च्यवनप्राश: हर भारतीय की सेहत का भरोसेमंद साथी

  • On: January 5, 2026
Follow Us:
डाबर च्यवनप्राश – इम्युनिटी बढ़ाने वाला आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट

च्यवनप्राश हर भारतीय घर में पीढ़ियों से इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्राचीन आयुर्वेदिक हेल्थ सप्लीमेंट है। यह केवल सर्दी-खांसी का घरेलू नुस्खा नहीं, बल्कि इम्युनिटी बढ़ाने, ऊर्जा देने और उम्र बढ़ने के असर को कम करने वाला संपूर्ण स्वास्थ्य टॉनिक है। आज बदलती जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण और मौसम की मार के बीच च्यवनप्राश की अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।

क्यों जरूरी है च्यवनप्राश?

आज सर्दी-खांसी, कमजोर इम्युनिटी और श्वसन से जुड़ी समस्याएं किसी एक उम्र तक सीमित नहीं रहीं। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—हर कोई इससे प्रभावित हो रहा है। सर्दियों के मौसम में यह समस्याएं और भी गंभीर हो जाती हैं। ऐसे में च्यवनप्राश शरीर को अंदर से मजबूत बनाकर इन बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है।

च्यवनप्राश:

  • इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है

  • एनर्जी, स्टैमिना और स्फूर्ति बढ़ाता है

  • पाचन और श्वसन स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है

  • एंटी-एजिंग गुणों से भरपूर होता है

Read Also: Makar Sankranti 2026: 14 या 15 जनवरी कब खाई जाएगी खिचड़ी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

आयुर्वेद का अमूल्य वरदान

च्यवनप्राश का उल्लेख ऋग्वेद और चरक संहिता में मिलता है। आयुर्वेद के अनुसार यह एक श्रेष्ठ रसायन है, जो शरीर के तीनों दोष—वात, पित्त और कफ—को संतुलित करता है। यही संतुलन शरीर की बायो-एनर्जी, मेटाबॉलिज्म और टिश्यू न्यूट्रिशन को नियंत्रित करता है।

चरक संहिता के अनुसार,

“च्यवनप्राश खांसी, अस्थमा और सांस से जुड़ी बीमारियों में लाभकारी है। यह कमजोर टिश्यू को पोषण देता है और शरीर को युवा बनाए रखता है।”

डाबर च्यवनप्राश: परंपरा और विज्ञान का संगम

डाबर च्यवनप्राश आयुर्वेदिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक रिसर्च का बेहतरीन उदाहरण है। इसमें आंवला मुख्य घटक है, जो गैलिक एसिड और पॉलीफेनोल्स से भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें 40 से अधिक चुनिंदा जड़ी-बूटियां शामिल हैं।

प्रमुख पोषक तत्व:

  • गैलिक एसिड

  • फ्लेवोनॉयड्स

  • एल्कलॉइड्स

  • पिपेरिन

  • टैनिन (आंवला)

  • गाय का घी और तिल का तेल (यमकद्रव्य)

ये सभी तत्व मिलकर च्यवनप्राश को एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और रिजुवेनेटिंग टॉनिक बनाते हैं।

इम्युनिटी बढ़ाने में कैसे मदद करता है च्यवनप्राश?

डाबर च्यवनप्राश इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। रिसर्च के अनुसार, यह शरीर में उपयोगी एंटीबॉडी जैसे IgG और IgM को बढ़ाने और IgE को नियंत्रित करने में मदद करता है।

स्टडीज में यह पाया गया है कि:

  • एलर्जी से जुड़ी प्रतिक्रियाएं कम होती हैं

  • प्लाज्मा हिस्टामाइन लेवल घटता है

  • एलर्जिक लक्षणों में राहत मिलती है

यह इसकी एंटी-एलर्जिक और इम्यूनो-स्टिम्युलेटरी क्षमता को दर्शाता है।

Read Also:भारत की पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 को होगी शुरू: जानिए पूरी जानकारी

हर उम्र के लिए फायदेमंद

च्यवनप्राश किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है।

  • बच्चों के लिए: इम्युनिटी और ग्रोथ सपोर्ट

  • युवाओं के लिए: एनर्जी और स्टैमिना

  • बुजुर्गों के लिए: कमजोरी से बचाव और एंटी-एजिंग लाभ

यही कारण है कि च्यवनप्राश आज भी हर भारतीय की जिंदगी का अहम हिस्सा बना हुआ है।

निष्कर्ष

च्यवनप्राश सिर्फ एक आयुर्वेदिक सप्लीमेंट नहीं, बल्कि भारत की स्वास्थ्य परंपरा की पहचान है। डाबर च्यवनप्राश जैसे वैज्ञानिक रूप से रिसर्च किए गए फॉर्मूले आधुनिक जीवनशैली में भी संपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करते हैं। अगर आप अपनी इम्युनिटी बढ़ाना चाहते हैं, एनर्जी से भरपूर रहना चाहते हैं और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं, तो च्यवनप्राश को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।

Tags: chyawanprash benefits, | dabur chyawanprash benefits immunity booster ayurveda,
Share this post:

FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

0 Comments

No reviews yet.

Leave A Comment

Latest Post