संचार साथी ऐप: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला और उसके लाभ

  • On: December 3, 2025
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संचार साथी ऐप - साइबर सुरक्षा के लिए सरकारी ऐप का प्रचार

भारत सरकार ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसमें संचार साथी ऐप को स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल करने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है। यह ऐप पहले स्मार्टफोन में पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य था, ताकि नागरिक साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी और सेवाओं का आसानी से लाभ उठा सकें। अब सरकार ने इसे ऑप्शनल बना दिया है, जिससे यूजर्स इसे अपनी आवश्यकता के अनुसार डाउनलोड कर सकेंगे। आइए जानते हैं इस बदलाव के बारे में विस्तार से।

संचार साथी ऐप क्या है?

संचार साथी एक सरकारी ऐप है, जिसे साइबर अपराध से बचाव के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करना और उन्हें साइबर अपराधों से बचाने के लिए एक आसान प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। ऐप के माध्यम से नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट कर सकते हैं और साइबर ठगी से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सरकार का कहना है कि इस ऐप में कोई भी ऐसा फीचर नहीं है, जो यूजर्स की निजता को प्रभावित करता हो। इसका मुख्य उद्देश्य बस लोगों को साइबर अपराधों से बचाना है और उन्हें डिजिटल सुरक्षा की जानकारी देना है।

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प्री-इंस्टॉल नियम का बदलाव

पहले सरकार ने संचार साथी ऐप को स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल करने का फैसला लिया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे इस्तेमाल कर सकें। इस कदम के पीछे उद्देश्य था कि कम जागरूक नागरिकों तक ऐप को पहुंचाया जा सके, ताकि वे साइबर अपराधियों से बच सकें और साइबर ठगी की घटनाओं से अवगत हो सकें।

लेकिन अब सरकार ने यह निर्णय लिया है कि इसे स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल करना अनिवार्य नहीं रहेगा। इसका मतलब है कि मोबाइल कंपनियों को अब यह जिम्मेदारी नहीं रहेगी कि वे इस ऐप को पहले से स्मार्टफोन में इंस्टॉल करें। हालांकि, यह ऐप अभी भी किसी भी समय डाउनलोड किया जा सकता है और जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया जा सकता है।

संचार साथी ऐप की बढ़ती लोकप्रियता

संचार साथी ऐप को लेकर एक दिलचस्प बात यह है कि इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1.4 करोड़ से अधिक लोग इस ऐप को डाउनलोड कर चुके हैं। इसके अलावा, रोजाना लगभग 2,000 साइबर फ्रॉड से संबंधित मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले 24 घंटों में 6 लाख नए यूजर्स ने ऐप डाउनलोड करने के लिए रजिस्ट्रेशन किया है, जो आमतौर पर हो रही रजिस्ट्रेशन संख्या से 10 गुना ज्यादा है। यह आंकड़ा यह साबित करता है कि लोग अब अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर अधिक जागरूक हो रहे हैं और इस ऐप पर भरोसा कर रहे हैं।

ऐप के फायदे

  • साइबर सुरक्षा जागरूकता: संचार साथी ऐप यूजर्स को साइबर अपराधों से बचने के तरीके और डिजिटल सुरक्षा की जानकारी प्रदान करता है।
  • संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग: इस ऐप के जरिए लोग साइबर अपराधियों या संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट आसानी से कर सकते हैं।
  • निजता की सुरक्षा: ऐप में ऐसा कोई भी फीचर नहीं है, जो यूजर्स की निजता पर असर डालता हो। सरकार ने यह साफ किया है कि यह ऐप पूरी तरह से सुरक्षित है।
  • जन भागीदारी: संचार साथी ऐप का एक प्रमुख पहलू यह है कि यह लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक जागरूक और सक्रिय बनाता है, जिससे वे साइबर अपराधों की रिपोर्ट कर सकते हैं।

ऐप को कैसे डाउनलोड करें?

अगर आप संचार साथी ऐप को डाउनलोड करना चाहते हैं, तो यह बेहद आसान है। आपको अपने स्मार्टफोन में Google Play Store या Apple App Store पर जाकर "Sanchar Saathi" सर्च करना होगा। इसके बाद आप इसे अपने फोन में डाउनलोड करके इंस्टॉल कर सकते हैं।

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निष्कर्ष

केंद्र सरकार ने संचार साथी ऐप को प्री-इंस्टॉल करने की अनिवार्यता को खत्म करके एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे यूजर्स को अधिक स्वतंत्रता मिल रही है। अब, इसे हर कोई अपनी आवश्यकता के अनुसार डाउनलोड कर सकता है। साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने वाला यह ऐप भारतीय नागरिकों के लिए एक मजबूत उपकरण साबित हो सकता है, जो उन्हें साइबर अपराधों से बचाने में मदद करेगा।

आप भी इस ऐप का इस्तेमाल करें और अपनी डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करें।

Tags: Sanchar Saathi, | Cyber Security, | Government Apps, | Digital Security, | Cyber Fraud Prevention, | Indian Government,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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