Akasha300 3D Printer क्या है? Spacetime 4D ने ISRO को दिया हाई-टेक 3D प्रिंटर | पूरी जानकारी

  • On: April 1, 2026
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Akasha300 3D Printer delivered to ISRO by Spacetime 4D high temperature aerospace 3D printing machine

भारत की अंतरिक्ष तकनीक लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। इसी दिशा में एक बड़ी उपलब्धि तब सामने आई जब केरल की स्टार्टअप कंपनी Spacetime 4D Printing Solutions ने अपना अत्याधुनिक Akasha300 3D Printer भारत की अंतरिक्ष एजेंसी Indian Space Research Organisation को सौंपा।

यह हाई-टेक 3D प्रिंटर विशेष रूप से अंतरिक्ष मिशनों में इस्तेमाल होने वाले जटिल एयरोस्पेस पार्ट्स को बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे Liquid Propulsion Systems Centre (LPSC) को दिया गया है, जो ISRO का एक प्रमुख केंद्र है और रॉकेट के प्रोपल्शन सिस्टम विकसित करता है।

Akasha300 की सबसे बड़ी खासियत इसकी 500°C तक प्रिंटिंग क्षमता और ड्यूल-एक्सट्रूज़न तकनीक है, जिससे उन्नत पॉलिमर और कंपोजिट मटेरियल से मजबूत और हल्के अंतरिक्ष उपकरण बनाए जा सकते हैं। यह भारत के आत्मनिर्भर अंतरिक्ष निर्माण (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Akasha300 3D Printer क्या है?

Akasha300 एक Industrial-Grade High Temperature 3D Printer है जिसे विशेष रूप से रिसर्च और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग के लिए बनाया गया है।

यह मशीन मल्टी-मटेरियल एक्सट्रूज़न तकनीक का उपयोग करती है, जिससे एक ही प्रिंट में अलग-अलग प्रकार के इंजीनियरिंग-ग्रेड मटेरियल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह 3D प्रिंटर उन इंजीनियरिंग थर्मोप्लास्टिक्स और कंपोजिट्स को प्रिंट करने में सक्षम है, जो अत्यधिक तापमान और दबाव जैसी कठिन अंतरिक्ष परिस्थितियों को सहन कर सकते हैं।


Akasha300 3D Printer की मुख्य विशेषताएँ

Akasha300 को खास तौर पर अंतरिक्ष उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:

500°C तक हाई-टेम्परेचर प्रिंटिंग

यह मशीन 500°C तक के तापमान पर प्रिंटिंग कर सकती है, जिससे उन्नत पॉलिमर और उच्च-प्रदर्शन वाले मटेरियल का उपयोग संभव होता है।

ड्यूल-एक्सट्रूज़न टेक्नोलॉजी

इसमें Dual Extrusion System है, जो एक साथ दो अलग-अलग मटेरियल से प्रिंटिंग की सुविधा देता है।

मल्टी-मटेरियल प्रिंटिंग

यह PEEK, PEI, PPSU जैसे हाई-परफॉर्मेंस थर्मोप्लास्टिक्स को प्रिंट कर सकता है, जो एयरोस्पेस इंडस्ट्री में बेहद उपयोगी हैं।

इंडस्ट्रियल रिसर्च प्लेटफॉर्म

Akasha300 केवल प्रोडक्शन के लिए ही नहीं बल्कि एडवांस्ड रिसर्च और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

एयरोस्पेस ग्रेड पार्ट्स निर्माण

इस मशीन से हल्के, मजबूत और जटिल संरचना वाले पार्ट्स बनाए जा सकते हैं जो रॉकेट और अंतरिक्ष मिशनों में उपयोगी होते हैं।

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ISRO के लिए Akasha300 क्यों महत्वपूर्ण है?

Akasha300 3D प्रिंटर का उपयोग भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए कई तरह से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है:

  • रॉकेट के जटिल हिस्सों का तेज निर्माण
  • हल्के और मजबूत कंपोनेंट्स तैयार करना
  • रिसर्च और प्रोटोटाइप डेवलपमेंट में तेजी
  • लागत और निर्माण समय में कमी

यह तकनीक भविष्य में भारत के सैटेलाइट, लॉन्च व्हीकल और डीप स्पेस मिशनों के लिए नई संभावनाएं खोल सकती है।


Spacetime 4D: भारत की उभरती टेक स्टार्टअप

Spacetime 4D Printing Solutions केरल स्थित एक उभरती हुई डीप-टेक स्टार्टअप है जो उन्नत Additive Manufacturing तकनीक पर काम कर रही है।

इस कंपनी का उद्देश्य भारत को उच्च-प्रदर्शन 3D प्रिंटिंग तकनीक में आत्मनिर्भर बनाना है। Akasha300 इसका प्रमुख इनोवेशन है जो अब अंतरिक्ष क्षेत्र में उपयोग के लिए तैयार है।

भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर प्रभाव

Akasha300 3D प्रिंटर के आने से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को कई फायदे मिल सकते हैं:

  • अंतरिक्ष उपकरणों के निर्माण में तेजी
  • कम लागत में जटिल डिजाइन तैयार करना
  • नई सामग्री और डिजाइन पर रिसर्च
  • स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा

यह कदम भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी को और मजबूत करने में मदद करेगा।


निष्कर्ष

Akasha300 3D Printer भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है।

केरल की स्टार्टअप Spacetime 4D द्वारा विकसित यह मशीन अब ISRO के प्रोपल्शन रिसर्च सेंटर में उपयोग की जाएगी, जिससे भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए उन्नत और हल्के कंपोनेंट्स तैयार किए जा सकेंगे।

यह तकनीक न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान को गति देगी बल्कि भारत को एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगी।

Tags: Akasha300 3D Printer, | ISRO 3D Printer, | Spacetime 4D, | 3D Printing Technology, | India Space Technology, | Aerospace 3D Printing,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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