Success Story: हाथों से लिख नहीं पा रही थीं, फिर भी RAS परीक्षा पास की – रीना राठौड़ का जज़्बा सलाम के काबिल

  • On: January 15, 2026
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Reena Rathore success story after brain stroke RAS exam inspiring journey in Hindi

Reena Rathore Success Story in Hindi आज हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो जीवन की कठिन परिस्थितियों से जूझ रहा है। राजस्थान के सीकर जिले की रहने वाली रीना राठौड़ ने यह साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो शारीरिक सीमाएं भी रास्ता नहीं रोक सकतीं। ब्रेन स्ट्रोक के बाद जब उनके लिए हाथों से लिखना तक संभव नहीं था, तब भी उन्होंने हार नहीं मानी और RAS जैसी कठिन परीक्षा पास कर अपने संघर्ष को सफलता में बदला।

संघर्ष से शुरू हुआ सफर

रीना राठौड़ ने पीजी बीकानेर यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र में शिक्षा प्राप्त की और UGC NET परीक्षा भी उत्तीर्ण की। पढ़ाई के दौरान विवाह के कारण उन्हें 2018 से पहले कुछ समय के लिए शिक्षा से दूरी बनानी पड़ी, लेकिन उनके सपने कभी रुके नहीं।
साल 2018 में उन्होंने RAS परीक्षा की तैयारी शुरू की, तभी जीवन ने उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।

ब्रेन स्ट्रोक और जीवन की कठिन परीक्षा

साल 2019 में रीना को ब्रेन स्ट्रोक हुआ, जिसके बाद उन्हें ऑपरेशन से गुजरना पड़ा। यह समय शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी बेहद कठिन था। ऑपरेशन के बाद एक दौर ऐसा भी आया जब वे हाथ से लिखने में असमर्थ थीं। अधिकांश लोग ऐसी स्थिति में हार मान लेते हैं, लेकिन रीना ने खुद को टूटने नहीं दिया।

परिवार और जीवनसाथी का संबल

इस कठिन संघर्ष में उनके जीवनसाथी का साथ रीना के लिए सबसे बड़ी ताकत बना। उन्होंने रीना को दोबारा कलम और काग़ज़ थमाकर लिखने के लिए प्रेरित किया, जिससे धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास लौटने लगा। छोटे-छोटे प्रयासों से रीना ने फिर से पढ़ाई शुरू की और अपने लक्ष्य पर डटी रहीं।

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RAS परीक्षा में सफलता

कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर 2023 में रीना राठौड़ ने RAS प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास की। हालांकि इंटरव्यू में उन्हें अंतिम चयन नहीं मिला, लेकिन रीना इसे असफलता नहीं मानतीं। उनके अनुसार, “असफलता अंत नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया है।” यही सोच उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व

रीना राठौड़ की उपलब्धियां यहीं नहीं रुकतीं। अक्टूबर 2025 में उन्होंने थाईलैंड में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए “नारी: शक्ति और शील” विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय नारी की सशक्त छवि प्रस्तुत करना उनके जीवन की एक बड़ी उपलब्धि रही।

महिलाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश

रीना का मानना है कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, राजनीति और समाज सेवा हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। वे कहती हैं कि समस्याएं जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उनसे डरना समाधान नहीं है। धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास ही असली शक्ति हैं।

निष्कर्ष

Reena Rathore Success Story हमें सिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात भी झुक जाते हैं। हाथों से लिख पाने में असमर्थ होने के बावजूद RAS परीक्षा पास करना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मबल और नारी सशक्तिकरण की मिसाल है। रीना राठौड़ की कहानी हर उस व्यक्ति को प्रेरणा देती है जो कठिन दौर से गुजर रहा है और अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखता है।

Tags: Overcoming Disability Success Story, | Civil Services Motivation Story, | UPSC RAS Inspiration, | Inspirational Success Story India, | Reena Rathore Success Story,
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