UPSC में असफलता, मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी, फिर कचरे से चप्पल बनाकर खड़ा किया 6 करोड़ का साम्राज्य

  • On: December 30, 2025
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भागलपुर के जयकांत की सफलता की कहानी, जिन्होंने कचरे से चप्पल बनाकर 6 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार खड़ा किया

Success Story of Jaykant Bhagalpur

भागलपुर (बिहार):

कहते हैं कि मेहनत और सही सोच के आगे असफलता भी हार मान लेती है। यह बात भागलपुर के रहने वाले जयकांत पर बिल्कुल सटीक बैठती है। यूपीएससी परीक्षा में असफलता, मर्चेंट नेवी की लाखों की नौकरी छोड़ना और फिर कचरे से चप्पल बनाकर 6 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर तक पहुंचना — जयकांत की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी, क्योंकि दिल नहीं लगा

जयकांत एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं। बड़े सपने देखने की आदत बचपन से ही थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें मर्चेंट नेवी में नौकरी मिल गई।
2012 से 2016 तक उन्होंने मर्चेंट नेवी में काम किया और उस समय उनकी सैलरी करीब 1 लाख रुपये प्रति माह थी।

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हालांकि, अच्छी सैलरी के बावजूद उन्हें इस नौकरी में संतुष्टि नहीं मिल रही थी। दिल कहीं और कुछ बड़ा करने का था। इसी वजह से 2016 में उन्होंने मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ दी और अपने शहर भागलपुर लौट आए।

UPSC की तैयारी की, लेकिन मिली असफलता

नौकरी छोड़ने के बाद जयकांत ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने पूरी मेहनत से परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
असफलता के बाद उन्हें एहसास हुआ कि शायद यह रास्ता उनके लिए नहीं है।

इस दौरान घर की आर्थिक स्थिति भी काफी खराब हो गई थी। कई बार ऐसा लगा कि आगे क्या होगा, यह समझ नहीं आ रहा था।

गंगा किनारे बैठकर मिला जिंदगी बदलने वाला आइडिया

जयकांत बताते हैं कि वह अक्सर शाम को गंगा नदी के किनारे बैठा करते थे।
वहां पड़े कचरे को देखकर उनके मन में सवाल आया –
“इस कचरे का निपटारा कैसे होगा?”

यहीं से उनकी सोच ने नया मोड़ लिया। उन्हें पता चला कि कचरे और रीसाइक्लिंग मटेरियल से चप्पल बनाई जा सकती है। यही आइडिया आगे चलकर उनके स्टार्टअप की नींव बना।

बिना पूंजी शुरू किया छोटा स्टार्टअप

शुरुआत में जयकांत के पास ज्यादा पैसा नहीं था।
उन्होंने पहले बाजार से चप्पल खरीदकर उन्हें असेंबल किया और गांव-गांव जाकर बेचना शुरू किया।

  • एक ऑटो लिया
  • उस पर माइक लगाकर चप्पल का प्रचार किया
  • गांव-देहात में जाकर खुद चप्पल बेची

धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ता गया और बिक्री भी।

सरकारी मदद से शुरू की फैक्ट्री

समय के साथ जयकांत को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।
इसके बाद उन्होंने चप्पल बनाने के लिए कचरे से रॉ मटेरियल तैयार करना शुरू किया।

आज उनकी फैक्ट्री में:

  • कारीगर रॉ मटेरियल तैयार करते हैं
  • चप्पल के फीते बनाए जाते हैं
  • तैयार चप्पलों की पैकिंग होती है

उनकी चप्पलें आज बिहार सहित आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों में सप्लाई की जा रही हैं।

6 करोड़ का सालाना टर्नओवर, लक्ष्य 12 करोड़

आज जयकांत का स्टार्टअप:

  • सालाना 6 करोड़ रुपये का टर्नओवर कर रहा है
  • दर्जनों लोगों को रोजगार दे रहा है
  • पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है

जयकांत का कहना है कि आने वाले समय में उनका टर्नओवर 12 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

युवाओं के लिए प्रेरणा बने जयकांत

जयकांत आज उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं:

  • जो केवल सरकारी नौकरी को ही सफलता मानते हैं
  • जो असफलता के बाद हार मान लेते हैं
  • जो अपने दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं

उनकी कहानी सिखाती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत हो सकती है।

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Success Story से क्या सीख मिलती है?

  • असफलता से डरना नहीं चाहिए
  • नौकरी छोड़ना गलत नहीं, अगर लक्ष्य बड़ा हो
  • छोटे स्तर से शुरुआत भी बड़ी सफलता दिला सकती है
  • पर्यावरण से जुड़े आइडिया भविष्य हैं

👉 निष्कर्ष

भागलपुर के जयकांत ने साबित कर दिया कि अगर सोच अलग हो और मेहनत सच्ची हो, तो कचरा भी करोड़ों का कारोबार बन सकता है। UPSC में असफलता और नौकरी छोड़ने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और आज हजारों युवाओं के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं।

Tags: UPSC Fail Success Story, | Jaykant Success Story, | Bhagalpur Entrepreneur, | Slipper Business Success Story, | Waste to Wealth Startup,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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