भारत का लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप मिसाइल (LRAShM) 2026 गणतंत्र दिवस पर अपनी ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराएगा

  • On: January 11, 2026
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LRAShM हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल का प्रदर्शन 2026 गणतंत्र दिवस

भारत ने 77वें गणतंत्र दिवस 2026 पर अपनी नई सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप मिसाइल (LRAShM) का भव्य प्रदर्शन किया यह मिसाइल न केवल भारत की रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता का प्रतीक है, बल्कि इसे ‘नया समुंदर का प्रहरी’ भी कहा जा रहा है। आइए जानते हैं LRAShM के बारे में विस्तार से।


LRAShM क्या है?

LRAShM (Long Range Anti-Ship Missile) एक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल है जिसे DRDO (Defence Research and Development Organisation) ने विभिन्न उद्योग भागीदारों के सहयोग से विकसित किया है। इसे विशेष रूप से एंटी-शिप रोल के लिए बनाया गया है, जिसका मतलब है कि यह उच्च मूल्य वाले समुद्री लक्ष्यों जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर्स और डिस्ट्रॉयर को बड़े अंतराल से निशाना बनाने में सक्षम है।

इस मिसाइल को ‘आधुनिक युग का ब्रह्मास्त्र’ और ‘नया समुंदर का प्रहरी’ भी कहा जाता है। इसकी पहली झलक 77वें गणतंत्र दिवस पर दर्शकों को दिखाई गई।

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LRAShM की प्रमुख विशेषताएँ

  1. विकास और निर्माण:

    • विकसित: DRDO और विभिन्न उद्योग भागीदारों द्वारा

    • स्थान: डॉ APJ अब्दुल कलाम मिसाइल कॉम्प्लेक्स

  2. प्रकार:

    • हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल (HGVs)

    • लंबी दूरी की क्षमता के साथ

  3. उद्देश्य:

    • समुद्री लक्ष्यों को नष्ट करना, विशेषकर उच्च मूल्य वाले जहाजों को

  4. हथियार:

    • परंपरागत और परमाणु दोनों प्रकार के वारहेड्स को ले जाने की क्षमता

  5. गति:

    • Mach 10 (लगभग 3.37 किमी/सेकेंड)

    • वर्तमान मिसाइल रक्षा प्रणालियों से कहीं आगे

  6. परिसीमा (Range):

    • 1500 किमी तक निशाना साध सकती है

    • भारतीय नौसेना को गहरे समुद्र में शक्ति प्रक्षेपण की सुविधा

  7. सटीकता (Precision):

    • अत्याधुनिक X-band synthetic-aperture radar

    • Monopulse homing seekers

    • Terminal manoeuvres से गतिशील लक्ष्यों पर सटीक निशाना

  8. सागर पर प्रभुत्व (Sea Denial):

    • भारतीय महासागरीय क्षेत्र (Indian Ocean Region) में Sea Denial रणनीति को मजबूत करता है

    • A2/AD (Anti-Access/Area Denial) रणनीतियों के खिलाफ प्रभावी

  9. विशेषताएँ:


LRAShM का रणनीतिक महत्व

LRAShM केवल एक मिसाइल नहीं है; यह भारत की सैन्य और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इस मिसाइल की उपस्थिति से भारत यह संदेश देता है कि उसकी सैन्य शक्ति और समुद्री सुरक्षा आधुनिक तकनीक पर आधारित है।

  • यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति का संकेत देता है।

  • इसकी हाइपरसोनिक गति और लंबी दूरी इसे वैश्विक स्तर पर एक प्रभावशाली ‘Carrier-Killer’ बनाती है।

  • भारत अब अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों की सूची में शामिल है जिनके पास ऐसी उन्नत मिसाइल तकनीक है।


निष्कर्ष

77वें गणतंत्र दिवस पर LRAShM का प्रदर्शन भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और वैश्विक समुद्री प्रभुत्व का प्रतीक है। यह मिसाइल भारतीय नौसेना को भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाती है और यह सुनिश्चित करती है कि भारतीय समुद्री क्षेत्र सुरक्षित और शक्तिशाली हाथों में है।

Tags: LRAShM, | India Missile, | Hypersonic Missile, | Republic Day 2026, | Indian Navy, | DRDO Missile, | Carrier Killer Missile, | Sea Denial Strategy,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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