🚀 मिशन अन्वेषा: ISRO का PSLV-C62 मिशन, तीसरे चरण में आई गड़बड़ी, जानिए पूरी जानकारी

  • On: January 13, 2026
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ISRO PSLV-C62 द्वारा मिशन अन्वेषा (EOS-N1) सर्विलांस सैटेलाइट का प्रक्षेपण, तीसरे चरण में तकनीकी असामान्यता

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 12 जनवरी 2026 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV-C62 / EOS-N1 (अन्वेषा) मिशन का प्रक्षेपण किया। इस मिशन का उद्देश्य भारत की स्पेस इकॉनमी में निजी भागीदारी को बढ़ावा देना और उन्नत निगरानी क्षमताओं को विकसित करना था।

हालांकि, मिशन के दौरान तीसरे चरण (PS3) में तकनीकी असामान्यता (Deviation) सामने आई, जिसके बाद सैटेलाइट की सटीक कक्षा में स्थापना को लेकर जांच शुरू कर दी गई।


🛰️ अन्वेषा (EOS-N1) सैटेलाइट क्या है?

अन्वेषा सैटेलाइट एक अत्याधुनिक हाइपरस्पेक्ट्रल सर्विलांस सैटेलाइट है, जिसे DRDO द्वारा विकसित किया गया है और ISRO द्वारा लॉन्च किया गया। इसे “भारत की अंतरिक्ष में बाज़ की नज़र (Hawk Eye)” कहा जा रहा है।

यह सैटेलाइट पारंपरिक कैमरों से अलग है क्योंकि यह अलग-अलग तरंगदैर्घ्य (Spectral Bands) में डेटा कैप्चर करता है, जिससे ज़मीन पर मौजूद वस्तुओं की पहचान बेहद सटीक तरीके से की जा सकती है।


❌ PSLV-C62 मिशन में क्या हुआ?

ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के अनुसार:

  • रॉकेट के पहले और दूसरे चरण पूरी तरह सफल रहे

  • T+380 सेकंड पर तीसरे चरण (PS3) में

    • रोल रेट (Roll Rate) में असामान्य बढ़ोतरी हुई

    • वाहन की ओरिएंटेशन (Attitude Control) बिगड़ गई

  • इसके कारण ट्रैजेक्टरी में विचलन हुआ

👉 फिलहाल Failure Analysis Committee पूरे डेटा का विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सैटेलाइट अपनी निर्धारित कक्षा में सही ढंग से स्थापित हुआ या नहीं।


📡 अन्वेषा सैटेलाइट की रणनीतिक क्षमताएँ

🔍 1. सामरिक निगरानी (Strategic Surveillance)

  • सेना की गतिविधियों, सीमा क्षेत्रों और दुश्मन की हलचल पर नजर

  • कैमोफ्लाज किए गए सैन्य उपकरणों की पहचान

  • प्राकृतिक वनस्पति और हरे रंग से पेंट किए गए सैन्य वाहनों में अंतर

🎯 2. उच्च सटीकता ट्रैकिंग

  • 12 मीटर स्पेशल रेजोल्यूशन

  • 12 किलोमीटर स्वाथ (Swath Width)

  • सीमाओं पर ज़मीन के बदलाव और भारी बख्तरबंद वाहनों की मूवमेंट पर नजर

🌾 3. नागरिक उपयोग (Civilian Applications)

  • स्मार्ट खेती (Smart Agriculture)

  • मिट्टी की नमी और फसल स्वास्थ्य की पहचान

  • खनिज खोज (Mineral Mapping)

  • आपदा प्रबंधन और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली


🧪 हाइपरस्पेक्ट्रल “बारकोड” तकनीक

अन्वेषा सैटेलाइट की सबसे खास विशेषता है Environmental Barcodes

📊 अन्वेषा सैटेलाइट की प्रमुख विशेषताएँ

विशेषता विवरण
उद्देश्य उच्च-रिज़ॉल्यूशन अर्थ ऑब्ज़र्वेशन व सर्विलांस
विकास DRDO
सैटेलाइट भार ~400 किलोग्राम (मिनी सैटेलाइट)
मुख्य पेलोड हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सेंसर
स्पेक्ट्रल रेज़ोल्यूशन 10–20 nm (VNIR + SWIR)
स्पेशल रेज़ोल्यूशन लगभग 12 मीटर
स्वाथ चौड़ाई 12 किमी
कक्षा सन-सिंक्रोनस पोलर ऑर्बिट
लक्ष्य ऊँचाई ~505 किमी
लॉन्च व्हीकल PSLV-C62 (PSLV-DL वैरिएंट)

🚀 भारत की नई स्पेस रणनीति की झलक

PSLV-C62 मिशन यह दर्शाता है कि भारत अब:

  • केवल ISRO-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़ रहा है

  • DRDO, निजी कंपनियों और ISRO के सहयोग से

  • एक कोऑपरेटिव स्पेस इकोसिस्टम विकसित कर रहा है

हालांकि तीसरे चरण में आई तकनीकी समस्या एक झटका है, लेकिन इससे प्राप्त डेटा भविष्य में PSLV की विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।


🔮 निष्कर्ष

मिशन अन्वेषा भारत की अंतरिक्ष और रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा कदम है। भले ही PSLV-C62 को तीसरे चरण में असामान्यता का सामना करना पड़ा हो, लेकिन यह मिशन भारत की उन्नत निगरानी तकनीक, निजी भागीदारी और भविष्य के हाई-फ्रीक्वेंसी लॉन्च प्लान के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

ISRO की “वर्कहॉर्स” PSLV प्रणाली को और बेहतर बनाने में इस मिशन से मिली सीख अहम भूमिका निभाएगी।

Tags: Mission Anvesha, | PSLV C62 Mission, | ISRO Anvesha Satellite, | India Surveillance Satellite, | Hyperspectral Satellite India,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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