February 19, 2026 • Updated 3 day ago

जोड़ों के दर्द में सिर्फ कसरत के भरोसे न रहें: रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

ऑस्टियोआर्थराइटिस में घुटने के दर्द से परेशान व्यक्ति एक्सरसाइज करते हुए, नई रिसर्च में सीमित लाभ का खुलासा

हम बचपन से सुनते आए हैं कि “रोज़ कसरत करो और स्वस्थ रहो।” यह बात काफी हद तक सही भी है। लेकिन जब बात ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसे गंभीर जोड़ों के रोग की आती है, तो केवल एक्सरसाइज पर भरोसा करना सही रणनीति नहीं हो सकती। हाल ही में प्रकाशित एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय रिसर्च ने इस धारणा को चुनौती दी है कि व्यायाम इस बीमारी का प्राथमिक और पर्याप्त इलाज है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि शोध क्या कहता है और मरीजों को आगे क्या कदम उठाने चाहिए।


क्या कहती है नई रिसर्च?

एक प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में जर्मनी के वैज्ञानिकों ने ऑस्टियोआर्थराइटिस के उपचार में व्यायाम की वास्तविक प्रभावशीलता का विश्लेषण किया।

इस अध्ययन में:

  • 5 प्रणालीगत समीक्षाएं (Systematic Reviews)

  • 28 रैंडमाइज्ड कंट्रोल्ड ट्रायल्स (RCTs)

  • 12,000 से अधिक प्रतिभागी

शामिल थे।

जब व्यायाम के परिणामों की तुलना प्लेसबो (दिखावटी इलाज), सामान्य देखभाल या बिना इलाज से की गई, तो पाया गया कि:

  • दर्द में राहत सीमित थी

  • असर अल्पकालिक था

  • कई मामलों में सुधार नगण्य पाया गया

यानि, व्यायाम फायदेमंद जरूर है, लेकिन इसे “रामबाण इलाज” कहना सही नहीं है।


शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर असर

1. घुटनों पर प्रभाव

घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस में व्यायाम से हल्की राहत देखी गई, लेकिन:

  • असर छोटा था

  • ज्यादा समय तक नहीं टिका

  • साक्ष्यों की गुणवत्ता मध्यम से कम थी

2. कूल्हों पर प्रभाव

कूल्हे के दर्द में व्यायाम का असर लगभग न के बराबर पाया गया।

3. हाथों पर प्रभाव

हाथों के ऑस्टियोआर्थराइटिस में भी लाभ सीमित और अस्थायी रहे।


सर्जरी और अन्य उपचार कितने प्रभावी?

रिसर्च में व्यायाम की तुलना कई अन्य उपचारों से की गई, जैसे:

  • दर्द निवारक दवाएं

  • स्टेरॉयड इंजेक्शन

  • हायलूरोनिक एसिड इंजेक्शन

  • मैनुअल थेरेपी

  • ऑस्टियोटॉमी सर्जरी

  • जॉइंट रिप्लेसमेंट

दीर्घकालिक परिणामों में पाया गया कि गंभीर मामलों में:

✔ घुटने की ऑस्टियोटॉमी
✔ जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी

व्यायाम से अधिक प्रभावी साबित हुए।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर मरीज को सर्जरी की जरूरत है, लेकिन यह स्पष्ट है कि गंभीर अवस्था में केवल एक्सरसाइज पर्याप्त नहीं होती।

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ऑस्टियोआर्थराइटिस क्या है?

ऑस्टियोआर्थराइटिस एक दीर्घकालिक (Chronic) और प्रगतिशील (Progressive) जोड़ों की बीमारी है। इसमें:

  • जोड़ों की उपास्थि (Cartilage) घिसने लगती है

  • हड्डियों के सिरे आपस में रगड़ खाने लगते हैं

  • सूजन और दर्द बढ़ जाता है

मुख्य लक्षण:

  • लगातार या बढ़ता हुआ दर्द

  • जोड़ों में अकड़न

  • चलने-फिरने में कठिनाई

  • सूजन

  • सुबह उठते समय जकड़न

यह रोग आमतौर पर इन हिस्सों को प्रभावित करता है:

  • घुटने

  • कूल्हे

  • हाथ

  • रीढ़ की हड्डी


क्या व्यायाम पूरी तरह बेकार है?

बिल्कुल नहीं।

व्यायाम के फायदे हैं:
✔ मांसपेशियों को मजबूत करता है
✔ जोड़ों की लचीलापन बनाए रखता है
✔ वजन नियंत्रित करने में मदद करता है
✔ मानसिक स्वास्थ्य सुधारता है

लेकिन इसे एकमात्र इलाज मानना गलत होगा। सही रणनीति “मल्टी-डिसिप्लिनरी एप्रोच” है।


ऑस्टियोआर्थराइटिस में सही उपचार रणनीति

  1. डॉक्टर से नियमित परामर्श

  2. सही प्रकार की एक्सरसाइज (फिजियोथेरेपिस्ट की देखरेख में)

  3. वजन नियंत्रण

  4. संतुलित आहार

  5. जरूरत पड़ने पर दवाएं या इंजेक्शन

  6. गंभीर मामलों में सर्जरी पर विचार


निष्कर्ष

ऑस्टियोआर्थराइटिस एक जटिल और प्रगतिशील बीमारी है। केवल एक्सरसाइज के भरोसे रहना पर्याप्त नहीं है। हालिया रिसर्च यह साफ करती है कि व्यायाम से मिलने वाला लाभ सीमित और अस्थायी हो सकता है, खासकर गंभीर मामलों में।

इसलिए यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य जोड़ों के दर्द से परेशान है, तो सिर्फ कसरत पर निर्भर न रहें। विशेषज्ञ सलाह लें और एक समग्र उपचार योजना अपनाएं।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: February 19, 2026

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