सेंसेक्स में 700 अंक से अधिक की गिरावट : आज बाजार क्यों गिरा?

  • On: December 9, 2025
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सेंसेक्स में 700 अंकों से अधिक की गिरावट, वैश्विक कारणों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार पर असर।

आज भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स में 700 अंकों से अधिक की गिरावट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा गिरकर 84,400 के नीचे चला गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 25,800 के नीचे आ गया। बैंकिंग, मेटल और आईटी सेक्टर में आई गिरावट के कारण यह भारी मंदी आई है। मंगलवार को बाजार में कारोबार की शुरुआत बड़ी गिरावट के साथ हुई, जिससे सोमवार की गिरावट का असर आज भी जारी रहा। कमजोर वैश्विक संकेत, निरंतर विदेशी पूंजी निकासी और मिड- और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में बिकवाली के कारण निवेशकों का मनोबल प्रभावित हुआ है।

  • वैश्विक संकेत और घरेलू कारक

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स और डॉलर की मजबूती

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स में वृद्धि और डॉलर की मजबूती ने निवेशकों के मन में चिंता पैदा कर दी है। इसके साथ ही रुपया 90 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया, जिससे बाजार में और अधिक अस्थिरता आई। निवेशक अब अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा और ब्याज दरों पर होने वाले फैसलों की उम्मीद में सतर्क हो गए हैं।

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डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी

भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में स्थिरता की कमी भी एक प्रमुख कारण बन गई है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय चावल निर्यात पर ताजे टैरिफ लगाने की धमकी से बाजार में और बेचैनी बढ़ी है।

मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में बिकवाली

हाल की रैली में कुछ प्रमुख स्टॉक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में अधिक गिरावट देखी जा रही है। निवेशक अब उन स्टॉक्स को बेच रहे हैं जो अधिक मूल्यांकित हैं, जिससे इनकी कीमतों में गिरावट आई है।

प्रोफिट बुकिंग और निवेशक का निराशा

हाल ही में आई रैली का लाभ कम होते दिख रहा है, क्योंकि लगभग 320 स्टॉक्स एनएसई 500 में अपने शिखर से नीचे कारोबार कर रहे थे। इससे खुदरा निवेशक, जो अधिकतर मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में निवेश करते हैं, उनमें निराशा का माहौल बना हुआ है।

  • तात्कालिक बाजार परिस्थितियाँ

तकनीकी दृष्टिकोण

मार्केट विश्लेषक अनंद जेम्स के अनुसार, निफ्टी का नजदीकी स्तर अब कमजोर दिखाई दे रहा है। यदि निफ्टी 25,842 के स्तर को तोड़ता है, तो यह 25,650 तक गिर सकता है। इस गिरावट के बाद, किसी भी सुधार को केवल तब माना जाएगा जब निफ्टी 26,000 के स्तर को पार करेगा।

आरबीआई के दर में कटौती का प्रभाव

प्रशांत तापसे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान), मेहता इक्विटी लिमिटेड के अनुसार, हाल ही में आरबीआई द्वारा दर में कटौती के बावजूद बाजार में कोई खास तेजी नहीं आई। इसके बावजूद अमेरिकी फेडरल रिजर्व से दरों में कमी की उम्मीद ने कुछ आशा दी है।

  • एफआईआई और डीआईआई के प्रवाह

विदेशी निवेशकों की बिक्री

सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 655 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे उनकी बिक्री का सिलसिला जारी रहा। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने 2,542 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला।

निवेशकों के लिए सलाह

विश्लेषक निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि वे इस अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण तरीके से निवेश करें। इसके अलावा, विशेषज्ञों का मानना है कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में और गिरावट आने की संभावना है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इन स्टॉक्स में सही मौके मिल सकते हैं, लेकिन वे सावधानीपूर्वक कदम उठाएं।

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ट्रेडर्स के लिए सलाह: विशेषज्ञों के अनुसार, यदि निफ्टी 26,300 के स्तर को पार करता है तो लांग पोजीशन बनाने का विचार किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सख्त स्टॉप-लॉस की आवश्यकता होगी।

निष्कर्ष

आज के गिरते बाजार के मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक संकेत, घरेलू संकट, और मिड- और स्मॉल-कैप स्टॉक्स में आई बिकवाली हैं। निवेशकों को इस समय सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है और अपनी रणनीतियों को समायोजित करने के लिए कहा जा रहा है। इस अस्थिरता के बीच निवेशकों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त करने के लिए उपयुक्त अवसरों की पहचान करना महत्वपूर्ण होगा।

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