March 18, 2026 • Updated 21 day ago

भारत में साइबर क्राइम के मामले: NCRB रिपोर्ट 2021–2025 का विश्लेषण

NCRB report showing rising cyber crime cases in India with statistics and financial loss data

आज के डिजिटल युग में इंटरनेट और स्मार्टफोन ने लोगों की जिंदगी को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों में भी तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। हाल ही में National Crime Records Bureau (NCRB) द्वारा जारी “Crime in India” रिपोर्ट में भारत में साइबर क्राइम के मामलों में लगातार बढ़ोतरी का खुलासा हुआ है। यह रिपोर्ट Ministry of Home Affairs (MHA) के अंतर्गत जारी की जाती है और देश में होने वाले अपराधों का विस्तृत डेटा प्रस्तुत करती है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में साइबर अपराध के मामलों की संख्या 2021 में 52,974 से बढ़कर हाल के वर्षों में 86,420 से अधिक हो गई है। इसके साथ ही वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए प्रकार के अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे डिजिटल सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है।

NCRB रिपोर्ट क्या है?

National Crime Records Bureau भारत सरकार के Ministry of Home Affairs के अंतर्गत कार्य करने वाली एक एजेंसी है, जो देश में होने वाले अपराधों का डेटा एकत्रित और प्रकाशित करती है।
हर वर्ष “Crime in India” नामक रिपोर्ट जारी की जाती है जिसमें हत्या, चोरी, साइबर अपराध, धोखाधड़ी और अन्य अपराधों से जुड़ी जानकारी दी जाती है।

भारत में साइबर अपराध के बढ़ते मामले

रिपोर्ट के अनुसार भारत में साइबर अपराधों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है।

वर्ष अनुसार साइबर क्राइम केस

वर्ष दर्ज साइबर क्राइम केस
2021 52,974
2022 लगभग 65,000+
2023 86,420+

यह आंकड़े बताते हैं कि भारत में साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल तेजी से हो रहा है।


2025 में साइबर धोखाधड़ी से भारी वित्तीय नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में साइबर अपराधों के कारण लगभग ₹22,495 करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ।
ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, फर्जी कॉल और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराध लोगों को बड़ी आर्थिक क्षति पहुंचा रहे हैं।


भारत में साइबर अपराध के प्रमुख प्रकार

1. ऑनलाइन फ्रॉड

फर्जी वेबसाइट, फर्जी निवेश योजनाएं और ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड सबसे आम साइबर अपराधों में शामिल हैं।

2. डिजिटल अरेस्ट स्कैम

इस स्कैम में अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल करते हैं और लोगों को डराकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

3. फिशिंग अटैक

फर्जी लिंक या ईमेल भेजकर बैंकिंग जानकारी चुराई जाती है।

4. सोशल मीडिया फ्रॉड

फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को ठगा जाता है या ब्लैकमेल किया जाता है।

5. OTP और बैंकिंग धोखाधड़ी

OTP या बैंक डिटेल्स हासिल करके अपराधी खाते से पैसे निकाल लेते हैं।


साइबर अपराध के लिए सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र

NCRB रिपोर्ट के अनुसार साइबर अपराधों के मामले मुख्य रूप से बड़े राज्यों और डिजिटल रूप से सक्रिय क्षेत्रों में अधिक दर्ज किए जाते हैं।

प्रमुख राज्य:

  • महाराष्ट्र

  • कर्नाटक

  • उत्तर प्रदेश

  • दिल्ली

  • तेलंगाना

इन राज्यों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या अधिक होने के कारण साइबर अपराध भी ज्यादा दर्ज किए जाते हैं।

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साइबर अपराध बढ़ने के मुख्य कारण

भारत में साइबर अपराध बढ़ने के कई कारण हैं:

  • इंटरनेट और स्मार्टफोन का तेजी से बढ़ता उपयोग

  • डिजिटल भुगतान का विस्तार

  • साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी

  • नए प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड

  • सोशल मीडिया का दुरुपयोग


सरकार द्वारा उठाए गए कदम

साइबर अपराध से निपटने के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियां कई कदम उठा रही हैं।

प्रमुख पहल

  • साइबर क्राइम पोर्टल की शुरुआत

  • डिजिटल फॉरेंसिक लैब्स का विस्तार

  • साइबर पुलिस स्टेशनों की संख्या बढ़ाना

  • लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना


साइबर अपराध से कैसे बचें

यदि आप ऑनलाइन सुरक्षित रहना चाहते हैं तो इन बातों का ध्यान रखें:

✔ किसी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें
✔ बैंक OTP या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें
✔ केवल भरोसेमंद वेबसाइट से ही ऑनलाइन भुगतान करें
✔ संदिग्ध कॉल या वीडियो कॉल से सावधान रहें
✔ साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें

आप साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर भी कर सकते हैं।


निष्कर्ष

National Crime Records Bureau की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होता है कि भारत में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। डिजिटल दुनिया में बढ़ती सुविधाओं के साथ साइबर सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।

सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहना होगा ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से बचा जा सके।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: March 18, 2026

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