Success Story: क्रिकेट से क्लासरूम तक – कैसे निलेश कुलकर्णी ने बनाया करोड़ों का स्पोर्ट्स एजुकेशन एम्पायर

  • On: December 30, 2025
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टेस्ट क्रिकेटर निलेश कुलकर्णी जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट के बाद भारत में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट का करोड़ों का एजुकेशन एम्पायर खड़ा किया

जब किसी खिलाड़ी का इंटरनेशनल करियर उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ता, तब अक्सर लोग उसे असफलता मान लेते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो मैदान पर मिली हार को जिंदगी की सबसे बड़ी जीत में बदल देते हैं। भारतीय क्रिकेटर निलेश कुलकर्णी की कहानी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने क्रिकेट से बाहर निकलकर शिक्षा के मैदान में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया।

🎯 टेस्ट क्रिकेट की पहली गेंद और ऐतिहासिक शुरुआत

अगस्त 1997, कोलंबो। भारतीय टीम के लिए टेस्ट डेब्यू कर रहे निलेश कुलकर्णी ने अपनी पहली ही गेंद पर श्रीलंका के मार्वन अटापट्टू को आउट कर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि आज भी क्रिकेट इतिहास में खास मानी जाती है।

हालांकि, इसके बाद का मैच उनके लिए आसान नहीं रहा। सनथ जयसूर्या और रोशन महानामा की विशाल साझेदारी के सामने निलेश ने करीब 70 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन पहली गेंद का वही विकेट उनके पूरे स्पेल का इकलौता विकेट रहा। श्रीलंका ने 900+ रन बनाए और यह टेस्ट मैच रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया।

🇮🇳 छोटा इंटरनेशनल करियर, बड़ा घरेलू रिकॉर्ड

निलेश कुलकर्णी भारत के लिए सिर्फ 3 टेस्ट मैच खेल पाए। उनका आखिरी टेस्ट विकेट चेन्नई में मैथ्यू हेडन के रूप में आया। उसी मैच में हरभजन सिंह ने 15 विकेट लेकर सुर्खियाँ बटोरीं और निलेश धीरे-धीरे इंटरनेशनल क्रिकेट से बाहर हो गए।

हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। मुंबई के लिए उन्होंने 357 फर्स्ट क्लास विकेट लिए, जो उनकी काबिलियत का साफ सबूत है। बावजूद इसके, IPL में उन्हें मौका नहीं मिला।

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💡 स्पोर्ट्स मैनेजमेंट का आइडिया कैसे आया?

क्रिकेट के बाद जिंदगी की नई पिच तैयार करने का विचार उन्हें एक साधारण मौके पर आया। एक दिन वे अपनी पत्नी के साथ डीवाई पाटिल स्टेडियम में मैच देखने गए। वहाँ उन्होंने देखा कि भारत की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग को चलाने के लिए ज्यादातर विदेशी प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं।

यहीं से उन्हें एहसास हुआ कि भारत में खिलाड़ी तो बहुत हैं, लेकिन खेल को प्रोफेशनली मैनेज करने वाले प्रशिक्षित लोग कम हैं। इसी सोच ने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट को करियर विकल्प बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।

🎓 IISM की नींव और नई शुरुआत

करीब डेढ़ साल की रिसर्च, भारत और विदेशों में अध्ययन, सिलेबस डिजाइन और भारतीय खेल व्यवस्था के अनुसार कंटेंट तैयार करने के बाद, साल 2010 में निलेश कुलकर्णी ने International Institute of Sports Management (IISM) की स्थापना की।

शुरुआत में सबसे बड़ी चुनौती थी – माता-पिता को समझाना कि स्पोर्ट्स मैनेजमेंट भी एक गंभीर और सुरक्षित करियर हो सकता है। लेकिन निलेश अपने विज़न पर डटे रहे।

🏫 भारत का पहला स्पोर्ट्स मैनेजमेंट डिग्री प्रोग्राम

निलेश कुलकर्णी ने मुंबई यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर देश का पहला स्पोर्ट्स मैनेजमेंट डिग्री प्रोग्राम शुरू करवाया। धीरे-धीरे सरकार और यूनिवर्सिटीज ने भी इस क्षेत्र को मान्यता दी।

आज IISM से पढ़े छात्र:

  • IPL
  • ISL
  • प्रो कबड्डी
  • सरकारी खेल योजनाओं
  • स्पोर्ट्स इवेंट और लीग मैनेजमेंट

जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

💰 करोड़ों का रेवेन्यू और मजबूत बिजनेस मॉडल

निलेश कुलकर्णी की मुख्य कंपनी Eduhub Education Private Limited ने वित्त वर्ष 2024 तक लगभग 18.9 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया। इसके अलावा उनके स्पोर्ट्स और इवेंट मैनेजमेंट से जुड़े कई अन्य वेंचर्स भी सफलतापूर्वक चल रहे हैं।

🏆 राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार

साल 2020 में IISM को राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पहली बार था जब किसी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट संस्थान को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला।

🔑 असफलता से मिली असली सीख

निलेश कुलकर्णी आज भी अपने छात्रों को पहली गेंद के विकेट की कहानी नहीं, बल्कि उन 69.5 ओवरों की कहानी सुनाते हैं, जिनसे उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। उनका मानना है कि असली सीख असफलताओं से मिलती है।

IPL में रिजेक्ट होना उनके लिए अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत साबित हुआ।

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🧘‍♂️ 52 की उम्र में भी फिट और प्रेरणादायक

आज 52 साल की उम्र में भी निलेश कुलकर्णी फिट हैं, नियमित योग करते हैं और छात्रों को सिखाते हैं कि खेल खत्म होने के बाद भी जिंदगी की एक “सेकंड इनिंग” होती है।

जिस क्रिकेट ने कभी उन्हें निराश किया, उसी क्रिकेट ने उन्हें भारत का करोड़ों का स्पोर्ट्स एजुकेशन एम्पायर खड़ा करने की प्रेरणा दी।

✨ निष्कर्ष

निलेश कुलकर्णी की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो असफलता से डरते हैं। सही सोच, अनुभव और मेहनत से हार को भी जीत में बदला जा सकता है।

Tags: Indian Cricketer Success Story, | Sports Education in India, | IISM Institute, | International Institute of Sports Management,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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