घटेगी लागत, बढ़ेगी आय! एक ही खेत में फूल-सब्जी और दालें उगाएं किसान, जानें फायदे

  • On: December 1, 2025
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इंटरक्रॉपिंग विधि के फायदे, एक ही खेत में फूल, सब्जी और दालों की फसल

इंटरक्रॉपिंग, एक ऐसी कृषि पद्धति है जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इसमें एक ही खेत में दो या दो से अधिक फसलों को एक साथ उगाया जाता है। यह तकनीक न केवल आय बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि भूमि का बेहतर उपयोग करने में भी सहायक है। इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको इंटरक्रॉपिंग के फायदे और इसे लागू करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

इंटरक्रॉपिंग क्या है?

इंटरक्रॉपिंग का अर्थ है कि एक ही खेत में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाना। जैसे कि, एक ही खेत में सब्जियां, दालें और फूलों की फसलें उगाई जा सकती हैं। इस प्रक्रिया से किसान कई तरह की फसलों को एक ही समय में उगाकर फायदा उठा सकते हैं। यह खेती के लिए न केवल लाभकारी है, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल करने का एक तरीका भी है।

इंटरक्रॉपिंग के फायदे

  • आय के स्रोत बढ़ते हैं

एक ही खेत में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाने से किसानों को एक ही समय में कई स्रोतों से आय मिल सकती है। उदाहरण के लिए, सब्जियां, फूल और दालें, इन तीनों के उत्पादन से अलग-अलग बाजारों में बिक्री हो सकती है। इससे आय में वृद्धि होती है।

  • खाद्य सुरक्षा मिलती है

अगर एक ही खेत में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाएं, तो यह फसल की असफलता की स्थिति में किसानों के लिए सुरक्षा प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, यदि एक फसल खराब हो जाती है, तो दूसरी फसल से आय प्राप्त हो सकती है।

  • मिट्टी की उर्वरता में सुधार

इंटरक्रॉपिंग से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है। दालों जैसी फसलें नाइट्रोजन को फिक्स करती हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और अन्य फसलों को पोषक तत्वों की कमी नहीं होती।

  • उत्पादन में वृद्धि

विभिन्न प्रकार की फसलें एक ही खेत में उगने से भूमि का बेहतर उपयोग होता है। इसके परिणामस्वरूप कुल उत्पादन में वृद्धि होती है। यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों में फायदेमंद है जहां भूमि की कमी होती है।

  • कीटों और रोगों पर नियंत्रण

जब विभिन्न प्रकार की फसलें एक साथ उगाई जाती हैं, तो यह कीटों और रोगों की संभावना को कम करता है। क्योंकि कीटों और रोगों के लिए एक ही प्रकार की फसल पर हमला करना आसान होता है, लेकिन विभिन्न फसलें होने से यह संभावना कम हो जाती है।

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  • संसाधनों का अधिकतम उपयोग

एक ही खेत में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाने से जल, उर्वरक और अन्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग होता है। इससे लागत कम होती है और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग होता है।

  • इंटरक्रॉपिंग की विधियाँ

इंटरक्रॉपिंग की कई विधियाँ हैं, जिनका उपयोग किसान अपनी आवश्यकताओं और खेत की स्थिति के आधार पर कर सकते हैं:

  • स्ट्रिप इंटरक्रॉपिंग:

इसमें एक खेत को कई पट्टियों में बांटा जाता है, और हर पट्टी पर अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं।

  • लाइनेट इंटरक्रॉपिंग:

इसमें दो फसलें एक-दूसरे के साथ पंक्तियों में उगाई जाती हैं, जैसे कि मक्का और दालें। इस प्रकार की पद्धति में दोनों फसलों को समान रूप से अंतराल पर उगाया जाता है।

  • मिक्स्ड इंटरक्रॉपिंग:

इसमें कई फसलें एक साथ उगाई जाती हैं, जैसे कि सब्जियां और फूल। यह विधि विशेष रूप से छोटे खेतों में प्रभावी होती है।

किसानों के लिए सुझाव

  • स्थानीय बाजार का अध्ययन करें:

किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे ऐसी फसलें उगाएं जिनकी मांग स्थानीय बाजार में हो। इससे फसल की बिक्री में आसानी होगी।

  • स्मार्ट सिंचाई तकनीक का उपयोग करें:

इंटरक्रॉपिंग के दौरान फसलों की अलग-अलग जल आवश्यकता होती है, इसलिए स्मार्ट सिंचाई तकनीकों का उपयोग करना चाहिए, जैसे ड्रिप इरिगेशन।

  • प्राकृतिक उर्वरकों का प्रयोग करें:

इंटरक्रॉपिंग से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को प्राकृतिक उर्वरकों का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि फसलों को अधिक पोषक तत्व मिल सकें।

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निष्कर्ष

इंटरक्रॉपिंग किसानों के लिए एक बेहद फायदेमंद तकनीक है, जो न केवल उत्पादन को बढ़ाती है बल्कि लागत को भी कम करती है। विभिन्न प्रकार की फसलों को एक साथ उगाकर किसान न केवल अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं, बल्कि भूमि का भी बेहतर उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, यह पर्यावरण और मिट्टी के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है। इसलिए, यदि आप भी कृषि में सुधार लाना चाहते हैं तो इंटरक्रॉपिंग को अपनाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

आशा है कि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी होगी। किसानों के लिए ऐसे और भी फायदेमंद कृषि उपायों के बारे में जानने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें।

Tags: Intercropping, | Agriculture, | Farming, | Benefits for Farmers, | Crops, | Vegetables, | Pulses, | Flowers, | Agricultural Techniques,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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