स्पैम कॉल्स पर कसा जाएगा शिकंजा! अब बैंक-बीमा कंपनियों की कॉल आएगी सिर्फ इस सीरीज से

  • On: November 26, 2025
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स्पैम कॉल्स पर शिकंजा: 1600 सीरीज से आएगी बैंक और बीमा कंपनियों की कॉल

आजकल स्पैम कॉल्स और फ्रॉड कॉल्स भारत में एक आम समस्या बन चुकी हैं। खासकर बैंकिंग, लोन, क्रेडिट कार्ड और इंश्योरेंस से जुड़ी फर्जी कॉल्स के कारण लोग रोज़ ठगी का शिकार हो रहे हैं। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। ट्राई (TRAI) ने घोषणा की है कि अब से बैंक, बीमा कंपनियां, NBFC, म्यूचुअल फंड कंपनियां और स्टॉक मार्केट से जुड़ी संस्थाएं केवल ‘1600’ सीरीज के फोन नंबर से ही कॉल करेंगी। यह कदम ग्राहकों को असली और नकली कॉल्स के बीच अंतर करने में मदद करेगा।

स्पैम कॉल्स पर शिकंजा – क्या बदलने वाला है?

ट्राई का यह फैसला 19 नवंबर 2025 को जारी किया गया, और इसके मुताबिक, अब से जिन कॉल्स की शुरुआत ‘1600’ नंबर से होगी, वह कॉल असली वित्तीय संस्थाओं की होगी। इससे लोग आसानी से पहचान सकेंगे कि वे जिस कॉल का सामना कर रहे हैं, वह असली है या फर्जी। इस निर्णय का उद्देश्य वित्तीय धोखाधड़ी को रोकना और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

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क्यों लिया गया यह बड़ा कदम?

भारत में हर महीने लाखों लोग स्पैम और धोखाधड़ी कॉल्स का शिकार हो रहे हैं। इन कॉल्स के जरिए विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी की जाती है, जैसे:

  • OTP के जरिए पैसे की ठगी
  • KYC अपडेट के नाम पर पैसे की मांग
  • फर्जी लोन ऑफर देकर पैसे निकालना
  • बीमा पॉलिसी की रिन्यूअल कॉल्स

इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ट्राई ने यह कदम उठाया है ताकि लोग फर्जी कॉल्स से बच सकें। ‘1600’ सीरीज से शुरू होने वाली कॉल्स के जरिए अब यह साफ हो जाएगा कि यह कॉल किसी वित्तीय संस्था की तरफ से है, या फिर किसी धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की।

‘1600’ सीरीज से क्या होगा फायदा?

इस नई पहल से कई फायदे होंगे, जैसे:

  • स्पैम कॉल्स की पहचान करना आसान होगा

अगर कॉल ‘1600’ नंबर से नहीं है, तो आप समझ सकेंगे कि यह कॉल फर्जी हो सकती है।

  • फोन फ्रॉड्स कम होंगे

जिन ठगों ने पहले OTP, KYC, या क्रेडिट कार्ड के बहाने ठगी की, उनके लिए यह नया नियम एक बड़ी चुनौती बनेगा।

  • बैंकिंग अनुभव सुरक्षित होगा


ग्राहकों को अब यह भरोसा होगा कि कॉल असली बैंक या वित्तीय संस्था से ही आ रही है।

  • ऑनलाइन स्कैमर्स के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी

अब धोखाधड़ी करने वाले ठग ‘1600’ सीरीज जैसे असली नंबरों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, क्योंकि ये कॉल्स अब ट्रैक किए जा सकते हैं।

  • कॉल ट्रेसिंग होगी आसान

अगर कोई समस्या होती है, तो 1600 से शुरू होने वाली कॉल्स की शिकायत आसानी से दर्ज की जा सकेगी।

1600 सीरीज को कब से लागू किया जाएगा?

ट्राई ने विभिन्न सेक्टरों के लिए अलग-अलग तारीखें तय की हैं, ताकि यह बदलाव सही तरीके से लागू हो सके:

  • कमर्शियल बैंक (सभी सरकारी, प्राइवेट, विदेशी बैंक): 1 जनवरी 2026 तक
  • बड़ी NBFCs (₹5000 करोड़+ एसेट): 1 फरवरी 2026 तक
  • पेमेंट बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक: 1 फरवरी 2026 तक
  • बाकी NBFC, सहकारी बैंक, RRBs (छोटे बैंक): 1 मार्च 2026 तक
  • म्यूचुअल फंड्स और एसेट मैनेजमेंट कंपनियां: 15 फरवरी 2026 तक
  • क्वालिफाइड स्टॉक ब्रोकर्स (QSB): 15 मार्च 2026 तक
  • अन्य SEBI रजिस्टर्ड संस्थाएं: स्वेच्छा से अपनाने के लिए
  • पेंशन फंड मैनेजर्स, सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसियां: 15 फरवरी 2026 तक
  • बीमा कंपनियां: तारीख जल्द घोषित होगी

नया सिस्टम कैसे काम करेगा?

TRAI ने भारतीय दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्र के लिए एक अलग 1600 सीरीज जारी की है। अब से, सभी बैंक और बीमा कंपनियां अपनी कॉल्स इस सीरीज में शिफ्ट कर देंगी। जब आप कोई कॉल उठाएंगे, तो स्क्रीन पर ‘1600’ से शुरू होने वाला नंबर दिखाई देगा, जिससे आपको यह पहचानने में मदद मिलेगी कि कॉल असली है।

ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

  • आने वाले महीनों में बैंक की असली कॉल्स केवल ‘1600’ सीरीज से ही आएंगी।
  • यदि किसी मोबाइल नंबर या व्हाट्सऐप कॉल से कॉल आए, तो तुरंत सावधान रहें।
  • कभी भी OTP, UPI रिक्वेस्ट या किसी लिंक पर क्लिक न करें।
  • ध्यान दें कि बैंक कभी भी मोबाइल नंबर से कॉल करके आपकी व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगते।

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निष्कर्ष

यह कदम ग्राहकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आ रहा है, क्योंकि अब उन्हें असली और फर्जी कॉल्स के बीच अंतर करना बेहद आसान हो जाएगा। ट्राई द्वारा किए गए इस बदलाव से न केवल वित्तीय धोखाधड़ी में कमी आएगी, बल्कि बैंकिंग अनुभव भी सुरक्षित होगा।

यह बदलाव केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अन्य देशों में भी ऐसे धोखाधड़ी कॉल्स से निपटने के लिए एक आदर्श कदम साबित हो सकता है।

Tags: spam calls, | 1600 series, | TRAI, | financial frauds, | banking calls, | insurance companies, | NBFC, | mutual funds, | phone scams, | fraud prevention,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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