April 07, 2026 • Updated 3 day ago

23 साल के युवक ने इंटर्नशिप से चुकाया 85 लाख का लोन, फिर भी नहीं मिल रही नौकरी – अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी की नई कहानी

USA Job Crisis 2026: 23 साल के छात्र ने इंटर्नशिप से 85 लाख का लोन चुकाया लेकिन नौकरी नहीं मिली

आज के समय में अच्छी डिग्री, इंटर्नशिप और कड़ी मेहनत के बावजूद नौकरी मिलना आसान नहीं रह गया है। खासकर अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी युवाओं के लिए नौकरी पाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। हाल ही में 23 साल के एक छात्र की कहानी सामने आई है जिसने अपनी इंटर्नशिप की कमाई से लगभग 85 लाख रुपये का एजुकेशन लोन चुका दिया, लेकिन डिग्री पूरी होने के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिल रही है।

यह मामला अमेरिका के युवा Muneeb Iqbal का है, जो जल्द ही University of Southern California से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी करने वाले हैं। उनकी कहानी इस समय अमेरिका में युवाओं के सामने खड़ी रोजगार की समस्या को साफ तौर पर दिखाती है।

इंटर्नशिप से चुकाया 1 लाख डॉलर का लोन

23 वर्षीय मुनीब इकबाल ने Integrated Design, Business and Technology में मास्टर्स की पढ़ाई के दौरान एक इंटर्नशिप की थी। इसी इंटर्नशिप की कमाई से उन्होंने करीब 1 लाख डॉलर (लगभग 85 लाख रुपये) का अपना स्टूडेंट लोन चुका दिया।

हालांकि यह उपलब्धि बड़ी मानी जाती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अभी तक कोई स्थायी नौकरी या नई इंटर्नशिप नहीं मिल पाई है।

मुनीब बताते हैं कि उन्होंने पिछले एक साल में 4000 से अधिक कंपनियों में आवेदन किया, लेकिन अभी तक कहीं से सकारात्मक जवाब नहीं मिला।


अनुभव के बिना नौकरी मिलना मुश्किल

मुनीब ने बताया कि जब उन्होंने LinkedIn पर जॉब पोस्टिंग देखीं तो पाया कि ज्यादातर एंट्री-लेवल जॉब्स में भी कंपनियां कई साल का अनुभव मांग रही हैं।

उनका कहना है:

“अगर कंपनियां हमेशा ज्यादा अनुभव वाले लोगों को ही भर्ती करती रहेंगी, तो भविष्य में सीनियर पदों के लिए नए लोग तैयार ही नहीं होंगे।”

यह समस्या सिर्फ मुनीब तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिका के कई युवा ग्रेजुएट्स इसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।

इंटर्नशिप पाना भी हो गया मुश्किल

अमेरिका में पिछले एक साल में जॉब ग्रोथ की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। इसके चलते नई नौकरियों के साथ-साथ इंटर्नशिप के अवसर भी कम हो गए हैं।

इसी तरह Enrique Torres, जो University of Mount Olive में पढ़ाई कर रहे हैं, ने हाल के महीनों में लगभग दो दर्जन इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया, लेकिन कहीं से जवाब नहीं मिला।

उनकी डिग्री पूरी करने के लिए 12 सप्ताह की इंटर्नशिप अनिवार्य है, लेकिन अवसरों की कमी के कारण वह काफी तनाव में हैं।

इंटर्नशिप पोस्टिंग में आई गिरावट

जॉब साइट Indeed के अनुसार पिछले साल इंटर्नशिप पोस्टिंग्स में गिरावट आई है और यह 2019 के स्तर से भी नीचे चली गई हैं।

सबसे ज्यादा इंटर्नशिप इन क्षेत्रों में देखने को मिली:

  • फार्मेसी – 15.5%
  • मार्केटिंग – 7.7%
  • सिविल इंजीनियरिंग – 5.3%

वहीं करियर प्लेटफॉर्म Handshake के मुताबिक 2025 में औसतन एक इंटर्नशिप पोस्ट पर 109 आवेदन आए, जो पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुने हैं।

कुछ क्षेत्रों में प्रतियोगिता और भी ज्यादा है:

  • टेक्नोलॉजी – 273 आवेदन प्रति पोस्ट
  • फाइनेंस – 192 आवेदन प्रति पोस्ट

बिना अनुभव के युवाओं के लिए स्थिति और कठिन

जॉब प्लेटफॉर्म ZipRecruiter के अनुसार:

  • कॉलेज के दौरान इंटर्नशिप करने वाले लगभग 80% छात्रों को जल्दी नौकरी मिल जाती है
  • जबकि बिना अनुभव वाले केवल 41% ग्रेजुएट्स को नौकरी मिल पाती है

मार्च में अमेरिका में 20-24 साल के युवाओं की बेरोजगारी दर 6.4% रही, जो राष्ट्रीय औसत 4.3% से काफी अधिक है।

अनुभवी उम्मीदवार भी संघर्ष कर रहे

नौकरी की मुश्किल सिर्फ नए ग्रेजुएट्स तक सीमित नहीं है।

Jessica Lopez ने Arizona State University से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री पूरी की। कॉलेज के दौरान उन्होंने:

  • 4 इंटर्नशिप
  • 9 फेलोशिप
  • स्टूडेंट गवर्नमेंट प्रेसिडेंट

जैसे अनुभव हासिल किए।

इसके बावजूद 150 से ज्यादा जॉब आवेदन करने के बाद भी उन्हें मार्केटिंग में फुल-टाइम नौकरी नहीं मिली। फिलहाल वह दो पार्ट-टाइम जॉब कर रही हैं।

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युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर भी जॉब मार्केट पर पड़ रहा है। यदि Iran–Israel–US tensions लंबे समय तक जारी रहते हैं, तो कंपनियां भर्ती प्रक्रिया को और धीमा कर सकती हैं।

लंबे समय में कंपनियों को भी नुकसान

ग्लासडोर के चीफ इकोनॉमिस्ट Daniel Zhao के अनुसार, अगर कंपनियां नए ग्रेजुएट्स को अवसर नहीं देंगी तो इसका असर भविष्य में टैलेंट पाइपलाइन पर पड़ेगा।

उनका कहना है कि:

  • नए ग्रेजुएट्स अपने करियर से भटक सकते हैं
  • कंपनियों को बाहर से महंगे कर्मचारियों को लाना पड़ेगा
  • कंपनी के अंदर विकसित होने वाले कर्मचारी ज्यादा वफादार होते हैं

निष्कर्ष

अमेरिका में इस समय युवाओं के लिए जॉब और इंटर्नशिप का बाजार काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। बढ़ती प्रतियोगिता, कम अवसर और अधिक अनुभव की मांग के कारण नए ग्रेजुएट्स का आत्मविश्वास प्रभावित हो रहा है।

23 वर्षीय मुनीब इकबाल की कहानी यह दिखाती है कि आज के दौर में केवल डिग्री या मेहनत ही पर्याप्त नहीं है। बदलती आर्थिक परिस्थितियां और सीमित अवसर युवाओं के करियर की राह को कठिन बना रहे हैं।

अगर कंपनियां समय रहते नए टैलेंट को अवसर नहीं देंगी, तो भविष्य में उन्हें योग्य और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: April 07, 2026

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