फेफड़ों के कैंसर का खतरा: क्या आपकी डाइट से बढ़ सकता है लंग्स कैंसर का जोखिम?

  • On: December 6, 2025
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फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ

फेफड़ों का कैंसर, जिसे लंग्स कैंसर कहा जाता है, आमतौर पर धूम्रपान और वायु प्रदूषण के कारण होने वाला माना जाता है। लेकिन हाल ही में आई एक रिसर्च ने यह संकेत दिया है कि आपकी दैनिक डाइट भी फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती है। आइए जानते हैं इस रिसर्च के बारे में और यह कैसे हमारी खानपान की आदतों से जुड़ा हो सकता है।

नई रिसर्च की खोज

नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने यह पाया कि हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) वाले खाद्य पदार्थों का सेवन फेफड़ों के कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। हाई GI वाले खाद्य पदार्थों में वे खाद्य पदार्थ शामिल हैं जो रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को तेजी से बढ़ाते हैं, जैसे कि सफेद ब्रेड, शक्कर, चीनी से बनी खाद्य सामग्री, और अधिक प्रोसेस्ड फूड्स।

GI खाद्य पदार्थों का कैंसर पर प्रभाव

जब हम ऐसे खाद्य पदार्थ खाते हैं जिनका GI उच्च होता है, तो हमारे शरीर में शुगर और इंसुलिन का स्तर अचानक बढ़ जाता है। इस स्थिति को लंबे समय तक बनाए रखना शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) और अन्य बायोलॉजिकल प्रक्रियाओं को जन्म दे सकता है जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ावा दे सकती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि उच्च GI वाले फूड्स शरीर में एक हार्मोनल परिवर्तन का कारण बन सकते हैं, जिससे कैंसर सेल्स का विकास होता है।

स्मोकिंग और प्रदूषण से ज्यादा क्या?

हालांकि, लंग्स कैंसर के मुख्य कारणों में प्रदूषण और स्मोकिंग शामिल हैं, लेकिन यह नई रिसर्च यह बताती है कि हमारा आहार भी इस बीमारी का एक कारण बन सकता है। इस अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों का आहार उच्च GI वाले खाद्य पदार्थों से भरा हुआ होता है, उनके फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा अधिक हो सकता है।

फेफड़ों के कैंसर से बचाव के उपाय

अगर आप अपने फेफड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखना चाहते हैं, तो निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

  • फलों और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं – इनमें एंटीऑक्सिडेंट्स और पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को कैंसर से बचाने में मदद करते हैं।
  • कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें – चाय, साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां और अन्य लो GI खाद्य पदार्थ फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं।
  • स्मोकिंग से बचें – यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण है।
  • प्रदूषण से बचाव – बाहर का प्रदूषण कम करने के लिए मास्क पहनना और घर के अंदर स्वच्छ वायु बनाए रखना फेफड़ों के लिए फायदेमंद है।

क्या खाएं और क्या न खाएं?

  • खाएं: ओटमील, साबुत अनाज, फल और सब्जियां, नट्स और बीज।
  • न खाएं: सफेद ब्रेड, शक्कर, प्रोसेस्ड फूड्स, और अत्यधिक तली-भुनी चीजें।

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निष्कर्ष

इस नई रिसर्च ने हमें यह समझने का अवसर दिया है कि हमारा आहार केवल शरीर के अन्य अंगों पर ही असर नहीं डालता, बल्कि यह हमारे फेफड़ों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। अगर आप लंग्स कैंसर के जोखिम को कम करना चाहते हैं, तो अपने आहार में सुधार करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

Tags: Lung Cancer, | High GI Foods, | High Glycemic Index, | Healthy Diet, | Cancer Awareness,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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