December 27, 2025 • Updated 5 month ago

31 दिसंबर तक जमा करें FY 2025-26 का इनकम टैक्स, जानें किसे मिलेगी लेट फीस से छूट

31 दिसंबर तक FY 2025-26 इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि और लेट फीस नियम

वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। आयकर विभाग ने करदाताओं को समय पर रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी है ताकि वे अतिरिक्त ब्याज, लेट फीस और कानूनी परेशानियों से बच सकें। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर सहित देशभर में अब भी बड़ी संख्या में ऐसे करदाता हैं जिन्होंने अब तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है।

31 दिसंबर 2025 तक भर सकते हैं लेट ITR

आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, यदि कोई करदाता समय पर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाया है, तो वह 31 दिसंबर 2025 तक लेट फीस के साथ ITR दाखिल कर सकता है। कर विशेषज्ञों का कहना है कि जितनी जल्दी रिटर्न दाखिल किया जाएगा, उतना ही कम ब्याज और जुर्माना देना पड़ेगा।

इन आय वर्ग वालों को मिलेगी लेट फीस में राहत

नए टैक्स स्लैब के अंतर्गत आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं को आय के आधार पर लेट फीस में छूट दी गई है:

  • वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक:
       किसी प्रकार की लेट फीस नहीं देनी होगी

  • वार्षिक आय 3 लाख से अधिक और 5 लाख रुपये तक:
       ₹1,000 की लेट फीस

  • वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक:
      ₹5,000 की लेट फीस

इसके अलावा, जिन करदाताओं की आय कर योग्य सीमा से अधिक है और अब तक ITR दाखिल नहीं किया गया है, उन्हें लेट फीस के साथ ब्याज भी देना होगा

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देरी करने पर बढ़ता जाएगा ब्याज

कर अधिवक्ताओं के अनुसार, आयकर रिटर्न जितनी देर से दाखिल किया जाएगा, उतना ही अधिक ब्याज देना पड़ेगा। इसलिए करदाताओं के हित में यही है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द रिटर्न फाइल कर दें।

TDS कट चुका है तो अब भी मिल सकता है रिफंड

कर अधिवक्ता गौरव गुप्ता के अनुसार, जिन करदाताओं का TDS पहले ही कट चुका है, लेकिन वे किसी कारणवश अब तक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए हैं, वे 31 दिसंबर 2025 तक ITR दाखिल कर अपना रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, यदि इस तारीख तक रिटर्न दाखिल नहीं किया गया, तो आयकर रिफंड का लाभ नहीं मिलेगा

ITR भरने से पहले 26AS और AIS जरूर जांचें

कर अधिवक्ता सैयद आरिफ अली ने करदाताओं को सलाह दी है कि आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले:

  • फॉर्म 26AS

  • AIS (Annual Information Statement)

को अवश्य जांच लें। इनमें दर्ज आय, TDS और अन्य वित्तीय जानकारियों का सही मिलान करने के बाद ही रिटर्न फाइल करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की गलती या नोटिस की संभावना न रहे।

गलत जानकारी देने पर आ सकता है नोटिस

आयकर विभाग उन करदाताओं को ई-मेल और एसएमएस के जरिए अलर्ट कर रहा है:

  • जिन्होंने ITR दाखिल कर दिया है लेकिन उसमें कोई आय छूट गई है, या

  • गलत छूट (Deduction) का दावा किया गया है

ऐसे मामलों में संशोधित आयकर रिटर्न (Revised ITR) दाखिल करने की सुविधा दी जा रही है। वहीं, जिन्होंने अब तक ITR दाखिल नहीं किया है, उन्हें भी लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं।

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निष्कर्ष

आयकर रिटर्न दाखिल करना न सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि इससे भविष्य की कई वित्तीय परेशानियों से भी बचा जा सकता है। 31 दिसंबर 2025 से पहले ITR दाखिल कर:

  • लेट फीस और ब्याज से बचें

  • रिफंड का लाभ लें

  • नोटिस और कानूनी झंझट से दूर रहें

समय पर सही और सटीक जानकारी के साथ आयकर रिटर्न दाखिल करना ही समझदारी है।

Soni Singh

By: Soni Singh

Last updated: December 27, 2025

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