January 07, 2026 • Updated 1 month ago

अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला: वैश्विक तेल कीमतों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य हमला, तेल रिफाइनरी और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव दर्शाता चित्र

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में किए गए सैन्य हस्तक्षेप ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस कार्रवाई ने न केवल लैटिन अमेरिका की राजनीति को हिला दिया है, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ऑपरेशन ‘सदर्न स्पीयर’: क्या हुआ वेनेजुएला में?

3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने ‘ऑपरेशन सदर्न स्पीयर’ के तहत वेनेजुएला की राजधानी काराकास और उसके आसपास के इलाकों में हवाई हमले किए। इन हमलों में प्रमुख सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर अमेरिका में मुकदमा चलेगा। इसके बाद मादुरो की करीबी सहयोगी डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई।

Read Also : History GK Quiz – Competitive Exams ke liye Important Questions

अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला क्यों किया?

अमेरिका का कहना है कि मादुरो सरकार एक “नार्को-स्टेट” चला रही थी। ट्रंप प्रशासन ने आरोप लगाया कि वेनेजुएला सरकार मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकी गिरोहों को संरक्षण और अमेरिका के खिलाफ साजिशों में शामिल थी।

इसके अलावा, वेनेजुएला के कुछ गिरोहों को अमेरिका ने हाल ही में आतंकवादी संगठन घोषित किया था। अमेरिका का यह भी तर्क है कि वेनेजुएला का तेल “लूटा गया” और अब उसे सही मालिकों यानी जनता के हित में इस्तेमाल किया जाएगा।

हालांकि आलोचकों का कहना है कि यह हमला दरअसल वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर नियंत्रण पाने की कोशिश है।

वेनेजुएला का तेल और वैश्विक महत्व

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चे तेल का भंडार है — लगभग 300 अरब बैरल, जो वैश्विक भंडार का करीब 20% है।

हालांकि, वर्तमान में वेनेजुएला का उत्पादन लगभग 10 लाख बैरल प्रति दिन है, जो वैश्विक उत्पादन का केवल 0.8% है। अमेरिकी प्रतिबंधों और आंतरिक संकट के कारण इसकी उत्पादन क्षमता काफी कम हो गई थी।

वैश्विक तेल कीमतों पर क्या असर पड़ा?

अभी तक वैश्विक तेल बाजार में कोई बड़ा झटका नहीं देखा गया है।

  • कच्चे तेल की कीमतें लगभग $60 प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी हुई हैं।
  • वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA के अनुसार, तेल उत्पादन और रिफाइनरी ढांचे को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
  • प्रमुख बंदरगाह जैसे ला ग्वायरा पोर्ट अभी भी चालू हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों को ध्यान में रखकर तैयार था, इसलिए फिलहाल घबराहट नहीं है। अमेरिका और अन्य देशों का उच्च उत्पादन स्तर एक बफर के रूप में काम कर रहा है।

अब सभी की नजरें OPEC+ की आगामी बैठक पर हैं, जहां उत्पादन नीति में बदलाव हो सकता है।

भारत के लिए इसका क्या मतलब है?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उपभोक्ता है। एक समय भारत वेनेजुएला से बड़ी मात्रा में तेल आयात करता था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने अपने स्रोतों में विविधता लाई है।

Read Also : General Knowledge Quiz Questions and Answers on Chief Ministers of Bihar

भारत पर प्रभाव – मुख्य बिंदु:

  • वर्तमान में भारत की वेनेजुएला पर सीधी निर्भरता बहुत कम है।
  • भारत अब मुख्य रूप से रूस, सऊदी अरब, इराक और अमेरिका से तेल आयात करता है।
  • पूर्व राजदूत आर. विश्वनाथन के अनुसार, भारत की ऊर्जा सुरक्षा फिलहाल सुरक्षित है।

हालांकि, ONGC विदेश लिमिटेड (OVL) ने वेनेजुएला की कुछ तेल परियोजनाओं में भारी निवेश किया है। यदि वहां लंबे समय तक अस्थिरता या शासन परिवर्तन होता है, तो भारत की इन परिसंपत्तियों पर खतरा मंडरा सकता है।

अगर दक्षिण अमेरिका में संघर्ष बढ़ता है और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आता है, तो भारत का तेल आयात बिल बढ़ सकता है। लेकिन जब तक कीमतें $60 के आसपास रहती हैं, तब तक इसका आर्थिक असर सीमित रहेगा।

निष्कर्ष

अमेरिका का वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप लैटिन अमेरिका की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।

भारत के लिए फिलहाल स्थिति संभली हुई है, लेकिन भविष्य में यदि संघर्ष बढ़ता है तो ऊर्जा सुरक्षा और विदेशी निवेश पर असर पड़ सकता है। आने वाले हफ्तों में OPEC+ के फैसले और अमेरिका की आगे की रणनीति तय करेगी कि वैश्विक तेल बाजार किस दिशा में जाता है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: January 07, 2026

Share this post: