कौन-सी भाषाएँ Alphabet (A–Z) का उपयोग नहीं करतीं?

  • On: January 20, 2026
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Alphabet के बिना भाषाओं का उदाहरण – चीनी और जापानी writing system की जानकारी हिंदी में

बिना वर्णमाला के भाषाएँ कैसे काम करती हैं – एक रोचक जानकारी

जब भी हम किसी भाषा को लिखने या पढ़ने की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले A से Z तक की वर्णमाला का ख्याल आता है। अंग्रेज़ी में 26 अक्षर हैं, हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है और अरबी की अपनी अलग लिपि है। इन सभी भाषाओं में पढ़ने-लिखने के लिए अक्षरों को पहचानना, उन्हें जोड़कर शब्द बनाना और सही उच्चारण करना ज़रूरी होता है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ भाषाएँ ऐसी भी हैं जिनमें कोई Alphabet ही नहीं होता? फिर भी करोड़ों लोग उन्हें आसानी से पढ़ते, लिखते और समझते हैं।
आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ अनोखी भाषाओं और उनकी लेखन प्रणालियों के बारे में।

चीनी भाषा: ध्वनि नहीं, अर्थ को दर्शाने वाली लिपि

मंदारिन चीनी (Mandarin Chinese) एक Logographic Language है। इसका मतलब यह है कि इसमें अक्षर किसी ध्वनि को नहीं, बल्कि पूरे शब्द या विचार को दर्शाते हैं।
चीनी भाषा में इस्तेमाल होने वाले चिन्हों को Characters कहा जाता है।

चीनी भाषा की खास बातें:

  • एक Character = एक अर्थ (जैसे पहाड़, बिल्ली, पानी)
  • fluent पढ़ने के लिए लगभग 3,000 Characters जानना ज़रूरी
  • कुल Characters की संख्या 50,000 से अधिक
  • सबसे पुराने चीनी लेखन हड्डियों और कांसे के बर्तनों पर मिले हैं

शुरुआत में ये Characters चित्रात्मक (Pictographs) थे, जो समय के साथ जटिल प्रतीकों में बदल गए।
हर Character छोटे भागों से बना होता है जिन्हें Radicals कहा जाता है, जो अर्थ या उच्चारण का संकेत देते हैं।

👉 चीनी भाषा में शब्दों को अक्षरों की तरह जोड़ा नहीं जाता, बल्कि एक ही चिन्ह पूरा शब्द या विचार व्यक्त कर देता है। यही कारण है कि इसे सीखना कठिन लेकिन बेहद अर्थपूर्ण माना जाता है।

जापानी भाषा: तीन लिपियों का अनोखा मिश्रण

जापानी भाषा को भी अक्सर चीनी के साथ जोड़ा जाता है, क्योंकि इसमें भी कोई पारंपरिक Alphabet नहीं है। लेकिन जापानी लेखन प्रणाली तीन अलग-अलग लिपियों का संयोजन है।

जापानी लेखन की तीन लिपियाँ:

  • Kanji – चीनी मूल के Characters, जो अर्थ दर्शाते हैं
  • Hiragana – एक Syllabary, जिसमें हर चिन्ह एक syllable (जैसे ka, mo) दर्शाता है
  • Katakana – विदेशी शब्दों, नामों और ध्वनि-अनुकरण (onomatopoeia) के लिए उपयोग

जापान में बच्चे पहले Hiragana और Katakana सीखते हैं, फिर स्कूल में धीरे-धीरे Kanji पढ़ना शुरू करते हैं। इन तीनों लिपियों का मेल जापानी भाषा को भाव, संदर्भ और शैली व्यक्त करने में बेहद सक्षम बनाता है।

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दुनिया की अन्य अनोखी लेखन प्रणालियाँ

हर भाषा A–Z जैसी वर्णमाला पर आधारित नहीं होती। दुनिया में कई प्रकार की लेखन प्रणालियाँ मौजूद हैं:

1. Logographic System

  • उदाहरण: चीनी भाषा
  • चिन्ह पूरे शब्द या विचार दर्शाते हैं

2. Syllabary

  • उदाहरण: जापानी Kana
  • हर चिन्ह एक पूर्ण syllable दर्शाता है

3. Abjad

  • उदाहरण: अरबी, हिब्रू
  • मुख्य रूप से व्यंजन लिखे जाते हैं, स्वर अक्सर नहीं लिखे जाते

4. Abugida

  • उदाहरण: देवनागरी (हिंदी), अम्हारिक (इथियोपिया)
  • व्यंजन के साथ स्वर चिह्न जुड़े होते हैं

5. केवल मौखिक भाषाएँ

  • कुछ भाषाओं का कोई लिखित रूप नहीं होता। वे कहानी-कथन और सांस्कृतिक स्मृति के ज़रिये पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रहती हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

मानव संचार की रचनात्मकता लेखन प्रणालियों में साफ दिखाई देती है। जहाँ Alphabet आधारित भाषाएँ ध्वनियों पर निर्भर होती हैं, वहीं Logographic और Syllabic भाषाएँ सीधे अर्थ और विचारों को दर्शाती हैं।

चाहे वह चीनी सुलेख की खूबसूरत रेखाएँ हों या जापानी लेखन की मिश्रित लिपियाँ—हर प्रणाली यह दिखाती है कि इंसान ने विचारों, ध्वनियों और अर्थों को पकड़ने के कितने अनोखे तरीके विकसित किए हैं।

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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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