March 16, 2026 • Updated 23 day ago

CE20 क्रायोजेनिक इंजन क्या है? ISRO ने 22 टन थ्रस्ट स्तर पर सफल ग्राउंड टेस्ट किया

CE20 Cryogenic Engine ground test by ISRO for LVM3 and Gaganyaan mission

भारत की अंतरिक्ष एजेंसी Indian Space Research Organisation (ISRO) ने हाल ही में अपने सबसे शक्तिशाली क्रायोजेनिक इंजन CE20 का 22 टन थ्रस्ट स्तर पर सफल सी-लेवल ग्राउंड टेस्ट पूरा किया है। यह उपलब्धि भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन Gaganyaan और भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

CE20 इंजन भारत के सबसे भारी रॉकेट Launch Vehicle Mark-3 (LVM3) के ऊपरी चरण (C25) को शक्ति प्रदान करता है। इस इंजन की सफल परीक्षण श्रृंखला ने यह साबित कर दिया है कि यह मानव मिशनों के लिए आवश्यक सुरक्षा और विश्वसनीयता के मानकों को पूरा करता है।

CE20 क्रायोजेनिक इंजन क्या है?

CE20 क्रायोजेनिक इंजन भारत द्वारा विकसित एक हाई-थ्रस्ट रॉकेट इंजन है जिसे Indian Space Research Organisation ने विशेष रूप से Launch Vehicle Mark-3 (LVM3) रॉकेट के लिए डिजाइन किया है।

यह इंजन क्रायोजेनिक तकनीक का उपयोग करता है, जिसमें अत्यंत ठंडे तापमान पर रखे गए ईंधन का उपयोग किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से लिक्विड हाइड्रोजन (LH₂) और लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) का इस्तेमाल होता है, जो रॉकेट को अधिक दक्षता और अधिक थ्रस्ट प्रदान करते हैं।

CE20 इंजन भारत की भारी पेलोड क्षमता को बढ़ाने और अंतरिक्ष में बड़े उपग्रहों या मानव मिशनों को भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

CE20 इंजन का सफल ग्राउंड टेस्ट

हाल ही में Indian Space Research Organisation ने महेंद्रगिरि स्थित ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल हॉट-फायर ग्राउंड टेस्ट किया।

इस परीक्षण में इंजन को 22 टन थ्रस्ट स्तर पर चलाया गया और इसके प्रदर्शन, तापमान, दबाव तथा कंपन (vibration) जैसे कई महत्वपूर्ण पैरामीटरों का मूल्यांकन किया गया।

इस सफल परीक्षण से यह प्रमाणित हुआ कि CE20 इंजन:

  • अत्यधिक दबाव और तापमान को सहन कर सकता है

  • लंबी अवधि तक स्थिर प्रदर्शन दे सकता है

  • मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा करता है

यह उपलब्धि Gaganyaan मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

CE20 क्रायोजेनिक इंजन की प्रमुख विशेषताएँ

1. उच्च थ्रस्ट क्षमता
CE20 लगभग 200 kN (करीब 20-22 टन) थ्रस्ट उत्पन्न करता है, जिससे यह भारत के सबसे शक्तिशाली क्रायोजेनिक इंजनों में से एक बन जाता है।

2. गैस जनरेटर साइकिल
यह इंजन Gas Generator Cycle पर कार्य करता है, जो लंबे समय तक स्थिर और विश्वसनीय प्रदर्शन सुनिश्चित करता है।

3. क्रायोजेनिक ईंधन का उपयोग
इसमें लिक्विड हाइड्रोजन और लिक्विड ऑक्सीजन का उपयोग होता है, जिससे रॉकेट को अधिक दक्षता और बेहतर स्पेस मिशन क्षमता मिलती है।

4. रीजेनेरेटिव कूलिंग सिस्टम
इंजन में उन्नत Regenerative Cooling System होता है जो अत्यधिक तापमान के दौरान इंजन को ठंडा रखता है और उसे पिघलने से बचाता है।

5. पूरी तरह स्वदेशी तकनीक
CE20 इंजन पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया है—इसमें टर्बोपंप, कंबशन चेंबर और अन्य सभी प्रमुख घटक स्वदेशी तकनीक से बनाए गए हैं।

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भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए महत्व

CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है:

  • मानव मिशन के लिए विश्वसनीय तकनीक

  • भारी उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने की क्षमता में वृद्धि

  • अंतरिक्ष तकनीक में आत्मनिर्भरता (Self-Reliance) को बढ़ावा

  • भविष्य के चंद्र मिशन और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए मजबूत आधार

विशेष रूप से Gaganyaan मिशन के लिए यह इंजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि मानव अंतरिक्ष उड़ान में उच्च सुरक्षा और भरोसेमंद तकनीक की आवश्यकता होती है।

निष्कर्ष

CE20 क्रायोजेनिक इंजन भारत की अंतरिक्ष तकनीक में एक बड़ी उपलब्धि है। Indian Space Research Organisation द्वारा किए गए सफल ग्राउंड टेस्ट ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब भारी पेलोड और मानव मिशनों को सुरक्षित रूप से अंतरिक्ष में भेजने में सक्षम है।

यह उपलब्धि न केवल Launch Vehicle Mark-3 (LVM3) की क्षमता को मजबूत बनाती है बल्कि भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्तियों की श्रेणी में और अधिक मजबूती से स्थापित करती है। आने वाले समय में यह इंजन भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन, चंद्र अभियानों और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: March 16, 2026

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