January 08, 2026 • Updated 1 month ago

भारत ने लॉन्च किया e-B-4 प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट बिजनेस वीज़ा 2026: चीनी प्रोफेशनल्स के लिए नई सुविधा

भारत द्वारा लॉन्च किया गया e-B-4 प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट बिजनेस वीज़ा 2026, जो चीनी तकनीकी विशेषज्ञों को औद्योगिक और PLI प्रोजेक्ट्स के लिए भारत आने की अनुमति देता है

भारत सरकार ने जनवरी 2026 में एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाते हुए e-B-4 Production Investment Business Visa की शुरुआत की है। यह नया ई-वीज़ा खासतौर पर चीनी तकनीकी विशेषज्ञों और निवेश से जुड़े प्रोफेशनल्स के लिए बनाया गया है, जो भारत में औद्योगिक और PLI (Production Linked Incentive) योजनाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं।

इस वीज़ा की घोषणा बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास द्वारा की गई है। इसका उद्देश्य भारत में निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी सहयोग को आसान बनाना है।

e-B-4 प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट बिजनेस वीज़ा क्या है?

e-B-4 वीज़ा एक पूरी तरह से ऑनलाइन बिजनेस वीज़ा है, जिसके तहत चीनी नागरिक डिजिटल माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की दूतावास यात्रा या एजेंट/मिडिलमैन की आवश्यकता नहीं होगी।

यह वीज़ा विशेष रूप से उन प्रोफेशनल्स के लिए है जो:

  • औद्योगिक मशीनरी की इंस्टॉलेशन
  • भारतीय कर्मचारियों को तकनीकी ट्रेनिंग
  • प्रोडक्शन यूनिट का निरीक्षण
  • रणनीतिक बिजनेस मीटिंग
  • PLI से जुड़े प्रोजेक्ट्स

जैसी गतिविधियों में शामिल होते हैं।

e-B-4 वीज़ा की प्रमुख विशेषताएँ

✅ पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

✅ 45–50 दिनों में वीज़ा प्रोसेसिंग

✅ अधिकतम 6 महीने तक भारत में रहने की अनुमति

✅ कोई दूतावास विज़िट आवश्यक नहीं

✅ औद्योगिक और तकनीकी प्रोजेक्ट्स के लिए मान्य

✅ PLI स्कीम से जुड़े निवेशकों के लिए फायदेमंद

भारत को क्यों ज़रूरत पड़ी इस वीज़ा की?

पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के बीच राजनयिक और व्यापारिक चुनौतियाँ देखने को मिलीं। हालांकि, भारत का लक्ष्य है कि वह:

  • मैन्युफैक्चरिंग हब बने
  • विदेशी तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाए
  • PLI योजनाओं को तेज़ी से लागू करे
  • निवेश और उत्पादन को बढ़ावा दे

e-B-4 वीज़ा इसी दिशा में उठाया गया एक संतुलित और व्यावहारिक कदम है।

भारतीय उद्योगों को क्या मिलेगा फायदा?

इस वीज़ा के ज़रिए भारतीय कंपनियाँ:

  • उन्नत विदेशी टेक्नोलॉजी तक पहुँच बना सकेंगी
  • मशीन इंस्टॉलेशन में देरी कम होगी
  • लोकल वर्कफोर्स को बेहतर ट्रेनिंग मिलेगी
  • उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होगा

विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, सोलर, केमिकल और टेक्सटाइल सेक्टर को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

भारत-चीन आर्थिक संबंधों में नया अध्याय

हालाँकि राजनीतिक स्तर पर रिश्तों में उतार-चढ़ाव रहा है, लेकिन आर्थिक सहयोग को अलग रखते हुए भारत ने यह दिखाया है कि वह व्यावहारिक और निवेश-अनुकूल नीति अपनाने के लिए तैयार है।

e-B-4 वीज़ा दोनों देशों के बीच:

  • तकनीकी सहयोग
  • निवेश को बढ़ावा
  • उद्योगिक विश्वास बहाली

में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

निष्कर्ष

e-B-4 Production Investment Business Visa 2026 भारत की आर्थिक और औद्योगिक नीति में एक अहम कदम है। यह न केवल चीनी तकनीकी विशेषज्ञों के लिए भारत में काम करना आसान बनाएगा, बल्कि भारतीय उद्योगों को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेगा।

यह वीज़ा भारत की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें निवेश, तकनीक और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: January 08, 2026

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