यूपीएससी में मिली असफलता, गाजीपुर की नेहा राय बनीं नायब तहसीलदार – छात्रों को दिया प्लान-बी का मंत्र

  • On: April 6, 2026
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गाजीपुर की नेहा राय की सफलता की कहानी – UPSC में असफलता के बाद PCS पास कर बनीं नायब तहसीलदार

Success Story: अक्सर कहा जाता है कि असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली नेहा राय ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। उनका सपना भले ही यूपीएससी अधिकारी बनने का था, लेकिन असफलता से निराश होने के बजाय उन्होंने अपना रास्ता बदला और आज उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा पास करके नायब तहसीलदार बन गई हैं।

नेहा राय की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने के बाद निराश हो जाते हैं। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर छात्रों को सबसे महत्वपूर्ण सलाह दी है – हमेशा एक मजबूत “प्लान-बी” जरूर रखें।


सेंट जॉन्स स्कूल से शुरू हुई शिक्षा की यात्रा

नेहा राय की प्रारंभिक शिक्षा गाजीपुर के सेंट जॉन्स स्कूल से हुई। बचपन से ही पढ़ाई में रुचि रखने वाली नेहा ने आगे की पढ़ाई के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में दाखिला लिया।

BHU से उन्होंने राजनीति विज्ञान (Political Science) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) का रुख किया।

JNU से उन्होंने इंटरनेशनल रिलेशंस (International Relations) में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। वर्तमान में नेहा BHU से राजनीति विज्ञान में पीएचडी भी कर रही हैं।


व्यक्तित्व निर्माण में BHU और JNU की अहम भूमिका

नेहा राय का कहना है कि उनके व्यक्तित्व निर्माण में BHU और JNU दोनों का बड़ा योगदान रहा है।

  • BHU ने उन्हें अपनी जड़ों और भारतीय समाज से जोड़े रखा।
  • JNU ने उन्हें छात्र राजनीति और राष्ट्रीय मुद्दों को समझने का व्यापक अवसर दिया।

इन दोनों संस्थानों में पढ़ाई के दौरान उन्हें अलग-अलग विचारधाराओं और सामाजिक मुद्दों को समझने का मौका मिला, जिसने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया।


यूपीएससी का सपना और दो प्रयास

नेहा बताती हैं कि हर सिविल सेवा अभ्यर्थी की तरह उनका भी पहला सपना UPSC में चयन का था। उन्होंने इसके लिए कड़ी मेहनत की और दो बार परीक्षा दी।

हालांकि, दोनों बार उन्हें प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में सफलता नहीं मिल सकी।

इस अनुभव से उन्होंने यह सीखा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान समय के साथ यथार्थवादी (Realistic) होना बहुत जरूरी है।


UPSC नहीं तो PCS – चुना दूसरा रास्ता

नेहा का मानना है कि जीवन में स्टेबिलिटी और व्यावहारिक सोच बहुत जरूरी होती है।

जब यूपीएससी में सफलता नहीं मिली, तो उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) को अपने दूसरे विकल्प के रूप में चुना।

सही रणनीति, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने UP PCS परीक्षा पास की और नायब तहसीलदार बन गईं।


सेल्फ स्टडी से मिली सफलता

नेहा राय अपनी सफलता का श्रेय सेल्फ स्टडी को देती हैं।

उन्होंने अपनी पिछली असफलताओं का गहराई से विश्लेषण किया और पाया कि उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQs) को पर्याप्त गंभीरता से नहीं पढ़ा था।

इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदली और पिछले सालों के प्रश्नों को गहराई से समझना शुरू किया। इसी बदलाव ने उनकी तैयारी को मजबूत बना दिया।


दोस्त उज्जवल का मिला मार्गदर्शन

नेहा अपनी सफलता का बड़ा श्रेय अपने मित्र उज्जवल को भी देती हैं।

तैयारी के कठिन दौर में उज्जवल ने उनकी मदद करते हुए –

  • पढ़ाई की सही दिशा बताई
  • गलत स्रोतों से बचने की सलाह दी
  • प्रीलिम्स और मेन्स की तैयारी का लगातार मूल्यांकन किया

उनके सटीक फीडबैक ने नेहा की तैयारी को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


छात्र राजनीति का मिला अनुभव

JNU में पढ़ाई के दौरान नेहा छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहीं।

उनका मानना है कि राजनीति और ब्यूरोक्रेसी एक-दूसरे से जुड़ी हुई होती हैं।

छात्र राजनीति के दौरान लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम करने का अनुभव प्रशासनिक सेवा में भी काफी मददगार साबित हो सकता है।

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छात्रों को दी महत्वपूर्ण सलाह – प्लान-बी जरूर रखें

गाजीपुर और आसपास के जिलों के छात्रों को सलाह देते हुए नेहा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रकृति ऐसी होती है कि इसमें असफल होने की संभावना अधिक होती है।

इसलिए छात्रों को हमेशा बैकअप प्लान (Plan-B) तैयार रखना चाहिए।

उनके अनुसार –

  • केवल परीक्षा के भरोसे खाली नहीं बैठना चाहिए
  • पढ़ाई के साथ कोई डिग्री कोर्स या नौकरी भी करते रहना चाहिए
  • इससे आत्मविश्वास बना रहता है

अगर किसी कारण से प्रशासनिक सेवा में चयन नहीं होता, तो भी आपके पास एक मजबूत करियर विकल्प मौजूद रहेगा।


जनता की सेवा करने का लक्ष्य

नायब तहसीलदार बनने के बाद नेहा राय का लक्ष्य साफ है।

वह कहती हैं कि प्रशिक्षण के दौरान जो भी सीखने को मिलेगा, उसका पूरी ईमानदारी से पालन करेंगी और एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में जनता की सेवा करेंगी।


निष्कर्ष

गाजीपुर की नेहा राय की कहानी यह साबित करती है कि असफलता अंत नहीं होती। अगर सही समय पर सही निर्णय लिया जाए, तो वही असफलता आगे चलकर सफलता का रास्ता बन सकती है।

उनकी सफलता उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं।

सबसे बड़ी सीख यही है – सपने बड़े रखें, लेकिन जीवन में हमेशा एक मजबूत प्लान-बी जरूर तैयार रखें।

Tags: Neha Rai Success Story, | Ghazipur Neha Rai PCS, | Naib Tehsildar Success Story, | UPSC Failure Success Story, | up pcs motivation,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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