March 21, 2026 • Updated 20 day ago

VBSA Bill 2025 क्या है? Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Bill की पूरी जानकारी

VBSA Bill 2025 क्या है – Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Bill जानकारी

भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने VBSA Bill 2025 (Viksित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक) संसद में पेश किया है। इस विधेयक का उद्देश्य देश के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए एक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित नियामक ढांचा तैयार करना है।

यह बिल नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के आधार पर बनाया गया है। इसके तहत वर्तमान में काम कर रही तीन प्रमुख संस्थाओं — UGC, AICTE और NCTE — को हटाकर एक नई सिंगल अम्ब्रेला कमिशन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

इस लेख में हम जानेंगे कि VBSA Bill क्या है, इसके उद्देश्य, प्रमुख प्रावधान और हाल के अपडेट क्या हैं।


VBSA Bill 2025 क्या है?

Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Bill 2025 एक प्रस्तावित कानून है जिसे केंद्र सरकार ने भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने के लिए पेश किया है।

इस बिल के तहत एक नई शीर्ष संस्था “विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान” बनाई जाएगी, जो देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए नियमन, मानक निर्धारण और मान्यता का कार्य करेगी।

यह संस्था वर्तमान में कार्यरत निम्न संस्थाओं की जगह ले सकती है:

  • University Grants Commission (UGC)
  • All India Council for Technical Education (AICTE)
  • National Council for Teacher Education (NCTE)

इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में अनावश्यक नियमन को कम करना और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।


VBSA Bill 2025 का उद्देश्य

इस विधेयक को लाने के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं:

1. एकल नियामक संस्था की स्थापना

उच्च शिक्षा में मौजूद अलग-अलग नियामक संस्थाओं को मिलाकर एक सिंगल अम्ब्रेला बॉडी बनाना।

2. पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रणाली

विश्वविद्यालयों के लिए टेक्नोलॉजी आधारित सिंगल-विंडो सिस्टम लागू करना जिससे प्रक्रियाएँ तेज और पारदर्शी बनें।

3. वैश्विक स्तर की शिक्षा

देश में विश्व स्तरीय उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित करने और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का लक्ष्य।

4. GER (Gross Enrollment Ratio) बढ़ाना

उच्च शिक्षा में अधिक छात्रों को जोड़ने के लिए ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो बढ़ाने पर जोर।

5. विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्तता

उच्च प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्तता और नवाचार के अवसर प्रदान करना।

6. छात्र-केंद्रित शिक्षा

छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने हेतु समग्र और कौशल आधारित शिक्षा प्रणाली विकसित करना।


VBSA Bill 2025 के प्रमुख प्रावधान

सरकार के अनुसार इस विधेयक में कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं।

1. मौजूदा संस्थाओं का विलय

इन तीन संस्थाओं को नए आयोग में समाहित किया जाएगा:

  • UGC Act 1956
  • AICTE Act 1987
  • NCTE Act 1993

2. तीन स्वतंत्र परिषदों की स्थापना

VBSA के अंतर्गत तीन अलग-अलग परिषदें बनाई जाएंगी:

1. विकसित भारत शिक्षा विनियमन परिषद
(नियामक परिषद)

2. विकसित भारत शिक्षा गुणवत्ता परिषद
(मान्यता परिषद)

3. विकसित भारत शिक्षा मानक परिषद
(मानक निर्धारण परिषद)

3. VBSA फंड की स्थापना

आयोग के लिए एक अलग Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Fund बनाया जाएगा।

4. डिजिटल और फेसलेस सिस्टम

नियमन के लिए फेसलेस, टेक्नोलॉजी-आधारित सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा।

5. सार्वजनिक पारदर्शिता पोर्टल

सभी विश्वविद्यालयों को एक पब्लिक पोर्टल पर निम्न जानकारी साझा करनी होगी:

  • वित्तीय जानकारी
  • ऑडिट रिपोर्ट
  • फैकल्टी और स्टाफ डेटा
  • इंफ्रास्ट्रक्चर
  • पाठ्यक्रम और परिणाम

6. शिकायत निवारण तंत्र

छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूत grievance redressal system बनाया जाएगा।


VBSA Bill पर हाल के अपडेट

इस विधेयक को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा में प्रस्तुत किया गया था।

JPC को भेजा गया

बिल पेश होने के बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (Joint Parliamentary Committee – JPC) के पास भेज दिया गया।

समिति की संरचना

इस समिति में कुल 31 सदस्य शामिल होंगे:

  • 21 सदस्य लोकसभा से
  • 10 सदस्य राज्यसभा से

समिति को उम्मीद है कि वह 2026 के बजट सत्र के पहले भाग के अंत तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

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संवैधानिक आधार

भारत सरकार को उच्च शिक्षा से संबंधित नियमन करने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 246 और सातवीं अनुसूची की यूनियन सूची से प्राप्त होता है।

इसमें यह प्रावधान है कि केंद्र सरकार:

  • उच्च शिक्षा संस्थानों के मानक निर्धारित कर सकती है
  • अनुसंधान एवं तकनीकी संस्थानों का समन्वय और नियमन कर सकती है

इसी आधार पर एकीकृत उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया है।


VBSA Bill से संभावित लाभ

यदि यह विधेयक लागू होता है तो इससे कई फायदे हो सकते हैं:

  • शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी
  • विश्वविद्यालयों के लिए नियामक प्रक्रियाएँ सरल होंगी
  • छात्रों को बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा मिलेगी
  • भारत में वैश्विक स्तर के विश्वविद्यालयों का विकास संभव होगा
  • उच्च शिक्षा में नामांकन दर (GER) बढ़ेगी

निष्कर्ष

VBSA Bill 2025 भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव लाने वाला प्रस्तावित कानून है। इसका उद्देश्य नियामक ढांचे को सरल बनाना, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना और विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्तता देना है।

हालांकि यह बिल अभी संसद में पूरी तरह पारित नहीं हुआ है। इसे लागू होने से पहले लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त करनी होगी।

यदि यह बिल पारित होता है तो भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली में नई संरचना और आधुनिक प्रशासनिक मॉडल देखने को मिल सकता है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: March 21, 2026

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