April 21, 2026 • Updated 1 month ago

भारत का कौन-सा शास्त्रीय नृत्य केवल महिलाओं द्वारा किया जाता है?

मोहिनीयट्टम नृत्य करती हुई केरल की पारंपरिक वेशभूषा में महिला कलाकार

भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपराएँ कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम हैं। जहाँ कथक और ओडिसी जैसे नृत्य पुरुष और महिला दोनों द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं, वहीं एक ऐसा नृत्य भी है जिसे परंपरागत रूप से केवल महिलाओं के लिए ही माना गया — मोहिनीयट्टम।

मोहिनीयट्टम क्या है?

मोहिनीयट्टम केरल की एक प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य शैली है, जिसे “Dance of the Enchantress” यानी मोहिनी का नृत्य कहा जाता है।
यह नृत्य लास्य शैली पर आधारित है, जिसमें कोमलता, सौम्यता और स्त्री-सुलभ भावों की अभिव्यक्ति प्रमुख होती है।

शब्द का अर्थ:

  • मोहिनी = आकर्षित करने वाली स्त्री
  • आट्टम = नृत्य या लयबद्ध गति

इस प्रकार, मोहिनीयट्टम का अर्थ है — मोहिनी का नृत्य


उत्पत्ति और मान्यता

मोहिनीयट्टम का उद्भव केरल में हुआ और इसे संगीत नाटक अकादमी द्वारा मान्यता प्राप्त 8 शास्त्रीय नृत्यों में शामिल किया गया है।

यह नृत्य मंदिर परंपराओं और देवदासी प्रथा से जुड़ा रहा है, जहाँ इसे केवल महिलाएँ ही प्रस्तुत करती थीं।

पौराणिक कथा से संबंध

मोहिनीयट्टम की जड़ें हिंदू पौराणिक कथाओं में गहराई से जुड़ी हैं।
कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप दो बार धारण किया:

  • समुद्र मंथन: असुरों को अमृत से दूर रखने के लिए
  • भस्मासुर वध: भगवान शिव को बचाने के लिए

इन्हीं कथाओं से प्रेरित होकर यह नृत्य स्त्री सौंदर्य और आकर्षण का प्रतीक बना।

लास्य और तांडव का अंतर

प्राचीन ग्रंथ नाट्यशास्त्र के अनुसार नृत्य दो प्रकार के होते हैं:

  • तांडव: शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक (शिव से जुड़ा)
  • लास्य: कोमलता और सौंदर्य का प्रतीक (पार्वती से जुड़ा)

मोहिनीयट्टम लास्य शैली का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है, जिसमें:

  • धीमी, लहराती गतियाँ
  • भावपूर्ण मुखाभिनय
  • कोमल शरीर संचालन

मोहिनीयट्टम की पारंपरिक वेशभूषा

इस नृत्य की पोशाक इसकी पहचान है, जो सादगी और सौंदर्य का प्रतीक है:

  • कसावु साड़ी: सफेद या क्रीम रंग की साड़ी
  • सुनहरी किनारी: गोल्ड बॉर्डर (Kasavu)
  • हेयर स्टाइल: साइड बन (कुडुमा)
  • फूल: चमेली (मुल्ला) से सजावट

यह पूरी वेशभूषा नर्तकी को “चंद्रमा जैसी आभा” प्रदान करती है।


क्या पुरुष मोहिनीयट्टम कर सकते हैं?

परंपरागत रूप से यह नृत्य केवल महिलाओं तक सीमित था, लेकिन आधुनिक समय में इसमें बदलाव आया है।

2024 में केरल कलामंडलम ने अपने पाठ्यक्रम को जेंडर-न्यूट्रल बना दिया, जिससे अब पुरुष भी इसे सीख और प्रस्तुत कर सकते हैं।
फिर भी, आज भी यह नृत्य मुख्यतः महिलाओं द्वारा ही किया जाता है।

मोहिनीयट्टम और भरतनाट्यम में अंतर

विशेषता मोहिनीयट्टम भरतनाट्यम
उत्पत्ति केरल तमिलनाडु
शैली कोमल, लास्य ऊर्जावान, तांडव + लास्य
मूवमेंट गोलाकार, लहराती सीधी, तीव्र
पोशाक सफेद-सुनहरी रंग-बिरंगी

निष्कर्ष

मोहिनीयट्टम न केवल एक नृत्य है, बल्कि यह स्त्री सौंदर्य, भावनाओं और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है।
हालाँकि आज यह सभी के लिए खुला है, फिर भी इसकी आत्मा और पहचान इसे एक महिला-प्रधान शास्त्रीय नृत्य बनाती है।

अगर आप भारतीय संस्कृति को समझना चाहते हैं, तो मोहिनीयट्टम की यह “Enchanting” कला अवश्य अनुभव करें।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: April 21, 2026

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