February 13, 2026 • Updated 9 day ago

सोने के भाव में डिस्काउंट का बड़ा खेल! क्या अब गिरेगी कीमत? जानें पूरी रिपोर्ट

भारत में सोने की कीमतों में गिरावट और ज्वेलरी शोरूम में डिस्काउंट ऑफर की तस्वीर

भारत में सोने की कीमतें हाल के महीनों में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब एक दिलचस्प मोड़ पर आ गई हैं। जहां आमतौर पर शादी के सीजन में सोना प्रीमियम पर बिकता है, वहीं इस सप्ताह भारतीय बाजार में सोना अंतरराष्ट्रीय कीमतों के मुकाबले डिस्काउंट पर उपलब्ध रहा। इससे बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब सोने के दाम में गिरावट देखने को मिल सकती है? आइए विस्तार से समझते हैं।


भारत में क्यों शुरू हुई डिस्काउंट सेल?

भारतीय सर्राफा बाजार में इस सप्ताह बुलियन डीलरों ने आधिकारिक घरेलू कीमत (जिसमें 6% आयात शुल्क और 3% जीएसटी शामिल है) पर प्रति औंस 12 डॉलर तक की छूट दी।

इसके मुख्य कारण:

  • 📉 ऊंची कीमतों से मांग में गिरावट

  • 🛑 ग्राहकों का खरीदारी से पीछे हटना

  • 🏦 ज्वेलर्स द्वारा नई खरीद टालना

  • 📊 नीति बदलाव की उम्मीद

पिछले सप्ताह तक मांग मजबूत थी और डीलर्स 70 डॉलर प्रति औंस तक प्रीमियम वसूल रहे थे। लेकिन अचानक कीमतों में उछाल आने से ग्राहक सतर्क हो गए।


ग्राहकों ने क्यों खींचे हाथ?

ज्वेलर्स के अनुसार, मौजूदा कीमतों पर ग्राहक सहज महसूस नहीं कर रहे हैं। भले ही मेकिंग चार्ज पर भारी छूट दी जा रही है, फिर भी शोरूम में भीड़ कम है।

हालिया स्तर:

  • 💰 सोना लगभग ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम

  • 📉 पिछले सप्ताह गिरकर ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम

इस तेज उतार-चढ़ाव ने निवेशकों और ग्राहकों दोनों को असमंजस में डाल दिया है।


सरकार के फैसले पर टिकी बाजार की नजर

बाजार में चर्चा है कि भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के तहत यूएई से लगभग 80 मीट्रिक टन सोने के आयात को रियायती शुल्क पर मंजूरी मिल सकती है।

अगर ऐसा होता है तो:

  • आयात लागत घटेगी

  • घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ेगी

  • कीमतों पर दबाव बन सकता है

इसी उम्मीद में कई डीलर्स फिलहाल नई खरीद टाल रहे हैं।


चीन और एशियाई बाजारों की स्थिति

भारत के विपरीत, चीन में लूनर न्यू ईयर के कारण सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। वहां सोना अंतरराष्ट्रीय स्पॉट कीमतों से लगभग 10 डॉलर प्रति औंस प्रीमियम पर बिक रहा है।

एशियाई बाजारों में:

  • चीन – मजबूत मांग

  • हांगकांग – स्थिर कारोबार

  • सिंगापुर – मामूली उतार-चढ़ाव

  • जापान – सीमित गतिविधि

वैश्विक केंद्रीय बैंक भी लगातार सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं, जिससे लंबी अवधि में कीमतों को समर्थन मिल रहा है।

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क्या आगे गिरेगी सोने की कीमत?

विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकाल में मुनाफावसूली और सुधार देखने को मिल सकता है।

कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक:

  • 🌍 भू-राजनीतिक तनाव

  • 📈 वैश्विक मुद्रास्फीति

  • 🏦 केंद्रीय बैंकों की खरीद

  • 💵 डॉलर की मजबूती

कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक अनिश्चितता बनी रही तो आने वाले वर्षों में सोना नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।


निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

  • पोर्टफोलियो का 10–15% हिस्सा सोना-चांदी में रखें

  • एकमुश्त निवेश के बजाय SIP या चरणबद्ध खरीद अपनाएं

  • गिरावट पर खरीदारी का अवसर देखें

  • लंबी अवधि का नजरिया रखें


निष्कर्ष

भारत में सोने की मौजूदा डिस्काउंट स्थिति मुख्य रूप से कमजोर मांग और संभावित नीति बदलाव की उम्मीद का परिणाम है। हालांकि अल्पकाल में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए दीर्घकाल में सोना अभी भी मजबूत निवेश विकल्प माना जा रहा है।

यदि आप निवेशक हैं तो जल्दबाजी के बजाय बाजार की दिशा और सरकारी नीतियों पर नजर रखते हुए संतुलित रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: February 13, 2026

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