December 01, 2025 • Updated 6 month ago

SBI रिपोर्ट: बैंकों के लिए खुशखबरी! आईपीओ का पैसा खत्म, अब फिर बढ़ेगी लोन की रफ्तार

SBI Report on Loan Growth: IPO funds exhausted and rising demand for bank loans

 

भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए अच्छी खबर सामने आई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की नई रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ समय से धीमी पड़ी लोन की मांग अब फिर से तेजी पकड़ने वाली है। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि हाल में लोन ग्रोथ में आई गिरावट सिर्फ अस्थायी थी और अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।

लोन की रफ्तार क्यों धीमी पड़ी?

हाल ही में बाजार में IPO की बाढ़ देखने को मिली। कई कंपनियों ने पब्लिक इश्यू लाकर सस्ते फंड जुटाए
जब कंपनियों को बाजार से बड़ी मात्रा में पूंजी आसानी से मिल गई, तो उन्होंने बैंक लोन लेने की ज़रूरत ही महसूस नहीं की। कंपनियों ने—

  • IPO के पैसे से अपने काम-काज पूरे किए

  • पुराने लोन भी चुका दिए

  • नए लोन लेने की ज़रूरत नहीं पड़ी

इसी वजह से कुछ महीनों के लिए बैंकों की लोन ग्रोथ धीमी पड़ गई।

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IPO बनाम बैंक लोन—उल्टा रिश्ता

SBI के अनुसार आंकड़े बताते हैं कि जब भी IPO से ज्यादा पैसा जुटता है, सामान्यतः बैंक लोन की डिमांड घट जाती है।
सबसे ज्यादा IPO बूम वाले सेक्टर, जैसे—

  • फाइनेंस

  • ऑटोमोबाइल

  • फार्मा

  • टेलीकॉम

  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर

इन सेक्टरों ने बैंक लोन कम लिए थे।

अब लोन की मांग फिर क्यों बढ़ रही है?

SBI रिपोर्ट बताती है कि अब कंपनियां दोबारा वर्किंग कैपिटल लोन की ओर लौट रही हैं। इसका मतलब है:

  • कंपनियों का IPO वाला फंड खत्म होने लगा है

  • बिजनेस गतिविधियां बढ़ रही हैं

  • कच्चा माल, सप्लाई चेन और रोजमर्रा खर्चों के लिए नए फंड की जरूरत बढ़ रही है

देश की इकोनॉमी भी मजबूत दिख रही है—

  • GDP के आंकड़े अच्छे हैं

  • उत्पादन (मैन्युफैक्चरिंग) बढ़ रहा है

  • कंपनियों की क्रेडिट लिमिट का इस्तेमाल बढ़ा है

यह सब बताता है कि आने वाले महीनों में लोन ग्रोथ और तेज होगी।

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अब RBI की भूमिका क्यों अहम है?

जैसे-जैसे लोन की मांग बढ़ेगी, RBI का रोल बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगा। SBI के अनुसार:

  • RBI को सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी बनाए रखनी होगी

  • बैंकों के पास कर्ज देने के लिए पर्याप्त नकदी होनी चाहिए

  • लिक्विडिटी कम हुई तो ब्याज दरें ऊपर जा सकती हैं

  • अगर कैश फ्लो सही रहा तो ब्याज दरें स्थिर रहेंगी और लोन लेना आसान होगा

यानी बैंकिंग सिस्टम में नकदी की उपलब्धता ही लोन ग्रोथ को तेज बनाए रखेगी।

निष्कर्ष

IPO की तेज़ी के बाद कंपनियों के पास जो सस्ता फंड आया था, वह अब खत्म हो चुका है। अर्थव्यवस्था के विस्तार और बढ़ते उत्पादन के बीच कंपनियों को फिर से बैंक लोन की जरूरत पड़ रही है
SBI की रिपोर्ट के अनुसार बैंकिंग सेक्टर आने वाले महीनों में बेहतर लोन ग्रोथ देखने वाला है। RBI यदि लिक्विडिटी को संतुलित रखता है, तो बैंकिंग सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा और देश में निवेश तथा विकास की रफ्तार और तेज हो सकती है।

Soni Singh

By: Soni Singh

Last updated: December 01, 2025

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