आत्मनिर्भर बनीं बालाघाट की बेटियां: घर के काम के साथ जैविक खाद बनाकर लिख रही हैं सफलता की नई कहानी

  • On: February 27, 2026
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Balaghat women self help group making organic fertilizer in bio resource center

भारत में लंबे समय से यह धारणा रही है कि महिलाएं केवल घर तक सीमित रहती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के मगरदर्रा गांव की महिलाओं ने इस सोच को बदल दिया है। घर के कामकाज संभालने के बाद जैविक खाद तैयार कर ये महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा भी दे रही हैं।

आत्मनिर्भरता की शुरुआत: आस्था स्वयं सहायता समूह

करीब एक साल पहले मगरदर्रा गांव की 14 महिलाओं ने आत्मा प्रोजेक्ट की मदद से एक स्वयं सहायता समूह की स्थापना की। इस समूह का नाम आस्था स्वयं सहायता समूह रखा गया।

समूह की खास बात यह है कि इसमें जुड़ी महिलाएं पहले अपने घर के सभी काम निपटाती हैं और फिर जैविक खाद बनाने के कार्य में जुट जाती हैं।

कैसे बनाती हैं जैविक खाद?

महिलाओं की दिनचर्या बेहद अनुशासित है—

  • सुबह-सुबह गौमूत्र इकट्ठा करना

  • जैविक खाद बनाने की आवश्यक सामग्री जुटाना

  • दोपहर या शाम को खाद तैयार करना

वे जीवामृत, घन जीवामृत, अग्निअस्त्र जैसे कई प्रकार के जैविक उत्पाद तैयार करती हैं, जो फसलों की पैदावार बढ़ाने और मिट्टी की उर्वरता सुधारने में सहायक होते हैं।

पहले छोटे स्तर पर, अब बड़े सपने

समूह की प्रमुख सीमा एड़े बताती हैं कि शुरुआत में उत्पादन सीमित था। उस समय वे केवल अपने गांव और आसपास के किसानों को ही खाद उपलब्ध कराती थीं। इससे समूह को लगभग 25,000 रुपये प्रति माह की आय हो जाती थी।

लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।

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बायो रिसोर्स सेंटर से बढ़ेगा उत्पादन

समूह ने हाल ही में एक बायो रिसोर्स सेंटर स्थापित किया है। इस केंद्र की स्थापना के लिए शासन से उन्हें 1 लाख रुपये की सहायता राशि मिली।

इस नए प्लांट के जरिए—

  • उत्पादन कई गुना बढ़ेगा

  • बड़े पैमाने पर जैविक खाद तैयार होगी

  • दूर-दराज के किसानों तक सप्लाई संभव होगी

अब समूह अपने उत्पाद थोक व्यापारी को देगा, जो आगे रिटेलर और फिर किसानों तक पहुंचाएगा। इससे आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

जैविक खेती की ट्रेनिंग भी दे रही हैं महिलाएं

सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि जागरूकता फैलाने में भी यह समूह आगे है। सीमा एड़े और सुलेखा कटरे आसपास के गांवों में जाकर किसानों को जैविक खेती की ट्रेनिंग देती हैं।

वे किसानों को सिखाती हैं कि—

  • रासायनिक खाद से होने वाले नुकसान क्या हैं

  • जैविक खेती कैसे कम लागत में अधिक लाभ दे सकती है

  • जीवामृत और अन्य जैविक घोल कैसे तैयार करें

इस पहल से क्षेत्र में जैविक खेती का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

बदल रही है जिंदगी

महिलाएं बताती हैं कि पहले छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी उन्हें साहूकारों से कर्ज लेना पड़ता था। आर्थिक स्थिति कमजोर थी और आत्मविश्वास भी कम था।

लेकिन आज—

  • वे अपनी आय खुद अर्जित कर रही हैं

  • परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं

  • बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में सहयोग दे रही हैं

  • समाज में सम्मान बढ़ा है

यह बदलाव सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक रूप से भी बड़ा परिवर्तन है।

महिला सशक्तिकरण का उदाहरण

मगरदर्रा की इन महिलाओं की कहानी यह साबित करती है कि अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

जैविक खेती के जरिए ये महिलाएं न सिर्फ अपनी जिंदगी बदल रही हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।


निष्कर्ष

बालाघाट की इन बेटियों ने दिखा दिया है कि आत्मनिर्भरता का रास्ता मेहनत, एकजुटता और सही योजना से बनता है। घर संभालने के साथ-साथ व्यवसाय चलाकर वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

Tags: Balaghat News, | Women Empowerment, | Self Help Group, | Organic Farming, | Rural Women Success Story, | Women Entrepreneurship,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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