होटल हो या घर, भोजन के बाद क्यों खाते हैं सौंफ? जानिए सही वजह और चौंकाने वाले फायदे

  • On: January 31, 2026
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भोजन के बाद सौंफ और मिश्री खाने के स्वास्थ्य लाभ

भारत में भोजन के बाद सौंफ खाने की परंपरा सदियों पुरानी है। चाहे घर हो या होटल, खाना खत्म होते ही लोग मिश्री के साथ सौंफ जरूर खाते हैं। इसे सिर्फ माउथ फ्रेशनर समझना गलत होगा, क्योंकि सौंफ सेहत के लिए किसी औषधि से कम नहीं है।

एक छोटी सी चुटकी सौंफ पाचन से लेकर सांसों की ताजगी, गैस, एसिडिटी और मेटाबॉलिज्म तक कई समस्याओं में राहत देती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि खाने के बाद सौंफ क्यों खानी चाहिए और इसके क्या-क्या फायदे हैं।


भोजन के बाद सौंफ खाने की परंपरा क्यों है?

भारतीय आयुर्वेद के अनुसार सौंफ में ठंडक देने वाले और पाचन को बेहतर बनाने वाले गुण पाए जाते हैं। यही कारण है कि भारी, मसालेदार या तला-भुना खाना खाने के बाद सौंफ दी जाती है, ताकि पेट को राहत मिले और मुंह की बदबू दूर हो।


सौंफ खाने के 8 जबरदस्त फायदे

1. पाचन को करता है मजबूत

सौंफ पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करती है, जिससे खाना आसानी से पचता है।
👉 भोजन के बाद सौंफ खाने से पेट भारी नहीं लगता और अपच की समस्या कम होती है।


2. गैस, सूजन और पेट फूलने से राहत

सौंफ एक प्राकृतिक गैसरोधी (Carminative) है।
👉 यह पेट में फंसी गैस को बाहर निकालने में मदद करती है और ब्लोटिंग कम करती है।

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3. एसिडिटी और जलन को करता है कम

सौंफ पेट के एसिड को बैलेंस करती है।
👉 खाने के बाद सौंफ चबाने से सीने में जलन और खट्टी डकार की समस्या कम होती है।


4. मुंह की बदबू दूर करता है

सौंफ की खुशबू सांसों को तुरंत फ्रेश कर देती है।
👉 खासकर प्याज, लहसुन या मसालेदार भोजन के बाद सौंफ खाने से मुंह की दुर्गंध नहीं आती।


5. मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मददगार

सौंफ मेटाबॉलिज्म को तेज करती है।
👉 रात के खाने के बाद सौंफ लेने से वजन कंट्रोल करने में भी सहायता मिल सकती है।


6. शरीर से विषैले तत्व निकालता है

सौंफ शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है।
👉 यह लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद मानी जाती है और शरीर की गंदगी बाहर निकालती है।


7. पेट की ऐंठन और दर्द से राहत

सौंफ में एंटी-स्पास्मोडिक गुण होते हैं।
👉 यह पेट की ऐंठन, मरोड़ और दर्द को तुरंत शांत करती है।


8. ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में सहायक

सौंफ में मौजूद तत्व ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
👉 डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक नेचुरल सपोर्ट हो सकता है (डॉक्टर की सलाह जरूरी)।

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सौंफ खाने के सही तरीके

  • भोजन के बाद ½ से 1 चम्मच सौंफ चबाएं

  • सौंफ + मिश्री का सेवन करें (डायबिटीज में मिश्री न लें)

  • सौंफ का पानी या सौंफ का काढ़ा भी पी सकते हैं


निष्कर्ष (Conclusion)

भोजन के बाद सौंफ खाना सिर्फ आदत नहीं, बल्कि एक स्वस्थ परंपरा है। यह पाचन सुधारने, गैस-एसिडिटी दूर करने, मुंह को फ्रेश रखने और शरीर को डिटॉक्स करने में बेहद फायदेमंद है।

अगर आप रोजाना सही मात्रा में सौंफ का सेवन करते हैं, तो पेट से जुड़ी कई समस्याओं से बच सकते हैं।

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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

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