🐝 Bee Corridors: राष्ट्रीय राजमार्गों पर NHAI की पहली परागणकर्ता पहल

  • On: February 20, 2026
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राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगाए गए फूलदार पौधों पर मधुमक्खियां परागण करती हुई – NHAI की Bee Corridor पहल का दृश्य

भारत में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक नई शुरुआत करते हुए National Highways Authority of India (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे देश का पहला बी कॉरिडोर (Bee Corridor) विकसित करने की घोषणा की है।

यह पहल केवल हरियाली बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य परागणकर्ताओं (Pollinators) जैसे मधुमक्खियों, तितलियों और अन्य लाभकारी कीटों के संरक्षण के साथ-साथ कृषि उत्पादकता और जैव विविधता को मजबूत करना है।

🌼 Bee Corridor क्या है?

बी कॉरिडोर राजमार्गों के किनारे लगाया गया एक निरंतर हरित पट्टा है, जिसमें विशेष रूप से परागणकर्ता-अनुकूल पौधे लगाए जाते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • 🌳 फूलदार वृक्ष

  • 🌿 देशी झाड़ियाँ

  • 🌸 अमृत (Nectar) से भरपूर पौधे

  • 🌺 मौसमी फूलों वाली प्रजातियाँ

इन पौधों का चयन इस प्रकार किया जाता है कि सालभर मधुमक्खियों और अन्य परागणकर्ताओं को पराग (Pollen) और अमृत उपलब्ध रहे।


🐝 Bee Corridors क्यों महत्वपूर्ण हैं?

1️⃣ परागणकर्ताओं की घटती संख्या को रोकना

दुनिया भर में मधुमक्खियों और अन्य परागणकर्ताओं की संख्या घट रही है। इसके मुख्य कारण हैं:

  • आवास का नष्ट होना

  • कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग

  • शहरीकरण

  • जलवायु परिवर्तन

बी कॉरिडोर सुरक्षित भोजन और प्रजनन स्थल प्रदान कर इस संकट को कम करने में मदद करेंगे।


2️⃣ कृषि उत्पादकता में वृद्धि

भारत की कई फसलें जैसे:

  • फल

  • सब्जियाँ

  • तिलहन

  • दालें

परागण पर निर्भर हैं। स्वस्थ मधुमक्खी आबादी से:

  • 🌾 फसल उत्पादन बढ़ता है

  • 🍎 गुणवत्ता बेहतर होती है

  • 🌱 बागवानी क्षेत्र को मजबूती मिलती है

इस प्रकार यह पहल किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक होगी।


3️⃣ जैव विविधता को बढ़ावा

राष्ट्रीय राजमार्ग विभिन्न पारिस्थितिक क्षेत्रों से गुजरते हैं। ऐसे में ये बी कॉरिडोर:

  • 🦋 खंडित आवासों को जोड़ने का कार्य करेंगे

  • 🌳 देशी वनस्पतियों और जीवों को समर्थन देंगे

  • 🌍 पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती बढ़ाएँगे


4️⃣ जलवायु और पर्यावरणीय लाभ

फूलदार पौधों के ये पट्टे:

  • 🌫️ धूल और प्रदूषण कम करेंगे

  • 🌡️ सूक्ष्म जलवायु (Microclimate) संतुलित करेंगे

  • 🌿 कार्बन अवशोषण बढ़ाएँगे

  • 🌬️ वायु गुणवत्ता सुधारेंगे

यह पहल भारत के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और जलवायु प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।


🛣️ राजमार्ग क्यों हैं आदर्श स्थान?

भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों का विशाल नेटवर्क है, जिनका प्रबंधन NHAI करता है।

इन राजमार्गों की विशेषताएँ:

  • हजारों किलोमीटर लंबाई

  • ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों से गुजरना

  • निर्धारित हरित पट्टियाँ

इन स्थानों का उपयोग कर राजमार्गों की हरियाली को केवल सजावटी नहीं बल्कि पारिस्थितिक रूप से उत्पादक बनाया जा सकता है।

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🌳 सजावटी से पारिस्थितिक रोपण की ओर बदलाव

पहले राजमार्गों के किनारे मुख्यतः सजावटी पौधे लगाए जाते थे।

अब नई नीति के तहत:

  • देशी प्रजातियों को प्राथमिकता

  • क्रमिक फूलने वाली प्रजातियों का चयन

  • परागणकर्ता आकर्षित करने वाले पौधे

  • दीर्घकालिक पारिस्थितिक संतुलन

यह परिवर्तन भारत की अवसंरचना नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है।


🌏 सतत विकास और जलवायु रणनीति से जुड़ाव

बी कॉरिडोर पहल:

  • जैव विविधता संरक्षण लक्ष्यों का समर्थन

  • सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से सामंजस्य

  • हरित अवसंरचना को बढ़ावा

  • जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) मजबूत करना

यह दर्शाता है कि भारत अब विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


🔎 निष्कर्ष

NHAI की बी कॉरिडोर पहल भारत में हरित अवसंरचना का एक अभिनव उदाहरण है।

राजमार्गों को केवल परिवहन मार्ग के रूप में नहीं बल्कि पर्यावरणीय जीवनरेखा में बदलकर यह पहल:

  • 🐝 परागणकर्ताओं को संरक्षण देगी

  • 🌾 कृषि क्षेत्र को मजबूती देगी

  • 🌿 जैव विविधता को बढ़ाएगी

  • 🌍 जलवायु लक्ष्यों को समर्थन देगी

यदि यह पहल सफल होती है, तो भविष्य में भारत के अन्य राज्यों और राजमार्ग परियोजनाओं में भी इसे अपनाया जा सकता है।

Tags: , | NHAI Bee Corridor, | Bee Corridor India, | National Highways Green Initiative, | Pollinator Conservation India, | Highway Plantation Project,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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