Engineer's Day 2025: बीटेक में AI और ML बना छात्रों की पहली पसंद, महिलाओं की बढ़ रही मजबूत भागीदारी

  • On: September 16, 2025
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महिला छात्राएं बीटेक AI और ML कोर्स में एडमिशन लेती हुईं, इंजीनियरिंग शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भूमिका – Engineer’s Day 2025

नई दिल्ली (Engineer’s Day 2025): इंजीनियरिंग की दुनिया तेजी से बदल रही है और इस बदलाव की अगुवाई कर रही हैं महिला छात्राएं। जहां एक समय बीटेक और टेक्निकल एजुकेशन को पुरुष-प्रधान क्षेत्र माना जाता था, वहीं अब लड़कियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे कोर्सेज में बड़ी संख्या में दाखिला ले रही हैं।

Women in Engineering: AI और ML में दिखा सबसे बड़ा उछाल

College Vidya की एक रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं की तकनीकी शिक्षा में भागीदारी पिछले कुछ सालों में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है।

  • 2022 में इंजीनियरिंग शिक्षा में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 4% थी।

  • 2025 में यह बढ़कर 17% हो गई।

सबसे तेज वृद्धि AI और ML प्रोग्राम्स में देखी गई है:

  • 2024 में सिर्फ 5% महिलाएं AI-ML में दाखिला ले रही थीं।

  • 2025 में यह आंकड़ा 20% तक पहुंच गया।
    यानी आज हर 5 में से 1 छात्रा AI और ML मास्टर्स प्रोग्राम में रजिस्टर्ड है।

इसके अलावा:

  • साइबर सिक्योरिटी में MCA स्तर पर लगभग 25% छात्राएं हैं।

  • जनरेटिव AI में डॉक्टोरल स्तर पर 15% महिलाएं रिसर्च कर रही हैं।

  • B.Sc और M.Sc में महिला भागीदारी 2019 के 10-12% से बढ़कर अब 40% तक पहुंच गई है।

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किन राज्यों में सबसे ज्यादा महिला छात्राएं?

रिपोर्ट बताती है कि दक्षिण भारत इस बदलाव का नेतृत्व कर रहा है।

  • देशभर की लगभग 70% महिला इंजीनियरिंग छात्राएं केवल कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से आती हैं।

  • पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार भी तेजी से उभर रहे हैं।
    खास बात यह है कि इनकी बड़ी संख्या टियर 2 और टियर 3 शहरों से आती है और ये अब टियर 1 शहरों की ओर बढ़ रही हैं।

क्यों बढ़ रही है महिला छात्रों की संख्या?

महिला छात्राओं के बढ़ते रुझान के पीछे कई अहम कारण हैं:

  • ऑनलाइन लर्निंग मॉड्यूल्स ने कॉलेज पर निर्भरता कम कर दी है।

  • EMI सुविधा (₹4,999 से शुरू) ने क्वॉलिटी एजुकेशन सुलभ बना दी है।

  • टॉप फैकल्टी और डिजिटल कंटेंट आसानी से उपलब्ध हैं।

  • परिवार अब बेटियों को इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

  • महिला CXO और टेक लीडर्स नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

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क्लासरूम से बोर्डरूम तक

रिपोर्ट के अनुसार:

  • करीब दो-तिहाई महिला छात्राएं पहले से वर्किंग प्रोफेशनल हैं और करियर ग्रोथ के लिए अपस्किलिंग कर रही हैं।

  • लगभग 30% छात्राएं फ्रेश ग्रेजुएट्स हैं, जिनका लक्ष्य नौकरी के साथ-साथ उद्यमिता (Entrepreneurship) भी है।

यानी महिलाएं केवल टेक्निकल वर्कफोर्स का हिस्सा ही नहीं बन रहीं, बल्कि आने वाले समय में भारत की टेक्नोलॉजी लीडरशिप भी संभाल सकती हैं।


निष्कर्ष

Engineer’s Day 2025 इस बात का प्रमाण है कि भारत में महिलाएं अब इंजीनियरिंग शिक्षा को नई दिशा दे रही हैं। AI, ML, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे कोर्सेज में उनका बढ़ता रुझान न सिर्फ शिक्षा जगत के लिए शुभ संकेत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भारत का भविष्य टेक्नोलॉजी की दुनिया में और मजबूत होने जा रहा है।

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