January 07, 2026 • Updated 1 month ago

भारत की एविएशन उड़ान: 15 वर्षों में 1,500 नए विमान, ग्लोबल ट्रांजिट हब बनने की तैयारी

भारत का एविएशन प्लान 2026: 15 वर्षों में 1,500 नए विमान और ग्लोबल हब रणनीति

भारत का सिविल एविएशन सेक्टर आने वाले वर्षों में इतिहास की सबसे बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार, अगले 10 से 15 वर्षों तक भारतीय एयरलाइंस हर साल लगभग 100 नए विमान अपने बेड़े में शामिल करेंगी। इस तरह देश का कुल विमान बेड़ा 2,000 से अधिक हो सकता है। यह रणनीति सिर्फ विमानों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को वैश्विक एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

15 साल की महत्वाकांक्षी योजना

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के अनुसार, भारतीय एयरलाइंस के पास पहले से ही हजारों विमानों के बड़े ऑर्डर मौजूद हैं। इन्हीं के आधार पर आने वाले दशक में एविएशन सेक्टर का तेज विस्तार देखने को मिलेगा।

वर्तमान में भारत का कमर्शियल एयरक्राफ्ट बेड़ा लगभग 843 विमानों का है।

  • 2025 में करीब 80 नए विमान जोड़े गए

  • 2026 में लगभग 106 विमानों के शामिल होने की उम्मीद है

यह आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि भारत का एविएशन ग्रोथ ट्रैक पर है।

किन एयरलाइंस से मिलेगी रफ्तार?

इस बड़े विस्तार के पीछे कई प्रमुख खिलाड़ी हैं:

  • एयर इंडिया ग्रुप – वाइड-बॉडी और लॉन्ग-हॉल विमानों का बड़ा ऑर्डर

  • इंडिगो – आक्रामक विस्तार नीति के साथ लगातार नए विमान शामिल

  • अकासा एयर – नए बाजारों में तेजी से पैर पसारती एयरलाइन

  • स्टार एयर जैसी क्षेत्रीय एयरलाइंस – टियर-2 और टियर-3 शहरों पर फोकस

इन सभी के संयुक्त प्रयास से भारत का घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एविएशन नेटवर्क मजबूत होगा।

ग्लोबल हब बनने की रणनीति

सरकार का फोकस सिर्फ विमान बढ़ाने पर नहीं, बल्कि हब-आधारित एविएशन मॉडल पर है। इसका उद्देश्य है:

  • भारत से सीधे लॉन्ग-हॉल इंटरनेशनल फ्लाइट्स बढ़ाना

  • दुबई, दोहा, सिंगापुर जैसे विदेशी ट्रांजिट हब्स पर निर्भरता कम करना

  • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भारत के जरिए ट्रांजिट करने के लिए आकर्षित करना

इसी रणनीति के तहत भोगापुरम (आंध्र प्रदेश) जैसे नए एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं।

अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

इस एविएशन बूम से:

  • लाखों नए रोजगार पैदा होंगे

  • पर्यटन, कार्गो और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी

  • भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा

निष्कर्ष

भारत का एविएशन सेक्टर अब सिर्फ घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रह गया है। आने वाले 15 वर्षों में 1,500 से अधिक नए विमानों की एंट्री और मजबूत एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ भारत खुद को एशिया का अगला बड़ा एविएशन हब बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

अगर यह योजना सफल रही, तो भारत न सिर्फ यात्रियों के लिए, बल्कि ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री के लिए भी एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। ✈️🇮🇳

Soni Singh

By: Soni Singh

Last updated: January 07, 2026

Share this post: