क्या Google Gemini AI के लिए Gmail मैसेज स्कैन कर रहा है? जानिए सच

  • On: November 24, 2025
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Google Gemini AI और Gmail डेटा उपयोग पर विवाद

हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि Google अपने Gemini AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए यूजर्स के Gmail मैसेज और अटैचमेंट्स को स्कैन कर रहा है। इस खबर ने काफी हलचल मचाई और कई यूज़र्स परेशान हो गए थे। हालांकि, अब Google ने इन खबरों को भ्रामक बताया है और इस मामले में पूरी तरह से अपनी सफाई दी है।

गूगल की प्रवक्ता Jenny Thomson ने द वर्ज से बात करते हुए कहा कि स्मार्ट फीचर्स केवल यूज़र एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाने के लिए हैं, न कि AI ट्रेनिंग के लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि Gemini AI के लिए Gmail के कंटेंट का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

Google का आधिकारिक बयान

गूगल ने कहा कि जिन स्मार्ट फीचर्स का इस्तेमाल Gmail में किया जाता है, जैसे स्पेल चेक, प्रेडिक्टिव टेक्स्ट, पैकेज ट्रैकिंग और फ्लाइट ऑटो-एड, ये सभी फीचर्स केवल यूज़र एक्सपीरिएंस को पर्सनलाइज़ करने के लिए काम करते हैं। गूगल ने यह भी स्पष्ट किया कि इन फीचर्स का कोई संबंध Gemini AI के टेस्टिंग से नहीं है।

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गूगल के मुताबिक, जिन यूज़र्स ने स्मार्ट फीचर्स को पहले बंद किया था, उन्होंने देखा कि एक अपडेट के बाद ये फीचर्स फिर से चालू हो गए थे। गूगल ने इसे सेटिंग्स के अपडेट का परिणाम बताया और कहा कि इसमें कोई नीति परिवर्तन नहीं हुआ है।

स्मार्ट फीचर्स क्या करते हैं?

जब स्मार्ट फीचर्स को सक्षम किया जाता है, तो ये ईमेल कंटेंट का उपयोग यूज़र के अनुभव को पर्सनलाइज़ करने के लिए करती हैं। उदाहरण के तौर पर, ये फीचर्स सुझावित रिप्लाई देने, ऑर्डर ट्रैकिंग करने, और फ्लाइट बुकिंग को ऑटो-डिटेक्ट करने में मदद करती हैं।

हालांकि, इन फीचर्स को बंद करने से यूज़र के लिए पर्सनलाइज्ड सुझाव कम हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गूगल आपके Gmail कंटेंट का AI ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल कर रहा है।

कानूनी मुद्दे और मुकदमा

गूगल ने यह तो स्पष्ट किया कि Gemini AI के लिए Gmail डेटा का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, लेकिन इस महीने कैलिफ़ोर्निया इनवेशन ऑफ प्राइवेसी एक्ट (CIPA) के उल्लंघन का एक क्लास-एक्शन मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि गूगल ने Gmail, Chat, और Meet में यूज़र्स की निजी बातचीत तक AI की पहुंच बढ़ा दी है।

हालांकि, गूगल ने इस मुकदमे पर अभी तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कंपनी का कहना है कि स्मार्ट फीचर्स केवल यूज़र एक्सपीरिएंस के लिए हैं, न कि किसी भी प्रकार की AI ट्रेनिंग के लिए।

क्या यूज़र अपने Gmail अनुभव को कस्टमाइज कर सकते हैं?

गूगल ने यह भी बताया कि यूज़र्स अपने Gmail एक्सपीरिएंस को कस्टमाइज कर सकते हैं, और यदि वे चाहते हैं कि स्मार्ट फीचर्स उनके ईमेल कंटेंट का उपयोग न करें, तो वे इन फीचर्स को बंद कर सकते हैं। इस तरह, उनका ईमेल कंटेंट AI ट्रेनिंग में नहीं जाएगा और केवल पर्सनलाइज्ड यूज़र एक्सपीरिएंस के लिए ही इस्तेमाल होगा।

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निष्कर्ष

इस पूरे मामले पर गूगल का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य यूज़र एक्सपीरिएंस को बेहतर बनाना है और इसके लिए कोई भी यूज़र डेटा का इस्तेमाल AI ट्रेनिंग के लिए नहीं किया जा रहा है। हालांकि, गूगल को लेकर उठ रहे कानूनी और प्राइवेसी के सवालों के बावजूद, उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका कोई भी फीचर AI ट्रेनिंग के लिए ईमेल या अन्य डेटा का इस्तेमाल नहीं करता।

यूज़र्स के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने Gmail और अन्य Google सेवाओं की सेटिंग्स को अच्छे से समझें और जरूरत के अनुसार इन्हें कस्टमाइज करें। इससे वे अपनी प्राइवेसी को बनाए रख सकते हैं और Google के स्मार्ट फीचर्स का सही तरीके से उपयोग कर सकते हैं।

Tags: Google Gemini AI, | Google Privacy, | AI Controversy, | Google Updates, | Data Security, | AI Technology,
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