ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम: कौन-सा ग्लेशियर है इसका वास्तविक स्रोत?

  • On: January 5, 2026
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Angsi Glacier – ब्रह्मपुत्र नदी का वास्तविक स्रोत तिब्बत में

 

भारत नदियों की भूमि है। यहां की नदियां न केवल जीवनदायिनी हैं, बल्कि संस्कृति, सभ्यता और अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं। गंगा जहां भारत की सबसे लंबी नदी है, वहीं ब्रह्मपुत्र अपने अपार जल-प्रवाह और चौड़ाई के लिए जानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतनी विशाल नदी की शुरुआत किस ग्लेशियर से होती है? आइए जानते हैं ब्रह्मपुत्र नदी के वास्तविक स्रोत और इससे जुड़ी रोचक जानकारियां।

ब्रह्मपुत्र नदी का स्रोत कौन-सा ग्लेशियर है?

ब्रह्मपुत्र नदी का आधिकारिक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्रोत तिब्बत (चीन) के बुरांग काउंटी में स्थित आंग्सी (Angsi) ग्लेशियर है।
पहले लंबे समय तक चेमायुंगडुंग (Chemayungdung) ग्लेशियर को इसका उद्गम माना जाता रहा, लेकिन आधुनिक सैटेलाइट डेटा और भू-वैज्ञानिक अध्ययन ने यह स्पष्ट कर दिया कि आंग्सी ग्लेशियर ही इसका वास्तविक स्रोत है। यह ग्लेशियर पवित्र माउंट कैलाश के निकट, लगभग 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। यहीं से ब्रह्मपुत्र अपनी लंबी और रोमांचक यात्रा शुरू करती है।

ब्रह्मपुत्र की यात्रा: तीन देशों से होकर

  • तिब्बत में यह नदी यारलुंग त्सांगपो कहलाती है और तिब्बती पठार पर पूर्व दिशा में बहती है।

  • हिमालय में एक अद्भुत “यू-टर्न” लेते हुए यह अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है, जहां इसे सियांग या दिहांग कहा जाता है।

  • असम के विशाल मैदानों में पहुंचते-पहुंचते यह अत्यंत चौड़ी और जल-समृद्ध हो जाती है।

  • बांग्लादेश में यह जमुना नाम से जानी जाती है, गंगा से मिलती है और अंततः बंगाल की खाड़ी में समाहित हो जाती है।

ब्रह्मपुत्र से जुड़े 10+ रोचक और कम-ज्ञात तथ्य

  1. भारत की अधिकांश नदियों के विपरीत, ब्रह्मपुत्र का नाम पुल्लिंग है—अर्थात “ब्रह्मा का पुत्र”

  2. मानसून में मिट्टी में मौजूद लौह तत्व के कारण इसे “लाल नदी” भी कहा जाता है।

  3. इसी नदी पर स्थित माजुली दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है।

  4. तिब्बत में बना यारलुंग त्सांगपो ग्रैंड कैन्यन, अमेरिका के ग्रैंड कैन्यन से भी अधिक गहरा माना जाता है।

  5. यह दुनिया की गिनी-चुनी नदियों में से एक है जहां टाइडल बोर (ज्वारीय लहर) देखी जाती है।

  6. ब्रह्मपुत्र एक ब्रेडेड नदी है, यानी इसकी धाराएं बार-बार बदलती रहती हैं।

  7. तिब्बत में औसतन 4,000 मीटर की ऊंचाई पर बहने के कारण इसे दुनिया की सबसे ऊंचाई पर बहने वाली प्रमुख नदी कहा जाता है।

  8. यह नदी एक-सींग वाले गैंडे और दुर्लभ गंगेटिक डॉल्फिन का महत्वपूर्ण आवास है।

  9. भूवैज्ञानिकों के अनुसार, ब्रह्मपुत्र हिमालय से भी अधिक पुरानी हो सकती है।

  10. यह एकमात्र नदी है जो तीन देशों में तीन अलग-अलग नामों से जानी जाती है—त्सांगपो (तिब्बत), ब्रह्मपुत्र (भारत) और जमुना (बांग्लादेश)।

निष्कर्ष

ब्रह्मपुत्र केवल एक नदी नहीं, बल्कि एशिया की भौगोलिक और सांस्कृतिक धरोहर है। आंग्सी ग्लेशियर से निकलकर तीन देशों की भूमि को सींचते हुए यह नदी करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। आधुनिक विज्ञान ने इसके उद्गम के रहस्य को स्पष्ट कर दिया है, जिससे हमारी भौगोलिक समझ और भी समृद्ध होती है।

अगर आपको नदियों, भूगोल और भारत की प्राकृतिक विरासत पर ऐसे ही लेख पसंद आते हैं, तो जुड़े रहिए।

Tags: , | Brahmaputra River, | Angsi Glacier, | Brahmaputra River Source, | Rivers of India,
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The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

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