भारत पेट्रोलियम की नौकरी छोड़ी, गांव में खड़ी कर दी पशु आहार फैक्ट्री – अभिमन्यु सिंह की प्रेरणादायक कहानी 🚜🐄

  • On: March 16, 2026
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अभिमन्यु सिंह की सफलता की कहानी – भारत पेट्रोलियम की नौकरी छोड़कर पूर्वी चंपारण में पशु आहार फैक्ट्री शुरू

भारत में आज भी कई युवा बड़ी कंपनियों में अच्छी नौकरी करने के बावजूद कुछ अलग और समाज के लिए उपयोगी करने का सपना देखते हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से सामने आई है। यहां के एक युवक ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर गांव में पशु आहार फैक्ट्री शुरू की और आज उसका कारोबार पूरे बिहार तक पहुंच गया है।

यह कहानी है पूर्वी चंपारण जिले के हरसिद्धि प्रखंड के घोघराहा गांव के निवासी अभिमन्यु सिंह की, जिन्होंने किसानों और पशुपालकों की परेशानी को समझते हुए बड़ा कदम उठाया और एक सफल उद्यमी बन गए।


नौकरी छोड़ने का फैसला क्यों लिया? 🤔

अभिमन्यु सिंह पहले भारत पेट्रोलियम की एक शाखा में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। नौकरी अच्छी थी, लेकिन वे इससे संतुष्ट नहीं थे। उनके मन में हमेशा अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का सपना था।

अभिमन्यु एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय रामलक्षण सिंह एक सामान्य किसान थे। बचपन से ही परिवार और समाज की अपेक्षा थी कि वे पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी करें।

इसी वजह से उन्होंने डिप्लोमा पूरा करने के तुरंत बाद नौकरी कर ली। लेकिन नौकरी के दौरान भी वे अक्सर अपने गांव आते-जाते रहते थे और यहां के लोगों की समस्याओं को करीब से देखते थे।


पशुपालकों की समस्या ने बदल दी जिंदगी 🐄

अभिमन्यु बताते हैं कि उनके गांव और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग पशुपालन करते हैं। लेकिन उन्हें समय पर पशु आहार नहीं मिल पाता था।

स्थिति कोरोना लॉकडाउन के दौरान और भी खराब हो गई। उस समय सप्लाई रुकने की वजह से पशुपालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

यही वह समय था जब अभिमन्यु ने तय किया कि वे अपने क्षेत्र में ही पशु आहार बनाने की फैक्ट्री शुरू करेंगे ताकि पशुपालकों को समय पर आहार मिल सके।


लोन लेकर शुरू की फैक्ट्री 🏭

अपने सपने को पूरा करने के लिए अभिमन्यु सिंह ने:

  • फैक्ट्री के लिए जमीन खरीदी

  • बैंक से लोन लिया

  • मशीनरी और संसाधनों की व्यवस्था की

करीब एक साल की मेहनत के बाद उन्होंने राम लक्ष्मी पशु आहार फैक्ट्री की स्थापना की।

आज यह फैक्ट्री पूर्वी चंपारण जिले की इकलौती पशु आहार बनाने वाली फैक्ट्री बन चुकी है और यहां तैयार होने वाला पशु आहार पूरे बिहार में सप्लाई किया जा रहा है।


किसानों को भी मिल रहा फायदा 🌽

इस फैक्ट्री का फायदा सिर्फ पशुपालकों को ही नहीं बल्कि किसानों को भी मिल रहा है।

पशु आहार बनाने में मक्का (कॉर्न) का उपयोग किया जाता है। पहले स्थानीय किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अपने ही जिले में अच्छा बाजार मिल गया है।

इससे मक्का किसानों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है।


क्षेत्र के लिए बन गई मिसाल ⭐

अभिमन्यु सिंह का यह कदम आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन चुका है।

उनकी फैक्ट्री से:

  • पशुपालकों को समय पर पशु आहार मिल रहा है

  • किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिल रहा है

  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं

अभिमन्यु कहते हैं कि उन्हें खुशी है कि उनके इस निर्णय से उनके क्षेत्र के लोगों को राहत मिली है और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।


युवाओं के लिए संदेश 💡

अभिमन्यु सिंह की कहानी यह साबित करती है कि अगर सही सोच और मेहनत हो तो गांव में भी बड़ा व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है।

आज कई युवा नौकरी की तलाश में शहरों की ओर जाते हैं, लेकिन अगर वे अपने क्षेत्र की जरूरतों को समझकर काम करें तो गांव में ही रोजगार और व्यापार के बड़े अवसर पैदा कर सकते हैं।


निष्कर्ष:

अभिमन्यु सिंह ने दिखा दिया कि अगर समाज की समस्या को अवसर में बदल दिया जाए तो सफलता अपने आप मिलती है। भारत पेट्रोलियम की नौकरी छोड़कर उन्होंने जो जोखिम लिया, वही आज उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है।

Tags: Animal Feed Factory Bihar, | Success Story India, | Rural Entrepreneurship, | Farmer Support Business,
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