भारत में कर के प्रकार (Types of Taxes in India): वर्गीकरण, विशेषताएँ, प्रत्यक्ष कर और अप्रत्यक्ष कर

  • On: February 24, 2026
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Infographic showing Types of Taxes in India including Direct Tax, Indirect Tax, GST 2.0, Income Tax Act 2025 and tax structure classification

भारत की कर व्यवस्था एक संघीय और प्रगतिशील कर प्रणाली है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकार के लिए राजस्व जुटाना और उसे आधारभूत संरचना, सामाजिक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर खर्च करना है।

1 अप्रैल 2026 से भारत की टैक्स प्रणाली “न्यू एरा ऑफ ट्रांसपेरेंसी” में प्रवेश कर चुकी है। Income Tax Act, 2025 ने 1961 के पुराने कानून की जगह ली है, जबकि Goods and Services Tax (GST 2.0) को डिजिटल-फर्स्ट और सरल अनुपालन प्रणाली के रूप में और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

भारत की कर प्रणाली (Taxation System in India)

भारतीय संविधान के अनुसार कर लगाने की शक्तियाँ केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों में विभाजित हैं:

🔹 1. केंद्रीय सरकार

  • आयकर (कृषि आय छोड़कर)

  • कॉर्पोरेट टैक्स

  • सीमा शुल्क (Customs Duty)

  • केंद्रीय GST (CGST)

🔹 2. राज्य सरकार

  • कृषि आयकर

  • राज्य GST (SGST)

  • स्टांप शुल्क

  • भूमि राजस्व

🔹 3. स्थानीय निकाय

  • संपत्ति कर (Property Tax)

  • टोल टैक्स

  • स्थानीय उपयोगिता शुल्क

भारत में कर मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बाँटे जाते हैं:

  1. प्रत्यक्ष कर (Direct Tax)

  2. अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax)


प्रत्यक्ष कर (Direct Tax)

प्रत्यक्ष कर वह कर है जिसमें कर का बोझ और भुगतान दोनों एक ही व्यक्ति या संस्था द्वारा वहन किया जाता है। इसे सीधे सरकार को भुगतान किया जाता है और इसका भार किसी अन्य पर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता।

प्रत्यक्ष कर का प्रशासन Central Board of Direct Taxes (CBDT) द्वारा किया जाता है।

केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख प्रत्यक्ष कर

1️⃣ व्यक्तिगत आयकर (Income Tax)

  • व्यक्तियों, HUF और AOP की वार्षिक आय पर लगाया जाता है।

  • यह प्रगतिशील (Progressive) प्रकृति का होता है।

  • Income Tax Act, 2025 के तहत “Assessment Year” और “Previous Year” की जगह अब “Tax Year” शब्द का प्रयोग होगा।


2️⃣ कॉर्पोरेट टैक्स (Corporate Tax)

  • कंपनियों के शुद्ध लाभ पर लगाया जाता है।

  • MAT (Minimum Alternate Tax) लागू किया जाता है ताकि लाभकारी कंपनियाँ शून्य कर न दें।

  • 2026 से MAT दर 15% से घटाकर 14% प्रस्तावित है।


3️⃣ पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax - CGT)

  • संपत्ति, शेयर, सोना या रियल एस्टेट बेचने पर हुए लाभ पर लागू।

  • दो प्रकार:

    • STCG (Short-Term)

    • LTCG (Long-Term)


4️⃣ प्रतिभूति लेन-देन कर (Securities Transaction Tax - STT)

  • शेयर बाजार में प्रत्येक खरीद-फरोख्त पर लगाया जाता है।

  • 2026 में फ्यूचर्स पर 0.05% और ऑप्शन्स पर 0.15% किया गया।


5️⃣ समानीकरण लेवी (Equalization Levy)

  • डिजिटल कंपनियों (जैसे Google, Facebook) पर लगाया जाने वाला कर।


राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रत्यक्ष कर

✔ प्रोफेशनल टैक्स

  • रोजगार/व्यवसाय पर लगाया जाता है।

  • अधिकतम सीमा ₹2,500 प्रति वर्ष।

कृषि आयकर

  • कुछ राज्यों में बागान फसलों पर लागू।


स्थानीय निकायों द्वारा प्रत्यक्ष कर

✔ संपत्ति कर (Property Tax)

  • मकान/भवन मालिक द्वारा नगर निगम को भुगतान।


समाप्त किए गए प्रत्यक्ष कर

  • Wealth Tax (2015 में समाप्त)

  • Gift Tax (1998 में समाप्त)

  • Estate Duty (1985 में समाप्त)

  • Dividend Distribution Tax (2020 में समाप्त)


प्रत्यक्ष कर की विशेषताएँ

  • आय एवं लाभ पर आधारित

  • प्रगतिशील दर प्रणाली

  • सामाजिक न्याय को बढ़ावा

  • मुद्रास्फीति नियंत्रण का साधन

  • आर्थिक विकास के साथ राजस्व में वृद्धि


अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax)

अप्रत्यक्ष कर वह कर है जिसमें भुगतान और बोझ अलग-अलग व्यक्तियों पर पड़ता है। अंतिम उपभोक्ता इसका वास्तविक भार वहन करता है।

इनका प्रशासन Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) द्वारा किया जाता है।

1️⃣ वस्तु एवं सेवा कर (GST 2.0)

GST 2.0 ने “One Nation, One Tax” की अवधारणा को मजबूत किया है।

GST की तीन स्तरीय संरचना:

  • CGST – केंद्र द्वारा

  • SGST/UTGST – राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा

  • IGST – अंतरराज्यीय व्यापार पर

2026 के संशोधित टैक्स स्लैब:

  • 0% – आवश्यक वस्तुएँ

  • 5% – पैक्ड फूड, दवाएँ

  • 18% – अधिकांश वस्तुएँ

  • 40% – तंबाकू, लग्जरी कार


2️⃣ सीमा शुल्क (Customs Duty)

  • आयात एवं निर्यात पर लगाया जाता है।

  • Customs Act, 1962 के तहत लागू।

  • Make in India को बढ़ावा देने हेतु 2026 में कई छूट हटाई गईं।

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3️⃣ केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise)

  • पेट्रोल, डीजल, तंबाकू जैसे उत्पादों पर लागू।

  • अधिकांश वस्तुएँ GST में समाहित हो चुकी हैं।


4️⃣ राज्य स्तरीय अप्रत्यक्ष कर

  • State Excise (शराब पर)

  • Stamp Duty

  • Electricity Duty

  • स्थानीय मनोरंजन कर


अप्रत्यक्ष कर की विशेषताएँ

  • उपभोग आधारित

  • सभी उपभोक्ताओं पर समान दर

  • व्यापक कर आधार

  • मूल्य वृद्धि पर सीधा प्रभाव

  • अपेक्षाकृत प्रतिगामी (Regressive) प्रकृति


प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर में अंतर

आधार प्रत्यक्ष कर अप्रत्यक्ष कर
भुगतान सीधे सरकार को मध्यस्थ के माध्यम से
बोझ स्थानांतरित नहीं उपभोक्ता पर स्थानांतरित
प्रकृति प्रगतिशील प्रतिगामी
उदाहरण आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स GST, सीमा शुल्क

निष्कर्ष

भारत की कर प्रणाली पारदर्शिता, सरलता और डिजिटल अनुपालन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। Income Tax Act, 2025 और GST 2.0 सुधारों के माध्यम से सरकार कर संरचना को सरल, न्यायसंगत और प्रभावी बनाने का प्रयास कर रही है।

प्रत्यक्ष कर सामाजिक न्याय को बढ़ावा देते हैं, जबकि अप्रत्यक्ष कर व्यापक राजस्व आधार प्रदान करते हैं। दोनों मिलकर भारत की आर्थिक स्थिरता और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Tags: Types of Taxes in India, | Direct Tax in India, | Indirect Tax in India, | Income Tax Act 2025, | Indian Tax System 2026,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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