June 12, 2026 • Updated 6 day ago

भारत से सबसे ज्यादा आम खरीदने वाले टॉप 10 देश (2026) – UAE, UK और USA क्यों हैं भारतीय आमों के दीवाने?

भारत से सबसे ज्यादा आम आयात करने वाले टॉप 10 देश 2026

Top 10 Countries That Import Mangoes From India 2026

भारत को "आमों का देश" कहा जाता है और आम को देश का राष्ट्रीय फल तथा "फलों का राजा" माना जाता है। दुनिया भर में 1,500 से अधिक आम की किस्में पाई जाती हैं, जबकि अकेले भारत में 1,000 से ज्यादा किस्मों की खेती होती है। मलिहाबादी दशहरी, रत्नागिरी अल्फांसो, केसर, लंगड़ा, चौसा और बंगनपल्ली जैसी किस्में विश्वभर में अपनी खास मिठास और स्वाद के लिए प्रसिद्ध हैं।

दिलचस्प बात यह है कि भारत दुनिया के कुल आम उत्पादन का लगभग 43% हिस्सा पैदा करता है, लेकिन निर्यात के मामले में इसका हिस्सा अभी भी बहुत कम है। इसके बावजूद भारतीय आमों की मांग लगातार बढ़ रही है और कई देश हर साल करोड़ों डॉलर खर्च करके भारत से आम खरीदते हैं।

हाल ही में जापान ने भारतीय आमों के आयात पर अस्थायी रोक लगा दी थी क्योंकि निरीक्षण के दौरान कीट नियंत्रण से जुड़ी कुछ कमियां पाई गई थीं। इसके बाद नेपाल ने भी कुछ खेपों में अधिक कीटनाशक अवशेष मिलने पर आयात प्रतिबंध लगाए। इन घटनाओं ने भारतीय आम निर्यातकों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में भारत से सबसे अधिक आम खरीदने वाले टॉप 10 देश कौन से हैं।


भारत से सबसे ज्यादा आम आयात करने वाले शीर्ष 10 देश (2026)

रैंक देश प्रमुख आम की किस्में निर्यात हिस्सेदारी
1 संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अल्फांसो, केसर, बंगनपल्ली, टोटापुरी 31.16%
2 यूनाइटेड किंगडम (UK) अल्फांसो, केसर, लंगड़ा 19.27%
3 संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) अल्फांसो, केसर, दशहरी 17.72%
4 कुवैत अल्फांसो, टोटापुरी, सफेदा 4.65%
5 कनाडा केसर, अल्फांसो, बंगनपल्ली 4.19%
6 सऊदी अरब टोटापुरी, अल्फांसो, लंगड़ा 3.50%
7 कतर बंगनपल्ली, अल्फांसो, केसर 2.90%
8 नेपाल दशहरी, लंगड़ा, चौसा 2.10%
9 सिंगापुर अल्फांसो, केसर, बादामी 1.80%
10 ओमान टोटापुरी, बंगनपल्ली 1.10%

1. संयुक्त अरब अमीरात (UAE)

UAE भारतीय आमों का सबसे बड़ा खरीदार है और कुल निर्यात का 31.16% हिस्सा अकेले आयात करता है। दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में रहने वाले लाखों भारतीय और दक्षिण एशियाई लोग भारतीय आमों की भारी मांग पैदा करते हैं।

UAE का रेगिस्तानी मौसम, अत्यधिक गर्म तापमान और पानी की कमी आम की खेती के लिए उपयुक्त नहीं है। यही कारण है कि यह देश भारत से बड़ी मात्रा में अल्फांसो और केसर आम आयात करता है।


2. यूनाइटेड किंगडम (UK)

ब्रिटेन भारतीय आमों का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। यहां अल्फांसो और केसर आमों की विशेष मांग रहती है।

ब्रिटेन का ठंडा और बारिश वाला मौसम आम उत्पादन के लिए अनुकूल नहीं है। कड़ी खाद्य सुरक्षा जांच के बावजूद भारतीय आम अपने स्वाद और गुणवत्ता के कारण ब्रिटिश बाजार में लोकप्रिय बने हुए हैं।


3. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

अमेरिका भारत से लगभग 17.72% आम आयात करता है। हालांकि फ्लोरिडा और हवाई जैसे क्षेत्रों में कुछ मात्रा में आम उगाए जाते हैं, लेकिन घरेलू उत्पादन अमेरिकी मांग को पूरा नहीं कर पाता।

भारतीय अल्फांसो और केसर आम अमेरिकी उपभोक्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। भारत की गामा-इर्रेडिएशन तकनीक और सख्त गुणवत्ता मानकों के कारण अमेरिकी बाजार में भारतीय आमों की पहुंच बनी हुई है।


4. कुवैत

कुवैत भारतीय आम निर्यात का 4.65% हिस्सा खरीदता है। यहां अल्फांसो और टोटापुरी किस्मों की सबसे अधिक मांग रहती है।

रेगिस्तानी भूभाग और सीमित कृषि संसाधनों के कारण कुवैत स्थानीय स्तर पर आम उत्पादन नहीं कर सकता। भारत और कुवैत के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध इस आयात को आसान बनाते हैं।


5. कनाडा

कनाडा भारत से लगभग 4.19% आम आयात करता है। यहां विशेष रूप से केसर और अल्फांसो आमों की मांग लगातार बढ़ रही है।

ठंडा मौसम और लंबे बर्फीले मौसम के कारण कनाडा में आम की खेती लगभग असंभव है। भारतीय समुदाय की बढ़ती आबादी भी भारतीय आमों की मांग को बढ़ावा देती है।


6. सऊदी अरब

सऊदी अरब भारत से टोटापुरी, अल्फांसो और लंगड़ा किस्मों का आयात करता है। रेगिस्तानी जलवायु और पानी की कमी के कारण यहां बड़े पैमाने पर आम उत्पादन संभव नहीं है।

भारतीय आमों की गुणवत्ता और कम परिवहन समय सऊदी बाजार में इन्हें लोकप्रिय बनाते हैं।


7. कतर

कतर भारतीय आमों का एक महत्वपूर्ण आयातक देश है। यहां बंगनपल्ली, अल्फांसो और केसर आमों की अच्छी मांग रहती है।

भारत से समुद्री और हवाई मार्गों के जरिए ताजे आम तेजी से पहुंचाए जाते हैं, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है।


8. नेपाल

नेपाल भारतीय आमों का पारंपरिक बाजार रहा है। दशहरी, लंगड़ा और चौसा यहां सबसे अधिक पसंद किए जाते हैं।

हालांकि हाल के वर्षों में कुछ खेपों में अधिक कीटनाशक अवशेष मिलने के कारण आयात संबंधी नियमों को कड़ा किया गया है।


9. सिंगापुर

सिंगापुर उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय आमों के लिए एक प्रमुख बाजार है। यहां अल्फांसो और केसर आमों की विशेष मांग रहती है।

सिंगापुर के उपभोक्ता प्रीमियम गुणवत्ता वाले फलों के लिए अधिक कीमत चुकाने को तैयार रहते हैं।


10. ओमान

ओमान भारत से टोटापुरी और बंगनपल्ली किस्मों का आयात करता है। यहां भी जलवायु परिस्थितियां आम उत्पादन के लिए अनुकूल नहीं हैं, जिसके कारण आयात पर निर्भरता बनी हुई है।


भारत आम उत्पादन में नंबर 1 लेकिन निर्यात में पीछे क्यों?

भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है, फिर भी निर्यात में शीर्ष स्थान पर नहीं है। इसके पीछे कई कारण हैं:

  • देश में ही आम की भारी घरेलू मांग

  • कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स की सीमित सुविधाएं

  • कई देशों के सख्त फाइटोसैनिटरी नियम

  • गुणवत्ता नियंत्रण और पैकेजिंग चुनौतियां

  • जलवायु परिवर्तन और कीट प्रबंधन की समस्याएं


2026 में भारतीय आम निर्यात के सामने चुनौतियां

वर्ष 2026 में भारतीय आम उद्योग कई चुनौतियों का सामना कर रहा है:

  • जापान द्वारा आयात पर अस्थायी रोक

  • नेपाल द्वारा सख्त गुणवत्ता जांच

  • जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पादन में उतार-चढ़ाव

  • वैश्विक बाजारों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

  • कीट एवं रोग नियंत्रण की बढ़ती जरूरत


निष्कर्ष

भारतीय आम अपनी मिठास, सुगंध और विविधता के कारण पूरी दुनिया में पसंद किए जाते हैं। UAE, UK और USA जैसे देश भारतीय आमों के सबसे बड़े खरीदार हैं और हर साल करोड़ों डॉलर खर्च करते हैं। हालांकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है, लेकिन निर्यात क्षमता अभी भी काफी बढ़ाई जा सकती है।

यदि गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक भंडारण और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अधिक ध्यान दिया जाए तो आने वाले वर्षों में भारतीय आमों का वैश्विक बाजार और भी बड़ा हो सकता है।

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Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: June 12, 2026

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