फुटपाथ से शोरूम तक: मऊ के सोनू सोनकर की प्रेरणादायक सफलता की कहानी

  • On: January 31, 2026
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मऊ के सोनू सोनकर की सफलता की कहानी, जिन्होंने फुटपाथ पर कपड़े बेचकर अपना शोरूम खड़ा किया

कहते हैं अगर इंसान के इरादे मजबूत हों और मेहनत करने का जज़्बा सच्चा हो, तो हालात चाहे जैसे भी हों, सफलता ज़रूर मिलती है। उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद के अतरारी गांव के रहने वाले सोनू सोनकर की कहानी इसी बात का जीता-जागता उदाहरण है।
दोस्तों से कर्ज लेकर फुटपाथ पर कपड़े बेचने वाले सोनू आज अपने खुद के शोरूम के मालिक हैं और तीन लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।


सीमित संसाधनों में बीता बचपन

सोनू सोनकर का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाई स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने टाउन इंटर कॉलेज से वर्ष 2020 में इंटरमीडिएट पास किया।
पढ़ाई के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि आगे की पढ़ाई या बड़ा बिजनेस शुरू किया जा सके। घर की जिम्मेदारियों और रोज़गार की मजबूरी ने सोनू को जल्दी काम की राह चुनने पर मजबूर कर दिया।


दोस्तों से कर्ज लेकर की छोटे कारोबार की शुरुआत

रोजगार की तलाश में सोनू ने हिम्मत जुटाकर दोस्तों से मदद मांगी। शुरुआत में कई दोस्त कर्ज देने से झिझक रहे थे, लेकिन सोनू के आत्मविश्वास और मेहनत पर भरोसा कर तीन-चार दोस्तों ने करीब 35 हजार रुपये इकट्ठा कर उन्हें दिए।

इसी पैसे से सोनू ने एक ठेला खरीदा और उस पर जैकेट, लोवर और टी-शर्ट जैसे कपड़े बेचने शुरू किए।
वह रोज़ 4–5 किलोमीटर तक पैदल घूमकर कपड़े बेचते थे। धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बढ़ा और फुटपाथ पर उनकी पहचान बनने लगी।


कोरोना महामारी बनी सबसे बड़ी चुनौती

जब सोनू का काम थोड़ा संभलने लगा, तभी कोरोना महामारी और लॉकडाउन ने सबकुछ रोक दिया। फुटपाथ पर दुकान लगाना बंद हो गया और आमदनी शून्य हो गई।
लेकिन सोनू ने हार मानने के बजाय एक नया रास्ता चुना। परिचित लोगों की मदद से उन्होंने एक छोटा सा कमरा किराये पर लिया और वहीं से कपड़ों की दुकान शुरू की।

वह रोज़ सुबह दुकान खोलते और देर रात तक मेहनत करते। सोनू ने कभी भी क्वालिटी से समझौता नहीं किया और कम दाम में अच्छा सामान देने की नीति अपनाई।


ईमानदारी और मेहनत से मिला ग्राहकों का भरोसा

लगातार मेहनत, ईमानदारी और सही व्यवहार की वजह से ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया। लोग दोबारा आने लगे और दूसरों को भी उनकी दुकान के बारे में बताने लगे।
यही भरोसा सोनू की सबसे बड़ी पूंजी बना।


आज हैं अपने शोरूम के मालिक

करीब 6 से 7 साल के संघर्ष के बाद सोनू सोनकर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। आज वह एक पूरे शोरूम के मालिक हैं।
जिस व्यक्ति के पास कभी अपने खर्च के लिए पैसे नहीं होते थे, वही आज तीन लोगों को रोजगार दे रहा है।

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परिवार और दोस्तों का रहा पूरा सहयोग

सोनू बताते हैं कि इस पूरे सफर में उनके परिवार का साथ सबसे अहम रहा।
जब दोस्त आकर कहते हैं —
“तुमने जो सपना देखा था, वह सच कर दिखाया,”
तो उन्हें अपने संघर्ष पर गर्व महसूस होता है।


युवाओं के लिए प्रेरणा है सोनू सोनकर की कहानी

सोनू सोनकर की सफलता की कहानी यह सिखाती है कि:

  • बड़े सपनों के लिए बड़े पैसे नहीं, बड़ा हौसला चाहिए

  • सीमित साधनों में भी ईमानदारी और मेहनत से सफलता पाई जा सकती है

  • असफलताएं रास्ता रोकने नहीं, रास्ता सिखाने आती हैं


निष्कर्ष (Conclusion)

मऊ के अतरारी गांव से निकलकर फुटपाथ से शोरूम तक का सफर तय करने वाले सोनू सोनकर आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
उनकी कहानी बताती है कि अगर इंसान खुद पर भरोसा रखे और लगातार मेहनत करे, तो किस्मत भी मेहनत के आगे झुक जाती है

Tags: Sonu Sonkar Success Story, | Footpath to Showroom Success Story, | Small Business Success Story India, | Rural Entrepreneur Success Story,
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FAQ's

The CMAT City Intimation Slip is a document released by the National Testing Agency (NTA) that tells candidates the city where their CMAT 2026 exam centre has been allotted. It helps candidates plan travel and stay before the exam day.

No. The city slip only shows the allotted exam city, whereas the CMAT admit card (released later) contains full details including the actual centre address, exam timings, reporting instructions, and entry requirements.

You can download it from the official CMAT website at cmat.nta.nic.in by logging in using your application number and date of birth (or password) once the city slip link is active.

No. Once the city is allotted and shown on the city slip, you cannot change it later. Any changes must have been done during the application or correction window before the city slip was released.

Note your allotted city and prepare travel plans if required.

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