January 20, 2026 • Updated 14 day ago

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस अलर्ट: तमिलनाडु में AES सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामलों के बाद तमिलनाडु सरकार द्वारा AES सर्विलांस और स्वास्थ्य अलर्ट जारी

भारत सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल के नदिया ज़िले में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि के बाद देशभर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी कड़ी में तमिलनाडु सरकार ने सभी ज़िला स्वास्थ्य अधिकारियों को एक्यूट एन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) की निगरानी और सुदृढ़ करने के निर्देश जारी किए हैं, विशेष रूप से उन मरीजों पर ध्यान देने को कहा गया है जिनका यात्रा या संपर्क इतिहास पश्चिम बंगाल से जुड़ा हो।

AES मामलों पर कड़ी निगरानी के निर्देश

तमिलनाडु के लोक स्वास्थ्य एवं निवारक चिकित्सा निदेशालय (DPH) ने सभी जिला स्वास्थ्य अधिकारी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और नगरपालिका स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बुखार और मानसिक स्थिति में बदलाव (Altered Sensorium) वाले मरीजों की AES के तहत सख्त निगरानी की जाए। ऐसे मरीजों में निपाह वायरस संक्रमण की संभावना को ध्यान में रखते हुए विशेष जांच की जाए।

स्वास्थ्य मंत्री का बयान

स्वास्थ्य मंत्री मा. सुब्रमणियन ने 19 जनवरी 2026 को बताया कि निपाह वायरस को लेकर सभी आवश्यक दिशा-निर्देश और एहतियाती उपाय जारी कर दिए गए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर्स और सभी सरकारी अस्पतालों के प्रमुखों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

अस्पतालों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट

लोक स्वास्थ्य निदेशक ए. सोमसुंदरम ने कहा कि फील्ड स्तर पर तैयारी और जागरूकता बेहद जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • सरकारी और निजी अस्पतालों को निपाह वायरस की स्थिति से अवगत कराया जाए
  • सभी AES मामलों की सूचना Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP-IHIP) पोर्टल पर तुरंत दी जाए
  • संक्रमण नियंत्रण और केस मैनेजमेंट को मज़बूत किया जाए

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निपाह वायरस कैसे फैलता है?

DPH के दिशा-निर्देशों के अनुसार, निपाह वायरस निम्न तरीकों से फैल सकता है:

  • संक्रमित व्यक्ति के नज़दीकी संपर्क से
  • संक्रमित चमगादड़ों या सूअरों से
  • चमगादड़ों द्वारा छोड़े गए वायरस-युक्त स्राव से
  • गिरे हुए या आधे खाए फलों के सेवन से
  • कच्चा खजूर का रस, ताड़ी या डेट पाम सैप पीने से
  • अस्पतालों में बिना PPE के संपर्क से मानव-से-मानव संक्रमण

निपाह वायरस के लक्षण

निपाह संक्रमण के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

  • तेज बुखार
  • मानसिक भ्रम या चेतना में बदलाव
  • तेज़ कमजोरी
  • सिरदर्द
  • सांस लेने में तकलीफ
  • खांसी
  • उल्टी
  • मांसपेशियों में दर्द
  • दौरे (Convulsions)
  • दस्त

गंभीर मामलों में यह दिमाग में सूजन (Encephalitis) और गंभीर श्वसन रोग का कारण बन सकता है।

मृत्यु दर और जोखिम समूह

निपाह वायरस की मृत्यु दर 40% से 75% तक बताई गई है, जो कुछ प्रकोपों में 100% तक भी हो सकती है।
अधिक जोखिम वाले लोग:

  • फल चमगादड़ों वाले क्षेत्रों में जाने वाले
  • बागानों, गुफाओं या खुले कुओं में जाने वाले
  • बीमार सूअरों के संपर्क में आने वाले लोग

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निपाह से बचाव के उपाय

उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में निम्न सावधानियाँ अपनाने की सलाह दी गई है:

  • कच्चा खजूर रस, ताड़ी या डेट पाम जूस न पिएँ
  • ज़मीन पर गिरे या आधे खाए फल न खाएँ
  • परित्यक्त कुओं और गुफाओं में प्रवेश से बचें
  • बीमार जानवरों के सीधे संपर्क से बचें

स्वास्थ्य कर्मियों के लिए विशेष निर्देश

  • संदिग्ध निपाह मरीजों को तुरंत आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाए
  • अन्य मरीजों से पूर्ण रूप से अलग रखा जाए
  • PPE और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए

निष्कर्ष

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के मामलों के बाद तमिलनाडु सरकार की यह सतर्कता देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। समय पर निगरानी, जागरूकता और सही एहतियाती उपायों से निपाह जैसे जानलेवा वायरस के फैलाव को रोका जा सकता है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: January 20, 2026

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