ग्रेजुएशन के बाद नौकरी नहीं, खेती को बनाया करियर: दो बंगलों में मशरूम उगाकर बाराबंकी का किसान कमा रहा लाखों

  • On: January 27, 2026
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बाराबंकी के किसान कुलदीप वर्मा दो बंगलों में मशरूम की खेती करते हुए, जिससे लाखों रुपये की कमाई हो रही है

आज के दौर में जब युवा नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के एक किसान ने खेती को ही अपना भविष्य बना लिया। पारंपरिक खेती से हटकर मशरूम की उन्नत खेती को अपनाकर इस किसान ने न सिर्फ आत्मनिर्भरता हासिल की, बल्कि हर फसल से लाखों रुपये का मुनाफा भी कमा रहे हैं।

बाराबंकी के किसान कुलदीप वर्मा की यह कहानी उन युवाओं और किसानों के लिए प्रेरणा है, जो कम लागत में ज्यादा कमाई का रास्ता खोज रहे हैं।


बाराबंकी में बढ़ रही है मशरूम की खेती की लोकप्रियता

उत्तर प्रदेश के कई जिलों की तरह अब बाराबंकी में भी किसान नकदी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। मशरूम की खेती (Mushroom Cultivation) उनमें सबसे आगे है, क्योंकि:

  • यह साल भर की जा सकने वाली खेती है

  • कम जगह में अधिक उत्पादन संभव है

  • होटल, रेस्टोरेंट और शहरी बाजारों में हमेशा मांग रहती है

  • अन्य सब्जियों की तुलना में बाजार भाव ज्यादा मिलता है

इन्हीं वजहों से मशरूम किसानों की आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है।


किसान कुलदीप वर्मा की सफलता की कहानी

बाराबंकी जिले के फतहाबाद गांव के रहने वाले किसान कुलदीप वर्मा ने ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद नौकरी करने के बजाय खेती को करियर बनाने का फैसला किया।

कैसे हुई शुरुआत?

  • कुलदीप ने पहले मशरूम की खेती की पूरी जानकारी ली

  • फिर एक छोटे से बंगले में मशरूम उत्पादन शुरू किया

  • पहले ही चक्र में अच्छा मुनाफा मिलने पर उन्होंने इसका विस्तार किया

आज वह दो बंगलों में मशरूम की खेती कर रहे हैं और हर फसल से शानदार कमाई कर रहे हैं।

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लागत और मुनाफे का पूरा गणित

कुलदीप वर्मा के अनुसार:

  • 🔹 एक बंगले में लागत: ₹2 से ₹2.5 लाख

  • 🔹 एक फसल से मुनाफा: ₹4 से ₹5 लाख

  • 🔹 फसल अवधि: करीब 5 महीने

यानी कम समय में लागत से लगभग दोगुना मुनाफा।

उन्होंने बताया कि मशरूम की बिक्री बड़े होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय मंडियों में आसानी से हो जाती है, क्योंकि इसकी मांग हमेशा बनी रहती है।


मशरूम की खेती क्यों है फायदे का सौदा?

मशरूम को आज “सफेद सोना” भी कहा जाता है। इसके फायदे:

  • यह एक पौष्टिक सब्जी है, जिसमें प्रोटीन और मिनरल भरपूर होते हैं

  • शाकाहारी लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प

  • कम जमीन में ज्यादा उत्पादन

  • पानी की खपत बहुत कम

  • बाजार में कीमत स्थिर और मांग लगातार

इसी वजह से मशरूम किसानों को नियमित आय देता है।


मशरूम की खेती करने की पूरी प्रक्रिया

अगर आप भी मशरूम की खेती शुरू करना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया कुछ इस तरह है:

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1️⃣ बंगले या छप्पर का निर्माण

  • खेत में छप्परनुमा बंगले तैयार किए जाते हैं

  • अंदर बांस की बल्लियों से स्टेचर बनाया जाता है

2️⃣ खाद तैयार करना

  • गेहूं का भूसा

  • नीम खली

  • वर्मी कम्पोस्ट

  • गोबर की खाद

इन सभी को मिलाकर करीब एक महीने तक सड़ाया जाता है

3️⃣ बीज की बुआई

  • तैयार खाद में मशरूम के बीज (Spawn) डाले जाते हैं

4️⃣ फसल की शुरुआत

  • बुआई के करीब 2 महीने बाद मशरूम निकलना शुरू हो जाता है

  • फसल करीब 5 महीने तक लगातार मिलती रहती है

5️⃣ तुड़ाई और बिक्री

  • रोजाना ताजा मशरूम तोड़कर बाजार में बेचा जा सकता है


युवाओं और किसानों के लिए बड़ा अवसर

कुलदीप वर्मा की कहानी यह साबित करती है कि अगर सही जानकारी, मेहनत और योजना हो, तो खेती भी लाखों कमाने का जरिया बन सकती है। खासकर बेरोजगार युवाओं के लिए मशरूम की खेती एक शानदार विकल्प है।


निष्कर्ष (Conclusion)

बाराबंकी के किसान कुलदीप वर्मा ने यह दिखा दिया कि नौकरी ही सफलता का रास्ता नहीं होती। आधुनिक और नकदी फसलों को अपनाकर किसान भी उद्यमी बन सकते हैं। मशरूम की खेती कम लागत, कम जोखिम और ज्यादा मुनाफे का बेहतरीन मॉडल बनकर उभर रही है।

अगर आप भी खेती से अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो मशरूम की खेती जरूर आजमाएं।

Tags: Profitable Mushroom Farming, | Mushroom Farming in India, | Mushroom Cultivation Business, | Mushroom Farming Success Story,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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