लगभग 1650–1660 ई.) में केरल में हुआ। यह प्राचीन नृत्य-नाट्य शैलियों Krishnanattam और Ramanattam से विकसित हुआ।

इसे ‘Ballad of the East’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि:

  • यह संगीत और नृत्य के माध्यम से एक काव्यात्मक कथा प्रस्तुत करता है।

  • इसमें महाकाव्यों और पुराणों की गाथाएँ जीवंत की जाती हैं।

  • यह पूर्ण रूप से गैर-मौखिक (Non-verbal) कला है – कलाकार बोलते नहीं, केवल अभिनय करते हैं।


कथकली की मुख्य विशेषताएँ

1. 24 मूल मुद्राएँ (Mudras)

कथकली में 24 आधारभूत हस्त-मुद्राएँ होती हैं, जिनसे लगभग 470 से अधिक अर्थ व्यक्त किए जा सकते हैं।

2. नेत्राभिनय (Netra Abhinaya)

कलाकार “नेत्र व्यायाम” द्वारा आँखों को 9 दिशाओं में घुमाने का अभ्यास करते हैं। इससे भावों की तीव्र अभिव्यक्ति संभव होती है।

3. विशिष्ट मेकअप (Veshams)

  • हरे रंग (पच्चा) से नायक पात्र दिखाए जाते हैं।

  • लाल रंग से राक्षसी या क्रोधी पात्र।

  • प्राकृतिक खनिजों से बना मेकअप लगाने में 3–5 घंटे लगते हैं।

4. चेंडा वादन

कथकली में Chenda नामक ढोल का प्रयोग होता है। इसकी तीव्र ध्वनि दर्शकों में उत्साह और रोमांच उत्पन्न करती है।

5. लंबा मंचन

पारंपरिक प्रस्तुति सूर्यास्त से शुरू होकर पूरी रात चलती है और भोर में समाप्त होती है।

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7+ कम ज्ञात रोचक तथ्य

  1. कलाकार 8–10 वर्ष तक कठोर प्रशिक्षण लेते हैं।

  2. कुल 101 पारंपरिक नाटक (अट्टक्कथा) रचे गए, जिनमें से लगभग 30 ही आज नियमित रूप से खेले जाते हैं।

  3. कलाकार आँखों को लाल दिखाने के लिए ‘चुंडाप्पू’ फूल के बीज का उपयोग करते थे।

  4. सिर पर पहना जाने वाला मुकुट 5–10 किलो तक भारी होता है।

  5. कथकली में दर्पण न्यूरॉन्स (Mirror Neurons) सक्रिय होते हैं, जिससे दर्शक पात्र की भावनाओं को महसूस करते हैं।

  6. पैरों को बाहरी किनारों पर रखकर संतुलन बनाया जाता है।

  7. इसे “Total Theatre” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें साहित्य, संगीत, अभिनय, चित्रकला और नृत्य – पाँचों कलाओं का समावेश है।


कथकली को और किन नामों से जाना जाता है?

  • Ballad of the East

  • Ballet of the East

  • Saga of the East

  • Story-Play (‘कथा’ + ‘कली’)

  • Dance of the Gods


निष्कर्ष

कथकली केवल एक नृत्य शैली नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भव्य वेशभूषा, गहन नेत्राभिनय और लयबद्ध चेंडा वादन इसे विश्व मंच पर अद्वितीय बनाते हैं।

‘Ballad of the East’ के नाम से प्रसिद्ध कथकली आज भी हमें यह सिखाती है कि कला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि परंपरा, विज्ञान और आध्यात्मिकता का संगम है।

यदि आप भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के बारे में और जानना चाहते हैं, तो कथकली की एक लाइव प्रस्तुति अवश्य देखें – यह अनुभव जीवनभर याद रहेगा।

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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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