February 27, 2026 • Updated 6 day ago

पीलीभीत में 26 फरवरी 2026 को NAMASTE योजना जागरूकता कार्यक्रम: मैनुअल स्कैवेंजिंग खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम

पीलीभीत गांधी स्टेडियम में NAMASTE योजना जागरूकता कार्यक्रम 2026 के दौरान स्वच्छता कर्मियों को PPE किट वितरण

पीलीभीत, उत्तर प्रदेश। 26 फरवरी 2026 को गांधी स्टेडियम स्थित गांधी प्रेक्षागृह में NAMASTE (National Action for Mechanized Sanitation Ecosystem) योजना के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य मैनुअल स्कैवेंजिंग जैसी खतरनाक प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षा, सम्मान और वैकल्पिक आजीविका प्रदान करना है।

यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के Ministry of Social Justice and Empowerment द्वारा संचालित NAMASTE योजना के तहत आयोजित किया गया, जो सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों (SSWs) के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने पर केंद्रित है।

NAMASTE योजना क्या है?

NAMASTE योजना का लक्ष्य देशभर में सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई कार्य को पूर्णतः यंत्रीकृत (Mechanized) बनाना है, ताकि किसी भी व्यक्ति को जोखिमपूर्ण तरीके से सीवर में उतरना न पड़े।

इस योजना ने पूर्व में संचालित Self Employment Scheme for Rehabilitation of Manual Scavengers (SRMS) का स्थान लिया है और अब इसे शहरी क्षेत्रों, विशेषकर Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation (AMRUT) के 500 शहरों में लागू किया जा रहा है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं:

  • 1 लाख से अधिक सीवर/सेप्टिक टैंक कर्मियों की डिजिटल प्रोफाइलिंग
  • स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड
  • व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट का वितरण
  • सुरक्षा एवं तकनीकी प्रशिक्षण
  • उपकरण खरीदने हेतु अधिकतम ₹5 लाख तक की पूंजी सब्सिडी
  • जागरूकता के लिए IEC अभियान

पीलीभीत कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

पीलीभीत में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्वच्छता कर्मियों को योजना के लाभों से जोड़ना था।

1. PPE किट का वितरण

सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैसों, संक्रमण और अन्य जोखिमों से बचाव के लिए श्रमिकों को PPE किट वितरित की गईं।

2. आयुष्मान कार्ड प्रदान

लाभार्थियों को PM-JAY के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड दिए गए, जिससे वे गंभीर बीमारी की स्थिति में कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकें।

3. वैकल्पिक आजीविका के साधन

प्रशिक्षित श्रमिकों को सिलाई मशीनें प्रदान की गईं, जिससे वे अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें और आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकें।


NSKFDC की भूमिका

इस योजना के वित्तीय संचालन में National Safai Karamcharis Finance and Development Corporation (NSKFDC) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

1997 में स्थापित यह संस्था राज्य एजेंसियों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और अन्य बैंकों के माध्यम से रियायती ब्याज दर (5-6%) पर ऋण उपलब्ध कराती है।

NSKFDC के प्रमुख कार्य:

  • कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा

  • प्रारंभिक पूंजी सब्सिडी

  • गैर-ऋण आधारित कल्याणकारी कार्यक्रम

  • कौशल विकास एवं पुनर्वास सहायता

इस कार्यक्रम में NSKFDC के प्रतिनिधि, राज्य/केंद्र के मंत्रीगण, विधायक एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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पीलीभीत का स्वच्छता परिदृश्य

Pilibhit जिला उत्तर प्रदेश के रोहिलखंड क्षेत्र में स्थित है और नेपाल सीमा से लगा हुआ है। यहां शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियां मौजूद हैं।

पास ही स्थित Pilibhit Tiger Reserve जैसे वन क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का महत्व और बढ़ जाता है।

NAMASTE जैसी पहल छोटे शहरों में स्वच्छता ढांचे को मजबूत करने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही है।

स्वच्छ भारत मिशन के साथ तालमेल

NAMASTE योजना, Swachh Bharat Mission के उद्देश्यों को आगे बढ़ाती है।

मैनुअल स्कैवेंजिंग के कारण पहले हर वर्ष सैकड़ों मौतें दर्ज होती थीं। यंत्रीकरण और सुरक्षा उपायों से इन जोखिमों को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

योजना के व्यापक प्रभाव:

  • स्वच्छता कर्मियों की गरिमा और सम्मान में वृद्धि

  • वित्तीय समावेशन को बढ़ावा

  • आधुनिक मशीनों की खरीद हेतु सब्सिडी

  • सुरक्षित और टिकाऊ शहरी स्वच्छता व्यवस्था


निष्कर्ष

पीलीभीत में आयोजित NAMASTE जागरूकता कार्यक्रम केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि स्वच्छता कर्मियों के जीवन में बदलाव की दिशा में एक ठोस पहल है।

यह कार्यक्रम दर्शाता है कि जब सरकार, वित्तीय संस्थान और स्थानीय प्रशासन मिलकर कार्य करते हैं, तो सामाजिक बदलाव संभव है। आने वाले समय में इस योजना का विस्तार अन्य शहरों तक किया जाएगा, जिससे पूरे देश में सुरक्षित और सम्मानजनक स्वच्छता व्यवस्था स्थापित की जा सके।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: February 27, 2026

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