आरबीआई ने रद्द किया सर्वोदया को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस, जानिए ग्राहकों के पैसे का क्या होगा

  • On: May 13, 2026
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RBI cancelling Sarvodaya Co-operative Bank license and customers worried about deposit refund

भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मुंबई स्थित Sarvodaya Co-operative Bank का बैंकिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की क्षमता नहीं बची थी, जिससे जमाकर्ताओं के हितों पर खतरा बढ़ गया था।

आरबीआई के इस फैसले के बाद अब बैंक किसी भी तरह की बैंकिंग सेवाएं नहीं दे सकेगा। वहीं, ग्राहकों को राहत देते हुए RBI ने स्पष्ट किया है कि अधिकांश जमाकर्ताओं को DICGC के तहत उनकी जमा राशि वापस मिल जाएगी।

क्यों रद्द किया गया बैंक का लाइसेंस?

आरबीआई के अनुसार सर्वोदया को-ऑपरेटिव बैंक लंबे समय से वित्तीय संकट का सामना कर रहा था। बैंक बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के कई नियमों का पालन करने में असफल रहा और उसकी आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती गई।

केंद्रीय बैंक ने कहा कि यदि बैंक को आगे संचालन की अनुमति दी जाती, तो इससे आम जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित दोनों को नुकसान हो सकता था। इसी वजह से RBI ने लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया।


अब बैंक के ग्राहक क्या कर पाएंगे?

लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक:

  • नए डिपॉजिट स्वीकार नहीं कर सकेगा
  • ग्राहकों को पैसे निकालने की सुविधा नहीं देगा
  • लोन या अन्य बैंकिंग सेवाएं नहीं दे पाएगा
  • किसी भी तरह का सामान्य बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकेगा

इसके साथ ही महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त और रजिस्ट्रार को बैंक के परिसमापन (Liquidation) की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।


ग्राहकों को कितना पैसा मिलेगा?

आरबीआई ने बताया कि बैंक के जमाकर्ताओं को Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के तहत 5 लाख रुपये तक की जमा राशि वापस मिलेगी।

DICGC भारत में बैंकों में जमा रकम पर बीमा सुरक्षा प्रदान करता है। यदि कोई बैंक बंद हो जाता है या दिवालिया हो जाता है, तो ग्राहकों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक का भुगतान किया जाता है।

RBI के मुताबिक:

  • करीब 98.36% जमाकर्ताओं को उनकी पूरी जमा राशि वापस मिलने की संभावना है
  • 31 मार्च 2026 तक DICGC लगभग 26.72 करोड़ रुपये का इंश्योर्ड अमाउंट जारी कर चुका है
  • जिन खातों में 5 लाख रुपये से कम जमा है, उन्हें पूरा पैसा मिलने की उम्मीद है

DICGC क्या है और यह कैसे काम करता है?

Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation भारतीय रिजर्व बैंक की एक सहायक संस्था है, जो बैंक जमा पर बीमा कवर देती है।

यदि किसी बैंक का लाइसेंस रद्द हो जाता है या बैंक बंद हो जाता है, तो DICGC ग्राहकों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि लौटाने का काम करता है। इसमें:

  • सेविंग अकाउंट
  • करंट अकाउंट
  • फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)
  • रिकरिंग डिपॉजिट (RD)

सभी शामिल होते हैं।


को-ऑपरेटिव बैंकों पर क्यों बढ़ रही है सख्ती?

पिछले कुछ वर्षों में RBI कई को-ऑपरेटिव बैंकों पर कार्रवाई कर चुका है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:

  • कमजोर वित्तीय स्थिति
  • नियमों का उल्लंघन
  • खराब प्रबंधन
  • पूंजी की कमी
  • बढ़ती प्रतिस्पर्धा

विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए डिजिटल बैंकिंग और बड़े निजी बैंकों से मुकाबला करना कठिन होता जा रहा है।

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बैंक ग्राहकों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

अगर आपका पैसा किसी को-ऑपरेटिव बैंक में जमा है, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  1. एक ही बैंक में 5 लाख रुपये से ज्यादा जमा न रखें
  2. बैंक की वित्तीय स्थिति और RBI अपडेट पर नजर रखें
  3. जरूरत पड़ने पर अलग-अलग बैंकों में पैसा बांटें
  4. केवल RBI द्वारा रेगुलेटेड बैंकों में निवेश करें
  5. FD कराने से पहले बैंक की विश्वसनीयता जांच लें

निष्कर्ष

सर्वोदया को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द होना यह दिखाता है कि RBI अब कमजोर वित्तीय संस्थानों के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। हालांकि ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि DICGC के तहत अधिकांश जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि वापस मिलने की संभावना है।

यह मामला बैंक ग्राहकों के लिए भी एक बड़ा सबक है कि जमा राशि को सुरक्षित रखने के लिए बैंक की विश्वसनीयता और DICGC बीमा सीमा की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

Tags: RBI News, | Sarvodaya Co-operative Bank, | Bank License Cancelled, | DICGC Insurance, | Banking News India, | Cooperative Bank News,
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FAQ's

RBI ने मुंबई स्थित सर्वोदया को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द किया है।

DICGC के तहत ग्राहकों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की जमा राशि वापस मिलेगी।

नहीं, लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक कोई बैंकिंग सेवा नहीं दे सकेगा।

DICGC एक संस्था है जो बैंक जमा पर 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर देती है।

RBI के अनुसार करीब 98.36% जमाकर्ताओं को उनकी पूरी जमा राशि वापस मिल सकती है।

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