January 09, 2026 • Updated 1 month ago

भारत की महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित 10 शहर: इस शहर ने बरकरार रखा नंबर 1 स्थान, जानें गुरुग्राम की रैंक

भारत के महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर 2025

भारत में महिलाओं के लिए सुरक्षित और समावेशी शहरों की सूची हर साल बदलती रहती है। हाल ही में Avtar Group ने अपनी रिपोर्ट ‘Top Cities for Women in India (TCWI) 2025’ जारी की है, जिसमें देश के 125 शहरों का विश्लेषण कर उनके महिला समावेशन, सुरक्षा और कैरियर विकास को मापा गया। इस रिपोर्ट में महिलाओं के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थल संस्कृति, जीवन की गुणवत्ता और सामाजिक सुरक्षा को प्रमुख मानकों के रूप में लिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु (Bengaluru) ने लगातार महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित और समावेशी शहर का शीर्ष स्थान बनाए रखा है। वहीं, गुरुग्राम (Gurugram) ने पिछले साल की तुलना में अपनी रैंक में सुधार किया है।


बेंगलुरु नंबर 1 क्यों है?

बेंगलुरु ने 2025 में 53.29 का City Inclusion Score (CIS) प्राप्त किया है। इसका मतलब है कि यह शहर औद्योगिक समावेशन और महिलाओं के करियर विकास में सबसे मजबूत प्रदर्शन करता है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • औद्योगिक समावेशन (Industrial Inclusion Score – IIS): उच्च

  • सामाजिक समावेशन (Social Inclusion Score – SIS): टॉप परफॉर्मर

  • कार्यक्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी: उच्च स्तर

बेंगलुरु ने न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षित, समावेशी और सहायक माहौल भी सुनिश्चित किया है।

2025 में महिलाओं के लिए शीर्ष 10 सुरक्षित शहर

रैंक शहर राज्य City Inclusion Score (CIS) Industrial Inclusion Score (IIS) Social Inclusion Score (SIS)
1 बेंगलुरु कर्नाटक 53.29 उच्च / लीडिंग टॉप परफॉर्मर
2 चेन्नई तमिलनाडु 49.86 उच्च उच्च
3 पुणे महाराष्ट्र 46.27 संतुलित संतुलित
4 हैदराबाद तेलंगाना 46.04 संतुलित संतुलित
5 मुंबई महाराष्ट्र 44.49 उच्च संतुलित
6 गुरुग्राम हरियाणा 35.37 उच्च कम
7 कोलकाता पश्चिम बंगाल 34.16 संतुलित संतुलित
8 अहमदाबाद गुजरात 33.80 मध्यम मध्यम
9 तिरुवनंतपुरम केरल 29.90 कम उच्च
10 कोयंबटूर तमिलनाडु 29.59 मध्यम उच्च

TCWI रिपोर्ट के प्रमुख स्तंभ

TCWI 2025 में शहरों के मूल्यांकन के लिए दो मुख्य स्कोर बनाए गए हैं:

  1. सामाजिक समावेशन स्कोर (Social Inclusion Score – SIS):

    • शहर में जीवन की गुणवत्ता

    • महिलाओं की सुरक्षा

    • रोजगार में महिलाओं की भागीदारी

    • महिला सशक्तिकरण

  2. औद्योगिक समावेशन स्कोर (Industrial Inclusion Score – IIS):

    • महिलाओं के लिए समावेशी संगठन

    • समावेशी उद्योग

    • करियर विकास के अवसर

महत्वपूर्ण स्तंभ जो TCWI रिपोर्ट में देखे गए:

  • महिलाओं के कौशल के अनुसार पर्याप्त रोजगार अवसर

  • महिलाओं की सुरक्षा और सामुदायिक सुरक्षा

  • गुणवत्ता और किफायती शिक्षा

  • सुरक्षित और किफायती आवास

  • सुरक्षित और कुशल सार्वजनिक परिवहन

  • भरोसेमंद और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएँ

  • व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के अवसर


भारत में महिला श्रम भागीदारी

2025 के Periodic Labour Force Survey (PLFS) के अनुसार, भारत में महिलाओं की Labour Force Participation Rate (LFPR) 35.1% है।

भारत दुनिया की 4वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक GDP $7.3 ट्रिलियन तक बढ़ने का अनुमान है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने लिंग बजट में 429% वृद्धि की घोषणा की है।

हालांकि, Global Gender Gap Report 2025 के अनुसार, भारत 148 देशों में 131वें स्थान पर है, और जेंडर पैरिटी स्कोर 64.1% है।

महिलाएँ भारतीय जनसंख्या का लगभग 50% हैं, लेकिन केवल 18% GDP योगदान करती हैं, और 90-94% महिलाएँ अनौपचारिक क्षेत्र में काम करती हैं।


निष्कर्ष

बेंगलुरु ने महिलाओं के लिए सुरक्षित और करियर-फ्रेंडली वातावरण बनाए रखने में नंबर 1 स्थान हासिल किया है। वहीं, चेन्नई, पुणे, मुंबई और हैदराबाद जैसे शहर भी महिलाओं के लिए समावेशी और सुरक्षित बन रहे हैं।

हालांकि, महिला श्रम भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकारी नीतियों, शहर योजनाओं और उद्योगों में और सुधार की आवश्यकता है।

महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और रोजगार सुनिश्चित करना विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: January 09, 2026

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