क्या भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता? सरकार ने बताए चौंकाने वाले आंकड़े

  • On: December 27, 2025
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भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बना – मेक इन इंडिया की सफलता

बीते एक दशक में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन निर्माण क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। ‘मेक इन इंडिया’ और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी योजनाओं के चलते भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण देश बन गया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़े इस बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश करते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में 11 साल में अभूतपूर्व वृद्धि

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र ने रिकॉर्ड तोड़ विकास किया है।

  • इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन

    • 2014-15: ₹1.9 लाख करोड़

    • 2024-25: ₹11.3 लाख करोड़
        करीब 6 गुना वृद्धि

  • इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात

    • 2014-15: ₹0.38 लाख करोड़

    • 2024-25: ₹3.3 लाख करोड़
        लगभग 8 गुना उछाल

इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से 25 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।

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PLI योजना से निवेश और नौकरियों की बाढ़

बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (PLI-LSEM) योजना के तहत:

  • ₹13,475 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित

  • ₹9.8 लाख करोड़ का उत्पादन

  • पिछले 5 वर्षों में 1.3 लाख से ज्यादा नई नौकरियां

इस योजना में वैश्विक और घरेलू दोनों कंपनियों ने भागीदारी की है, जिससे भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरा है।

भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता

मंत्री वैष्णव ने बताया कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण देश है।

  • मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स

    • 2014-15: सिर्फ 2

    • 2025: लगभग 300

  • भारत में बिकने वाले 99.2% मोबाइल हैंडसेट मेड इन इंडिया

  • मोबाइल फोन उत्पादन

    • ₹0.18 लाख करोड़ → ₹5.5 लाख करोड़

  • मोबाइल निर्यात

    • लगभग शून्य → ₹2 लाख करोड़

यह आंकड़े ‘मेक इन इंडिया’ पहल की वैश्विक सफलता को दर्शाते हैं।

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इलेक्ट्रॉनिक्स अब तीसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र

जहां पहले इलेक्ट्रॉनिक्स भारत का सातवां सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र था, वहीं अब यह तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। यह बदलाव भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

कंपोनेंट और सेमीकंडक्टर निर्माण पर फोकस

सरकार अब केवल तैयार उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि:

  • मॉड्यूल

  • कंपोनेंट

  • सब-मॉड्यूल

  • कच्चा माल

  • मशीनरी

के घरेलू निर्माण को भी बढ़ावा दे रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत:

  • 249 आवेदन

  • ₹1.15 लाख करोड़ का प्रस्तावित निवेश

  • ₹10.34 लाख करोड़ का संभावित उत्पादन

  • 1.42 लाख नए रोजगार

सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी तेजी

अब तक 10 सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से:

  • 3 इकाइयों में पायलट या शुरुआती उत्पादन शुरू

  • जल्द ही मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को देश में ही चिप्स की आपूर्ति

यह भारत को टेक्नोलॉजी के सबसे अहम सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

निष्कर्ष: यही है ‘मेक इन इंडिया’ की असली कहानी

अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की यह सफलता पीएम मोदी के व्यापक औद्योगिक इकोसिस्टम विजन का परिणाम है।
आज:

  • वैश्विक कंपनियों का भारत पर भरोसा बढ़ा है

  • भारतीय कंपनियां प्रतिस्पर्धी बनी हैं

  • लाखों रोजगार सृजित हुए हैं

Tags: India mobile manufacturing, | Make in India electronics, | PLI scheme electronics,
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