बगलिहार हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट: चेनाब नदी पर 900 MW का इंजीनियरिंग चमत्कार

  • On: February 23, 2026
Follow Us:
Baglihar Hydropower Project dam on Chenab River in Ramban Jammu Kashmir

Baglihar Hydropower Project (BHEP) जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले में चंदरकोट के पास चेनाब नदी पर स्थित एक प्रमुख रन-ऑफ-द-रिवर (Run-of-the-River) जलविद्युत परियोजना है। यह परियोजना 900 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता के साथ भारत की नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

इस परियोजना की परिकल्पना 1992 में की गई थी और 1996 में इसे स्वीकृति मिली। यह जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (JKSPDC) द्वारा निष्पादित पहली बड़ी परियोजना थी।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

विशेषता विवरण
नदी चेनाब
स्थान रामबन जिला, जम्मू-कश्मीर (चंदरकोट के पास)
कुल क्षमता 900 मेगावाट (स्टेज-I: 450 MW, स्टेज-II: 450 MW)
बांध का प्रकार कंक्रीट ग्रेविटी डैम
ऊँचाई लगभग 143 मीटर
टरबाइन 6 × 150 MW फ्रांसिस टरबाइन
जलाशय क्षमता 475 मिलियन घन मीटर

परियोजना को दो चरणों में विकसित किया गया, ताकि हिमालयी भूगोल की तकनीकी चुनौतियों का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके।

तकनीकी डिजाइन और इंजीनियरिंग विशेषताएँ

बगलिहार परियोजना का निर्माण ऐसे क्षेत्र में हुआ है जहाँ नदी में अत्यधिक सिल्ट (गाद) पाई जाती है। इस चुनौती से निपटने के लिए “ड्रॉडाउन फ्लशिंग” तकनीक अपनाई गई, जिससे समय-समय पर तलछट हटाई जाती है और जलाशय की आयु 80 वर्ष से अधिक सुनिश्चित की जाती है।

यह एक रन-ऑफ-द-रिवर परियोजना है, जिसका अर्थ है कि इसमें बड़े भंडारण जलाशय की आवश्यकता नहीं होती। इससे पर्यावरणीय प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहता है।

फरवरी 2026 में स्टेज-I संचालन को रखरखाव के दौरान मशीन कक्ष में बाढ़ के कारण अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जो हिमालयी जलवायु की अनिश्चितता को दर्शाता है।

सिंधु जल संधि विवाद क्या है?

Indus Waters Treaty (1960) भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे का समझौता है। बगलिहार परियोजना को लेकर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई कि इसमें लगे गेटेड स्पिलवे और जल भंडारण क्षमता से भारत को नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने की शक्ति मिल सकती है।

2005 में World Bank ने एक तटस्थ विशेषज्ञ रेमंड लाफिटे की नियुक्ति की। 2007 में दिए गए निर्णय में भारत के पक्ष को अधिकांशतः सही ठहराया गया, लेकिन कुछ तकनीकी संशोधन सुझाए गए:

  • जल भंडारण (पॉन्डेज) 37.5 मिलियन घन मीटर से घटाकर 32.56 मिलियन किया गया।

  • बांध की ऊँचाई में 1.5 मीटर की कमी।

  • पावर इंटेक टनल का स्तर 3 मीटर ऊँचा करने की सिफारिश।

यह निर्णय भारत की इंजीनियरिंग डिजाइन को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप साबित करता है।

क्षेत्रीय और राष्ट्रीय महत्व

1️⃣ ऊर्जा सुरक्षा में योगदान

यह परियोजना उत्तरी ग्रिड को स्वच्छ और स्थिर बिजली प्रदान करती है, जिससे जम्मू-कश्मीर और आसपास के राज्यों में बिजली की कमी कम हुई है।

2️⃣ आर्थिक विकास

निर्माण के दौरान हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिला। साथ ही, सड़क और सुरंग जैसे बुनियादी ढाँचे का विकास हुआ, जिससे दुर्गम क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई।

3️⃣ पर्यावरणीय दृष्टि से बेहतर विकल्प

जलविद्युत ऊर्जा, कोयला आधारित बिजली की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करती है। यह भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक है।


निष्कर्ष

बगलिहार हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट न केवल एक इंजीनियरिंग उपलब्धि है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और रणनीतिक मजबूती का प्रतीक भी है। चेनाब नदी की तेज धारा पर निर्मित यह 900 मेगावाट की परियोजना हिमालयी चुनौतियों के बीच टिकाऊ विकास का उदाहरण प्रस्तुत करती है।

भविष्य में ऐसी परियोजनाएँ भारत को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएंगी।

Tags: Baglihar Hydropower Project, | Chenab River Dam, | Jammu Kashmir Hydroelectric Project, | Run of the River Project,
Share this post:

FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

0 Comments

No reviews yet.

Leave A Comment

Latest Post