NEET 2026: क्या री-एग्जाम का पेपर लीक हो गया? टेलीग्राम पर 1 लाख रुपये में बिक रहे सवाल, जानें पूरी सच्चाई

  • On: May 30, 2026
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NEET Re Exam Paper Leak 2026: क्या है पूरा मामला?

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक तरफ केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) पेपर लीक मामले की जांच में जुटी हुई है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर कुछ संदिग्ध चैनलों द्वारा NEET री-एग्जाम का पेपर बेचने के दावे किए जा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ टेलीग्राम ग्रुप्स में 21 जून को प्रस्तावित री-एग्जाम का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर छात्रों से 80,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है। इन दावों के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।

टेलीग्राम पर पेपर बेचने का दावा

कई संदिग्ध टेलीग्राम चैनल और ग्रुप छात्रों को आकर्षित करने के लिए दावा कर रहे हैं कि उनके पास NEET री-एग्जाम का असली पेपर उपलब्ध है। कुछ ग्रुप तो किस्तों में भुगतान करने का विकल्प भी दे रहे हैं।

इन ग्रुप्स में छात्रों को यह कहकर लुभाया जा रहा है कि यह मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट हासिल करने का अंतिम अवसर है। हालांकि अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी या NTA ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।

क्या सच में पेपर लीक हुआ है?

फिलहाल NEET री-एग्जाम पेपर लीक होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि टेलीग्राम पर चल रहे ऐसे अधिकांश दावे छात्रों और अभिभावकों को ठगने के लिए किए जा रहे ऑनलाइन फ्रॉड हो सकते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं के नाम पर फर्जी पेपर बेचने और पैसे ठगने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसलिए छात्रों को किसी भी प्रकार के लालच में आने से बचना चाहिए।

छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह

यदि आपको किसी टेलीग्राम ग्रुप, व्हाट्सएप चैनल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पेपर बेचने का दावा दिखाई दे तो:

  • किसी भी प्रकार का भुगतान न करें।
  • ऐसे लिंक या ग्रुप को जॉइन करने से बचें।
  • तुरंत NTA या संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजें।
  • संदिग्ध गतिविधियों का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर भरोसा करें।

CBI की जांच में बड़ी कार्रवाई

NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने हाल ही में दो और महत्वपूर्ण आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में:

  • लातूर के डॉक्टर मनोज शिरूरे
  • पुणे के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षदकुमार शाह

शामिल हैं।

इन गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। जांच एजेंसी लगातार पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

री-एग्जाम की सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क

केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय NEET री-एग्जाम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष तैयारियां कर रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और आधुनिक तकनीक का उपयोग किए जाने की योजना बनाई गई है।

अधिकारियों के अनुसार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

अगले साल से बदल सकता है NEET का फॉर्मेट

शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (Computer Based Test) मोड में आयोजित किया जा सकता है।

यदि यह बदलाव लागू होता है तो:

  • पारंपरिक पेन-पेपर मोड समाप्त हो सकता है।
  • पेपर लीक की संभावना काफी कम हो जाएगी।
  • परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।
  • परिणाम जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी।

यह व्यवस्था JEE Main जैसी परीक्षाओं की तर्ज पर लागू की जा सकती है।

निष्कर्ष

NEET 2026 री-एग्जाम को लेकर टेलीग्राम पर पेपर बेचने के दावे सामने आए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पेपर लीक की पुष्टि नहीं की है। विशेषज्ञ इसे ऑनलाइन ठगी का प्रयास मान रहे हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसे किसी भी दावे पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना स्रोतों का ही अनुसरण करें।

परीक्षा में सफलता का सबसे सुरक्षित और सही तरीका मेहनत और तैयारी ही है। किसी भी अवैध माध्यम का उपयोग न केवल नुकसानदायक है बल्कि कानूनी कार्रवाई का कारण भी बन सकता है।

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FAQ's

अभी तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने पेपर लीक की पुष्टि नहीं की है।

कुछ चैनलों पर 80,000 रुपये से 1 लाख रुपये तक में पेपर देने का दावा किया जा रहा है।

नहीं, विशेषज्ञों के अनुसार ये फर्जी दावे और ऑनलाइन ठगी हो सकते हैं।

इस मामले की जांच CBI द्वारा की जा रही है।

सरकार कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में परीक्षा आयोजित करने पर विचार कर रही है।

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