कहानी देश की पहली महिला वैज्ञानिक की, जिसका C.V. रमन ने रिजेक्ट किया PhD एडमिशन, फिर भी रचा इतिहास

  • On: December 25, 2025
Follow Us:
कमला सोहोनी की प्रेरणादायक कहानी – भारत की पहली महिला वैज्ञानिक जिन्होंने C.V. रमन के विरोध के बावजूद इतिहास रचा

भारत में महिलाओं की शिक्षा और विज्ञान में योगदान की कहानियां हमेशा प्रेरणादायक रही हैं। इनमें से एक कहानी है कमला सोहोनी की, जिन्होंने भारतीय विज्ञान जगत में एक अहम स्थान हासिल किया, हालांकि इस रास्ते में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि मेहनत और काबिलियत से कोई भी मुश्किल असंभव नहीं होती। कमला सोहोनी की यात्रा को जानने से पहले हम आपको एक दिलचस्प और प्रेरणादायक घटना से परिचित कराते हैं।

C.V. रमन से PhD एडमिशन रिजेक्ट क्यों हुआ?

कमला सोहोनी के जीवन में एक अहम मोड़ तब आया जब उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु में PhD के लिए आवेदन किया। वह भारत की पहली महिला थीं जिन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान में दाखिले के लिए आवेदन किया। हालांकि, उनकी उम्मीदों को उस वक्त बुरी तरह झटका लगा, जब भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक C.V. रमन ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। रमन का कहना था कि संस्थान महिलाओं के लिए नहीं है और इस काम के लिए वे तैयार नहीं हैं। यह घटना उनके लिए एक कठिन अनुभव थी, लेकिन कमला सोहोनी ने हार नहीं मानी।

इतिहास बनाने का जुनून

कमला सोहोनी ने विरोध में शोर मचाने की बजाय अपनी कड़ी मेहनत से यह साबित किया कि कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत और काबिलियत से समाज की स्थापित धारणाओं को चुनौती दे सकता है। उन्होंने अपने शोध और विज्ञान में योगदान देकर न केवल अपनी काबिलियत को साबित किया, बल्कि भारतीय महिलाओं के लिए विज्ञान के क्षेत्र में नए रास्ते भी खोले।

कमला सोहोनी का बचपन

कमला का जन्म 1911 में इंदौर में हुआ था। उनका परिवार एक वैज्ञानिक परिवार था, जिसमें उनके पिता नारायणराव भगवत और चाचा माधवराव भगवत दोनों ही विज्ञान से जुड़ी हुईं हस्तियां थीं। कमला सोहोनी को बचपन से ही विज्ञान में गहरी रुचि थी। उनके पिता की छोटी लैब में वह अक्सर घंटों प्रयोग करतीं। शीशे के बीकरों की खनक और केमिकल्स की महक उन्हें आकर्षित करती थी, और इसने उनकी विज्ञान के प्रति रुचि को और भी बढ़ाया।

Read Also : स्टीफन हॉकिंग के प्रेरक विचार : कमाना चाहते हैं बड़ा नाम, तो घोल कर पी जाएं स्टीफन हॉकिंग की ये 10 बातें, मिलेगी सफलता

कमला का सामना C.V. रमन से

जब कमला सोहोनी ने IISc में PhD के लिए आवेदन किया, तो 22 साल की उम्र में उनका सामना C.V. रमन से हुआ। रमन उस समय भारत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित वैज्ञानिक थे। कमला की साड़ी में सजी हुई और आत्मविश्वास से भरी हुई छवि ने रमन को प्रभावित किया। उन्होंने रमन से अपनी काबिलियत साबित करने की ठानी थी।

विज्ञान में योगदान

PhD में रिजेक्ट होने के बावजूद, कमला ने हार मानने का नाम नहीं लिया। उन्होंने भारत में पोषण और विज्ञान को लोगों के जीवन से जोड़ने का कार्य किया। वे कून्नूर के न्यूट्रिशन रिसर्च लैब और बाद में मुंबई के रॉयल इंस्टीट्यूट में कार्यरत रहीं। यहां उन्होंने भारतीय पोषण नीति को प्रभावित किया और कई महत्वपूर्ण शोध किए।

कमला सोहोनी ने साबित किया कि संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। उनका जीवन एक उदाहरण है कि कैसे किसी महिला ने विज्ञान के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई, और यह हमें यह सिखाता है कि जब तक आत्मविश्वास और संघर्ष है, तब तक कोई भी सपना असंभव नहीं होता।

निष्कर्ष

कमला सोहोनी की कहानी हमें न केवल संघर्ष की ताकत सिखाती है, बल्कि यह भी बताती है कि जब भी हमें जीवन में कोई कठिनाई आए, तो उसे अपने काम और काबिलियत से जीतने की जरूरत है। यह कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो विज्ञान, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाना चाहती हैं। कमला ने यह साबित किया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं, और उन्हें अपनी जगह बनानी आती है।

Tags: Kamala Sohonie, | C.V. Raman, | Woman Scientist, | Indian Science, | IISc Bangalore, | Women in Science, | Inspirational Story,
Share this post:

FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

0 Comments

No reviews yet.

Leave A Comment

Latest Post