10 साल में हार्ट अटैक से मौतों में 170% का उछाल, कहीं आप भी तो नहीं निशाने पर?

  • On: January 31, 2026
Follow Us:
दिल्ली हार्ट हेल्थ रिपोर्ट 2024 – हार्ट अटैक और दिल की बीमारियों से बढ़ती मौतों को दर्शाता ग्राफ और मानव हृदय की तस्वीर

दिल्ली से सामने आई एक डराने वाली हेल्थ रिपोर्ट ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं, बल्कि हमारी बिगड़ती जीवनशैली और सेहत पर मंडराते खतरे की साफ चेतावनी हैं।

दिल की बीमारियां अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं।


दिल्ली हार्ट हेल्थ रिपोर्ट: डराने वाले आंकड़े

दिल्ली सरकार की ‘Medical Certification of Cause of Deaths 2024’ रिपोर्ट के अनुसार:

  • 2024 में हृदय रोगों से 34,539 मौतें

  • 2015 में यह संख्या सिर्फ 12,680 थी

  • यानी 10 साल में 170% से ज्यादा की बढ़ोतरी

  • सिर्फ एक साल (2023–2024) में 54% का उछाल

    • 2023: 22,385 मौतें

    • 2024: 34,539 मौतें

ये आंकड़े साफ बताते हैं कि दिल की बीमारियां अब एक साइलेंट महामारी बन चुकी हैं।


हार्ट अटैक ही नहीं, ये बीमारियां भी बनीं मौत की वजह

दिल्ली में दिल से जुड़ी मौतों के मामलों में सिर्फ हार्ट अटैक ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियां भी शामिल हैं, जैसे:

  • 🫀 Hypertensive Heart Disease (हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी बीमारियां)

  • 🫀 Rheumatic Heart Disease

  • 🫀 Cardiac Arrest

  • 🫀 नसों में कोलेस्ट्रॉल जमना

  • 🫀 अचानक खून के थक्के (Blood Clots)

Read Also : अंडे में कैंसरकारी तत्वों का आरोप: क्या अंडे सेहत के लिए खतरनाक हैं?


आखिर क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले?

1️⃣ खराब लाइफस्टाइल सबसे बड़ा कारण

AIIMS के प्रोफेसर डॉ. अंबुज रॉय के मुताबिक:

  • जंक फूड और ऑयली डाइट

  • शारीरिक गतिविधि की कमी

  • घंटों बैठकर काम करना

  • लगातार तनाव और नींद की कमी

ये सभी आदतें दिल की सेहत को अंदर ही अंदर कमजोर कर रही हैं।


2️⃣ बढ़ती उम्र (Ageing Population)

दिल्ली में बुजुर्ग आबादी लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उम्र के साथ दिल की बीमारियों का खतरा स्वाभाविक रूप से बढ़ता है, लेकिन गलत लाइफस्टाइल इसे और तेज कर देती है।


3️⃣ बेहतर और सटीक रिपोर्टिंग

मेदांता मूलचंद हार्ट सेंटर के डॉ. तरुण कुमार बताते हैं कि:

  • अब मौतों की रिपोर्टिंग पहले से ज्यादा सटीक हो गई है

  • अस्पताल के बाहर होने वाली मौतों को भी सही तरीके से ‘कार्डिएक अरेस्ट’ के रूप में दर्ज किया जा रहा है

  • इसी वजह से आंकड़ों में तेज बढ़ोतरी नजर आ रही है


4️⃣ कोरोना के बाद युवाओं में बढ़ा खतरा

डॉ. तरुण कुमार के अनुसार:

  • कोरोना महामारी के बाद युवाओं में हार्ट डिजीज के मामले तेजी से बढ़े हैं

  • नसों में कोलेस्ट्रॉल जमना और अचानक ब्लड क्लॉट बनना बड़ी वजह है

  • कई मामलों में मरीज को अस्पताल पहुंचने तक का समय भी नहीं मिल पाता

यही कारण है कि अस्पताल के बाहर होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है


पिछले कुछ सालों में मौतों का ट्रेंड

  • 2015: 12,680 मौतें

  • 2020: 16,189 (कोरोना के दौरान रिपोर्टिंग अस्पष्ट)

  • 2021: 29,546 (83% का उछाल)

  • 2024: 34,539 (अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा)


क्या आप भी जोखिम में हैं? ये लक्षण न करें नजरअंदाज

  • सीने में दर्द या भारीपन

  • सांस फूलना

  • बार-बार थकान

  • दिल की धड़कन तेज होना

  • हाई बीपी या शुगर

  • कम उम्र में मोटापा

अगर इनमें से कोई भी लक्षण हैं, तो सावधान हो जाइए।

Read Also : पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस अलर्ट: तमिलनाडु में AES सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश


दिल को बचाने के लिए क्या करें? (Heart Health Tips)

✔️ डाइट सुधारें

  • तला-भुना और जंक फूड कम करें

  • हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज शामिल करें

  • नमक और चीनी सीमित रखें

✔️ रोजाना एक्सरसाइज करें

  • कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या हल्की कसरत

✔️ तनाव से दूरी बनाएं

  • मेडिटेशन और अच्छी नींद बेहद जरूरी

✔️ नियमित हार्ट चेकअप

  • BP, कोलेस्ट्रॉल, ECG और शुगर की जांच समय-समय पर कराएं

✔️ धूम्रपान और शराब से बचें


निष्कर्ष

दिल्ली में दिल की बीमारियों से बढ़ती मौतें हमें साफ संदेश दे रही हैं—
👉 अब भी नहीं संभले, तो खतरा और बढ़ेगा।

यह समय है अपनी लाइफस्टाइल बदलने, अपने दिल की सेहत को प्राथमिकता देने और समय रहते जांच कराने का।
क्योंकि दिल है तो जिंदगी है।

Tags: Delhi heart health report, | Heart attack deaths in Delhi, | Rising heart disease cases, | Rheumatic heart disease, | Healthy lifestyle for heart,
Share this post:

FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

0 Comments

No reviews yet.

Leave A Comment

Latest Post