CBSE का नया अल्टीमेटम: अब कक्षा 6 से पढ़नी होगी तीसरी भाषा, जानें क्या है R3 नियम

  • On: April 9, 2026
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CBSE Class 6 Third Language R3: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा 6 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा (R3) पढ़ना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। इस फैसले के तहत सभी संबद्ध स्कूलों को इसे लागू करने के लिए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।

यह बदलाव National Curriculum Framework for School Education (NCFSE-2023) के तहत किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी बनाना और उन्हें भारत की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विविधता से जोड़ना है।


कक्षा 6 में तीसरी भाषा (R3) क्यों अनिवार्य की गई?

सीबीएसई का मानना है कि यदि बच्चों को शुरुआती उम्र से ही अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान दिया जाए तो उनकी भाषाई क्षमता, सोचने की क्षमता और सांस्कृतिक समझ बेहतर होती है।

अब तक कई स्कूलों में केवल दो भाषाएं पढ़ाई जाती थीं, लेकिन नए नियम के बाद छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी।

इस बदलाव के मुख्य उद्देश्य हैं:

  • छात्रों को बहुभाषी बनाना
  • भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना
  • बच्चों को भारत की सांस्कृतिक विविधता से जोड़ना
  • भविष्य में करियर के नए अवसर खोलना

स्कूलों को मिला 7 दिनों का अल्टीमेटम

सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे तीसरी भाषा (R3) को तुरंत लागू करें

जिन स्कूलों में अभी तक तीसरी भाषा की पढ़ाई शुरू नहीं हुई है, उन्हें:

  • 7 दिनों के अंदर कार्ययोजना तैयार करनी होगी
  • अपनी योजना CBSE के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजनी होगी
  • इसे OASIS पोर्टल पर अपडेट भी करना होगा

बोर्ड ने इसे अत्यंत आवश्यक और अनिवार्य श्रेणी में रखा है।


स्कूलों में अब पढ़ाई जाएंगी 3 भाषाएं

नए नियम के अनुसार छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी। आम तौर पर इसमें शामिल होंगी:

  1. मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा
  2. अंग्रेजी
  3. एक अतिरिक्त भारतीय भाषा (R3)

यह व्यवस्था तीन-भाषा फार्मूला को मजबूत बनाने के लिए लागू की जा रही है।


छात्र कौन-सी तीसरी भाषा चुन सकते हैं?

तीसरी भाषा (R3) के तहत स्कूलों को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में से किसी एक भाषा को चुनना होगा।

इनमें कई प्रमुख भाषाएं शामिल हैं, जैसे:

  • हिंदी
  • संस्कृत
  • तमिल
  • तेलुगु
  • पंजाबी
  • बंगाली
  • मराठी
  • गुजराती
  • कन्नड़
  • मलयालम

इसका उद्देश्य छात्रों को अपनी मातृभाषा और अंग्रेजी के अलावा एक और भारतीय भाषा में दक्ष बनाना है।


किताबों का इंतजार नहीं, पढ़ाई तुरंत शुरू करें

सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि तीसरी भाषा की नई किताबें आने में थोड़ा समय लग सकता है।

लेकिन इसके बावजूद स्कूलों को पढ़ाई तुरंत शुरू करनी होगी। इसके लिए स्कूल:

  • स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अध्ययन सामग्री का उपयोग कर सकते हैं
  • गाइड, नोट्स या अन्य शैक्षणिक संसाधनों का इस्तेमाल कर सकते हैं
  • NCFSE-2023 के मानकों के अनुसार पढ़ाई शुरू कर सकते हैं

कक्षा 9 और 10 पर पड़ेगा सीधा असर

तीसरी भाषा का यह नियम सिर्फ कक्षा 6 तक सीमित नहीं रहेगा।

सीबीएसई के अनुसार:

  • जो भाषा कक्षा 6 में शुरू होगी, वही भाषा आगे चलकर
  • कक्षा 9 और 10 में विषय विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी

इसलिए स्कूलों को भाषा का चयन लॉन्ग-टर्म प्लानिंग के साथ करना होगा, ताकि छात्रों को भविष्य में कोई परेशानी न हो।


क्षेत्रीय अधिकारी करेंगे निगरानी

सीबीएसई के Regional Officers इस पूरे नियम के कार्यान्वयन पर नजर रखेंगे।

वे यह सुनिश्चित करेंगे कि:

  • सभी स्कूल R3 नियम का पालन करें
  • कौन सा स्कूल कौन-सी भाषा पढ़ा रहा है
  • OASIS पोर्टल पर सही जानकारी अपडेट हो

अगर किसी स्कूल ने नियमों का पालन नहीं किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

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छात्रों के भविष्य के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कई भाषाओं का ज्ञान होने से छात्रों को भविष्य में कई फायदे मिलते हैं।

मुख्य फायदे:

  • बेहतर संचार कौशल
  • विभिन्न संस्कृतियों की समझ
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में लाभ
  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करियर के अवसर

इसलिए सीबीएसई का यह कदम छात्रों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


निष्कर्ष

सीबीएसई द्वारा लागू किया गया कक्षा 6 में तीसरी भाषा (R3) नियम शिक्षा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव है। इसका उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी बनाना और उन्हें भारत की विविध भाषाई संस्कृति से जोड़ना है। आने वाले समय में यह नियम छात्रों की शिक्षा और करियर दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

Tags: CBSE Third Language Rule, | CBSE Class 6 Third Language, | CBSE R3 Rule 2026, | CBSE New Language Policy, | CBSE Education News, | CBSE Board Latest Update,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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