January 29, 2026 • Updated 5 day ago

बीटिंग रिट्रीट 2026: विजय चौक पर कार्यक्रम, भारतीय धुनें और समारोह की झलकियाँ

विजय चौक नई दिल्ली में बीटिंग रिट्रीट 2026 समारोह

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का भव्य समापन बीटिंग रिट्रीट समारोह 2026 के साथ होगा। यह समारोह 29 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के विजय चौक में आयोजित किया जाएगा। भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) की बैंड टीमें इस अवसर पर शानदार और प्रेरणादायक धुनों की प्रस्तुति देंगी। यह आयोजन देश के राष्ट्रपति की अध्यक्षता में संपन्न होगा, जो भारतीय सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर भी हैं।

2026 का थीम: ‘वंदे मातरम्’ का 150वाँ वर्ष

इस वर्ष बीटिंग रिट्रीट समारोह का मुख्य विषय है ‘वंदे मातरम्’ का 150वाँ वर्षगांठ, जो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित है। समारोह में केवल भारतीय धुनों का ही प्रदर्शन होगा, जो देश की आत्मनिर्भरता (Aatmanirbharta) और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाता है।

बीटिंग रिट्रीट समारोह 2026: मुख्य आकर्षण

1. प्रमुख प्रदर्शन और बैंड विवरण

बैंड इकाई मुख्य धुनें
मास्ड बैंड (ओपनिंग) कदम कदम बढ़ाए जा
पाइप्स & ड्रम्स बैंड अतुल्य भारत, वीर सैनिक, मिली झुली, नृत्य सरिता, मरूनी, झेलम
CAPF बैंड विजय भारत, हथरोही, जय हो, वीर सिपाही
भारतीय वायु सेना बैंड ब्रेव वारियर, ट्वाइलाइट, अलर्ट, फ्लाइंग स्टार
भारतीय नौसेना बैंड नमस्ते, सागर पवन, मातृभूमि, तेजस्वी, जय भारती
भारतीय सेना बैंड विजयी भारत, आरंभ है, प्रचंड है, ऐ वतन, आनंद मठ, सुगम्य भारत, सितारे हिंद
मास्ड बैंड (फिनाले) भारत के शान, वंदे मातरम्, ड्रमर्स कॉल

समारोह का सर्वोच्च क्षण तब आएगा जब सारे जहां से अच्छा की मधुर धुन के साथ राष्ट्रध्वज को सूर्यास्त के समय निम्न किया जाएगा।

2. विशिष्ट कार्यक्रम और आयोजन स्थल

  • विशिष्ट बैठने की व्यवस्था: विजय चौक पर बैठने की व्यवस्था पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्रों के नाम पर की गई है जैसे बांसुरी, डमरू, मृदंगम, संतूर, शहनाई, सितार और तबला।
  • सम्मानित अतिथि: समारोह में भारत के राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और अन्य शीर्ष अधिकारी उपस्थित होंगे।
  • प्रधान कंडक्टर: पूरा समारोह स्क्वाड्रन लीडर लेइमापोकपम रूपचंद्र सिंह के नेतृत्व में संपन्न होगा।

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बीटिंग रिट्रीट का ऐतिहासिक महत्व

बीटिंग रिट्रीट समारोह की शुरुआत 1950 के दशक में भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स द्वारा की गई थी। इसका मूल उद्देश्य था सूर्यास्त के समय युद्ध समाप्त करना, हथियार रख देना और पीछे हटना, जिसे बगुलों की धुन के साथ पूरा किया जाता था। आज यह समारोह भारतीय सशस्त्र बलों के अनुशासन, एकता और बलिदान का प्रतीक बन गया है।

निष्कर्ष

बीटिंग रिट्रीट 2026 केवल एक सैन्य परंपरा का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक और संगीतात्मक धरोहर का भी प्रतीक है। इस साल की थीम, वंदे मातरम् का 150वाँ वर्ष, हमें देशभक्ति और भारतीय संगीत की समृद्धि से जोड़ती है। विजय चौक पर गूंजती भारतीय धुनें हर दर्शक के दिल को भावविभोर कर देंगी।

Anjali Almiya

By: Anjali Almiya

Last updated: January 29, 2026

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